तेरी मोहब्बत ने मुझको मुरीद बना दिया,
सूखे इस दिल को भी नवनीत बना दिया।।
तेरी नज़र की एक झलक क्या मिली हमें,
हर ख्वाब को तूने आज हकीकत बना दिया।।
तेरे लबों की मुस्कान जब दिल में उतर गई,
ग़म के अंधेरों को भी संगीत बना दिया।।
तेरी वफ़ा की छाँव मिली जब से इस दिल को,
मेरे इस तन्हा सफ़र को तूने प्रीत बना दिया।।
तेरे ख्यालों में ही अब तक डूबा रहा हर पल,
जीवन को तूने एक सुंदर गीत बना दिया।।
मक़्ता :
'कवि एम के सिंह 'तेरी चाहत का यह करिश्मा देखो,
एक साधारण शख्स को शायरी का मीत बना दिया।।
-एम के सिंह
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