तेरी महफ़िल से निकल कर भी हम तेरे पास रहे !
जैसे शमा के बुझने पर भी धुआँ साथ रहे !!
तू भले ही भूल जाए मेरी वफ़ा की शिद्दत को !
पर मेरे दिल में हमेशा तेरे जज़्बात रहे!!!
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