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Social Media Poetry: अबकी बार बहुत मुश्किल है होली में घर आना अम्मा !

viral kavya
                
                                                         
                            अबकी बार बहुत मुश्किल है 
                                                                 
                            
होली  में  घर  आना अम्मा !

द्वारे  की  माटी   का  फोटो - 
लेकर  मुझे  अबीर  भेजना
बगिया  के  महुआ  टेसू की
भी   कोई   तस्वीर  भेजना 

फाग गा रहे काका की छोटी
सी क्लिप भिजवाना अम्मा

कहीं खोजना मिल जायेगी
मेरी  पीतल  की पिचकारी 
उसे  किसी  रोते  बच्चे को 
दे  देना  माँ  अबकी  बारी 

क्या बतलाऊँ यहाँ शहर में
है  कितना  वीराना  अम्मा 

अच्छा चलो फोन रखता हूँ
ऑफिस का टाइम हो आया 
क्लोजिंग का भारी दबाब है
कहते   हुये    गला   भर्राया 

बहुत कठिन है त्योहारों में
यूँ खुद को समझाना अम्मा ! 

साभार: ज्ञानप्रकाश आकुल की फेसबुक वाल से
2 दिन पहले

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