देशभक्ति की जीवंत मिसाल थे बिस्मिल,
क्रांति की ज्वलंत मशाल थे बिस्मिल,
भारत की सच्ची संतान थे बिस्मिल,
राष्ट्रभक्त और निष्ठावान थे बिस्मिल,
शायर भी बेमिसाल थे बिस्मिल,
लिखते बहुत कमाल थे बिस्मिल,
हर देशभक्त का सीना उस दिन गर्व से फूला था
जब काकोरी का वह नायक अशफाक उल्लाह खान संग फांसी पर झूला था,
देश को गर्व है उन सरफ़रोशों की शहादत पर,
जो वतन की उन्होंने ताउम्र की उस इबादत पर,
उनकी कुर्बानी का ये देश सदा ऋणी रहेगा,
इस मुल्क का ज़र्रा-ज़र्रा उनकी शान में बस यही कहेगा-
"सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है,
देखना है ज़ोर कितना बाजु-ए-कातिल में है l"
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