आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

इन्दीवर: एक महान गीतकार जो हमें जीना सिखा गए, ज़िंदगी के मायने बता गए

साहित्य
                
                                                         
                            दोस्तों ! आज 15 अगस्त है। आप सब जानते हैं कि आज हमारे देश को अंग्रेज़ों की गुलामी से आज़ादी मिली थी, लेकिन आप में से बहुत कम को पता होगा कि आज ही के दिन 1960 के दशक के मशहूर और महान गीतकार इन्दीवर का जन्म झाँसी से 20 किलोमीटर दूर बरुआ सागर कस्बे में हुआ था।
                                                                 
                            

तो क्यों न आज ऐसे गीतकार को याद किया जाए जिनके गीतों में प्रणय-निवेदन, सौंदर्य-बोध, विरह की पीड़ा और रोमांस का उत्सव ही नहीं, देशभक्ति का उत्साह भी है.. नाते-रिश्तों का चटक रंग भी है और जीवन जीने के प्रेरक मंत्र भी.. 

दरअसल पाँच दशक के फिल्मी करियर के दौरान 300 से अधिक फ़िल्मों में 1000 से अधिक गीत लिखने वाले इन्दीवर ऐसे कलमकार हैं जो अपने अल्फाजों में बयाँ एहसासों से पूरी दुनिया को ज़िंदगी के मायने बता गए.. हम सबको जीना सिखा गए.. आगे पढ़ें

मधुवन ख़ुशबू देता है..

एक वर्ष पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर