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तुम जो मिले

                
                                                         
                            दिल में मचे मेरे हलचल सनम,
                                                                 
                            
तुम जो मिले थोड़ा ठहर मिल जाएगा,
पानी में फूल बन मोहब्बत खिले,
बाहों में तेरी कैसे मुरझाएगा...?

हमनशी हैं हमी, न खुशी में कमी,
तेरे होने से होंठों में है बस नमी,

हमनशी हैं हमी, न खुशी में कमी,
तेरे होने से होंठों में है बस नमी,
ओ रे पिया, मेरा धड़के जिया,
चैन तेरा होके ही अब पाएगा,

दिल में मचे मेरे हलचल सनम,
तुम जो मिले थोड़ा ठहर मिल जाएगा,
पानी में फूल बन मोहब्बत खिले,
बाहों में तेरी कैसे मुरझाएगा...?

गुलशन में गुल, तेरी पैरों से धुल,
हैं सुनाती ग़ज़ल प्यार की वो मृदुल,

गुलशन में गुल, तेरी पैरों से धुल,
हैं सुनाती ग़ज़ल प्यार की वो मृदुल,
सजदा किया, नाम तेरा लिया,
किस्मत में लिख मेरे तूं आएगा,

दिल में मचे मेरे हलचल सनम,
तुम जो मिले थोड़ा ठहर मिल जाएगा,
पानी में फूल बन मोहब्बत खिले,
बाहों में तेरी कैसे मुरझाएगा...?

– ऋषभ भट्ट
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
एक घंटा पहले

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