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Feng Shui Tips: विंड चाइम से कैसे दूर होती है घर में फैली नकारात्मक ऊर्जा, जानिए महत्व और प्रभाव
अनीता जैन ,वास्तुविद
Published by: Vinod Shukla
Updated Wed, 08 Apr 2026 05:48 PM IST
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सार
फेंगशुई में घर में मौजूद वास्तुदोष को दूर करने के लिए कई तरह के उपाय बताए गए हैं,जिसमें सबसे खास और प्रभावी विंड चाइम को माना जाता है।
धातु से बनी विंड चाइम लगाना शुभ माना जाता है।
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
फेंगशुई और वास्तु में पवनघंटी यानी विंड चाइम को सकारात्मक ऊर्जा का महत्वपूर्ण स्रोत माना गया है। मान्यता है कि इसकी मधुर ध्वनि वातावरण में व्याप्त नकारात्मकता को धीरे-धीरे समाप्त कर जीवन में सौभाग्य और प्रगति के द्वार खोलती है। घर या कार्यस्थल पर सही प्रकार और उचित स्थान पर लगाई गई विंड चाइम न केवल वातावरण को सुखद बनाती है, बल्कि मन में भी शांति और संतुलन का भाव उत्पन्न करती है। इसलिए यदि आप अपने जीवन में तरक्की और शुभता का संचार चाहते हैं, तो पवनघंटी का चयन करते समय उसकी ध्वनि और गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है।
दिशाओं के अनुसार पवनघंटी का चयन
बाजार में विभिन्न प्रकार की विंड चाइम उपलब्ध होती हैं, जैसे लकड़ी, धातु और मिट्टी से बनी हुई। प्रत्येक दिशा का संबंध किसी विशेष तत्व से माना जाता है, इसलिए उसी के अनुरूप पवनघंटी लगाना अधिक लाभकारी होता है।
पूर्व और दक्षिण दिशाओं में काष्ठ तत्व का प्रभाव
पूर्व, दक्षिण-पूर्व (आग्नेय) और दक्षिण दिशा काष्ठ तत्व से संबंधित मानी जाती हैं। इन दिशाओं में लकड़ी से बनी विंड चाइम लगाने से सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह सक्रिय होता है और जीवन में नई संभावनाएं उत्पन्न होती हैं।
पश्चिम और उत्तर दिशा में धातु की पवनघंटी का महत्व
घर की पश्चिम, उत्तर-पश्चिम (वायव्य) और उत्तर दिशा में धातु से बनी विंड चाइम लगाना शुभ माना जाता है। यह वातावरण में संतुलन और शांति बनाए रखने में सहायक होती है तथा पारिवारिक संबंधों में सामंजस्य लाती है।
ईशान और मध्य स्थान के लिए विशेष विकल्प
उत्तर-पूर्व (ईशान) दिशा और घर के मध्य भाग में मिट्टी, क्रिस्टल या सिरेमिक से बनी विंड चाइम लगाना उत्तम माना जाता है। यह सफलता और मानसिक संतुलन को बढ़ाने में सहायक होती है।
दक्षिण-पश्चिम (नैऋत्य) दिशा में पवनघंटी लगाने से पारिवारिक रिश्तों में प्रेम और विश्वास बढ़ता है। यह आपसी समझ को मजबूत करने में मदद करती है।
छड़ की संख्या के अनुसार पवनघंटी का प्रभाव
विभिन्न छड़ों वाली विंड चाइम्स का अलग-अलग महत्व होता है। चार छड़ वाली विंड चाइम मुख्य द्वार के वास्तुदोष को दूर करने में सहायक मानी जाती है, जबकि पांच छड़ वाली पवनघंटी स्वास्थ्य और अध्ययन से जुड़े दोषों को कम करने में उपयोगी होती है।
छह छड़ वाली विंड चाइम ड्राइंग रूम या बच्चों के कमरे में लगाना लाभकारी होता है, जिससे व्यवहार में सकारात्मक परिवर्तन आता है। आठ छड़ वाली पवनघंटी कार्यस्थल पर लगाने से एकाग्रता बढ़ती है और रुकावटें कम होती हैं। वहीं नौ छड़ वाली विंड चाइम घर में प्रेम, सौहार्द और सकारात्मक ऊर्जा को बनाए रखने में सहायक मानी जाती है।
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दिशाओं के अनुसार पवनघंटी का चयन
बाजार में विभिन्न प्रकार की विंड चाइम उपलब्ध होती हैं, जैसे लकड़ी, धातु और मिट्टी से बनी हुई। प्रत्येक दिशा का संबंध किसी विशेष तत्व से माना जाता है, इसलिए उसी के अनुरूप पवनघंटी लगाना अधिक लाभकारी होता है।
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पूर्व और दक्षिण दिशाओं में काष्ठ तत्व का प्रभाव
पूर्व, दक्षिण-पूर्व (आग्नेय) और दक्षिण दिशा काष्ठ तत्व से संबंधित मानी जाती हैं। इन दिशाओं में लकड़ी से बनी विंड चाइम लगाने से सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह सक्रिय होता है और जीवन में नई संभावनाएं उत्पन्न होती हैं।
पश्चिम और उत्तर दिशा में धातु की पवनघंटी का महत्व
घर की पश्चिम, उत्तर-पश्चिम (वायव्य) और उत्तर दिशा में धातु से बनी विंड चाइम लगाना शुभ माना जाता है। यह वातावरण में संतुलन और शांति बनाए रखने में सहायक होती है तथा पारिवारिक संबंधों में सामंजस्य लाती है।
ईशान और मध्य स्थान के लिए विशेष विकल्प
उत्तर-पूर्व (ईशान) दिशा और घर के मध्य भाग में मिट्टी, क्रिस्टल या सिरेमिक से बनी विंड चाइम लगाना उत्तम माना जाता है। यह सफलता और मानसिक संतुलन को बढ़ाने में सहायक होती है।
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नैऋत्य दिशा में संबंधों की मधुरतादक्षिण-पश्चिम (नैऋत्य) दिशा में पवनघंटी लगाने से पारिवारिक रिश्तों में प्रेम और विश्वास बढ़ता है। यह आपसी समझ को मजबूत करने में मदद करती है।
छड़ की संख्या के अनुसार पवनघंटी का प्रभाव
विभिन्न छड़ों वाली विंड चाइम्स का अलग-अलग महत्व होता है। चार छड़ वाली विंड चाइम मुख्य द्वार के वास्तुदोष को दूर करने में सहायक मानी जाती है, जबकि पांच छड़ वाली पवनघंटी स्वास्थ्य और अध्ययन से जुड़े दोषों को कम करने में उपयोगी होती है।
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पवनघंटी के प्रयोग के अन्य प्रयोगछह छड़ वाली विंड चाइम ड्राइंग रूम या बच्चों के कमरे में लगाना लाभकारी होता है, जिससे व्यवहार में सकारात्मक परिवर्तन आता है। आठ छड़ वाली पवनघंटी कार्यस्थल पर लगाने से एकाग्रता बढ़ती है और रुकावटें कम होती हैं। वहीं नौ छड़ वाली विंड चाइम घर में प्रेम, सौहार्द और सकारात्मक ऊर्जा को बनाए रखने में सहायक मानी जाती है।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।