दर्द की हद से गुज़ारे तो सभी जाएँगे
जल्द या देर से मारे तो सभी जाएँगे
सिर्फ़ मैं ही नहीं बाज़ार की मंदी का शिकार
जेब में ले के ख़सारे तो सभी जाएँगे
नद्दियाँ लाशों को पानी में नहीं रखती हैं
तैरें या डूबें किनारे तो सभी जाएँगे
चाहे कितनी भी बुलंदी पे चला जाए कोई
आसमानों से उतारे तो सभी जाएँगे
मस्जिदें सब को बुलाती हैं भलाई की तरफ़
आएँ न आएँ पुकारे तो सभी जाएँगे
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