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मोहब्बत के रंग में मोहे रंग दे..

                
                                                         
                            मोहब्बत के रंग में मोहे रंग दे ओ रंगरेज,
                                                                 
                            
सूने दिल में नया उमंग भर दे ओ रंगरेज।।

फीकी पड़ी है ज़िंदगी के हर इक डोर को ,
मेरे चाहत का मधुर संग दे ओ रंगरेज।।

राहों में बिखरी दिखते तन्हाई की परछाइयाँ,
जीवन के राहों को नया प्रसंग दे ओ रंगरेज।।

सूखे पड़े हैं दिल के बाग़ के सारे ही गुलशन,
आज इश्क़ को मीठी सी तरंग दे ओ रंगरेज।।

मेरे ख़्वाबों को खुशियों की खुशबू से महका दे,
रातों को चाँद की चाँदनी सा ढंग दे ओ रंगरेज।।

आज नफ़रत की धूल से मैला हुआ है जहाँ,
प्रेम का पावन, निर्मल सा गंग दे ओ रंगरेज।।

जब तक मेरे धड़कन में जीवन की रागिनी है,
मोहब्बत का अमिट रंग से मुझे रंग दे ओ रंगरेज।।
-एम के सिंह
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