चलो, लोगों में,एक ख़बर फैलाया जाय
भ्रम को ही, बड़ी हकीकत बनाया जाय
आसमान पर ही टिक जाय, सबकी नजर
एक पत्थर ऐसा ही, ऊपर उछाला जाय
वादों में चमक और हरियाली दोनों साथ हो
सब्ज बाग सबको,ऐसा ही दिखाया जाय
सिंहासन की दौड़ को,लोग देशभक्ति समझें
सबको बस,इतना ही, समझाया जाय
सेवा, त्याग, तपस्या, राजनीति में कहां है ,"समदिल"
हमारी जिम्मेदारी है, ढूंढ कर लाया जाय।।
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