मेरे दो अनमोल रतन।
एक कागज एक कलम।।
तीसरा है मीठा वचन।
चौथा मन में ना जलन।।
पांचवा शुद्ध आचरण।
छठा सिम्पल जीवन।।
आठवां मन में लगन।
नौवा मुहब्बत ही धन।।
दसवां चैन शांति अमन।
ग्यारहवां मां और बहन।
बारहवां विद्या को नमन।।
-ममता तिवारी
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