मैंने तेरे यादों से ही सजाए हैं मोहब्बत की दीवार,
हर धड़कन ने चुपके से उठाई मोहब्बत की दीवार।।
नफ़रत की बहती हवाओं ने बहुत जोर लगाया मगर,
वफ़ा की मजबूत ईंटों से टिकाई मोहब्बत की दीवार।।
जब कभी दर्द के साये में तन्हा हुआ है दिल मेरा,
तेरी यादों ने फिर से बनवाई ये मोहब्बत की दीवार।।
मुझे देख लोगों ने हँसकर कहा टूट जाएगी एक दिन,
हमने दुआओं से सदा बचाई है मोहब्बत की दीवार।।
मेरे हर आँसू भी गिरे तो बने मोती इस राह में ,
आज हर अश्क ने आकर सजाई मोहब्बत की दीवार।।
मेरी जब तक ये सांसें हैं , ये किस्सा रहेगा ज़िंदा,
दिल ने सदा ही दिल से बसाई मोहब्बत की दीवार।।
-एम के सिंह
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