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करनाल लाठीचार्ज मामले की जांच शुरू: 6 किसानों के बयान दर्ज, 2 नवंबर को भाकियू अध्यक्ष चढूनी को भी बुलाया

करनाल के बसताड़ा टोल किसानों पर पर हुए लाठीचार्ज मामले में जांच शुरू हो गई है। सोमवार को आयोग के चेयरमैन एसएन अग्रवाल ने करनाल के पीडब्ल्यूडी रेस्टहाउस में पहुंचकर 6 किसानों के बयान दर्ज किए। हालांकि आयोग की ओर से 7 किसानों को बुलाया गया था लेकिन किसी कारणवंश 6 ही किसान अपने बयान दर्ज कराने पहुंचे। हर किसान से 20 से 30 मिनट तक चेयरमैन अग्रवाल ने बात की और उनके पूरे घटनाक्रम के बारे में पूछा। ये सभी किसान गांव मूनक के रहने वाले थे। 

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से रिटायर्ड जज एसएन अग्रवाल ने बताया कि इस मामले की जांच करीब 4 महीने तक चलेगी। पहले उन्हें एक महीने का समय मिला था लेकिन जिस तरह किसानों व प्रशासन के अधिकारियों व कर्मचारियों के ब्यान दर्ज करने हैं ऐसे में लंबा समय लगेगा। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि वह बुधवार, वीरवार और शुक्रवार इन तीन दिनों तक करनाल रहेंगे और किसानों के बयान  दर्ज करेंगे। फिलहाल करीब 35 किसान है जिनके बयान दर्ज करने है। 

इसके बाद इन किसानों के बयान दर्ज करने के अलावा और किसानों के नाम आएंगे तो उन्हें भी बयान के लिए बुलाया जाएगा। इसके साथ ही पत्रकारों को भी बुलाया जाएगा और ब्यान दर्ज किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि 2 नवंबर को किसान यूनियन के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढुनी को बुलाया गया है। उनके भी बयान दर्ज किए जाऐंगे। 

इसके बाद करनाल डीसी निशांत कुमार, एसपी गांगाराम पूनिया, एसडीएम आयुष सिन्हा सहित अन्य पुलिस कर्मचारियों के बयान दर्ज किए जाएंगे। बता दें काछवा रोड स्थित पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट से रिटायर्ड जज एसएन अग्रवाल सुबह करीब 9 बजे पहुंच गए थे। 

इस दौरान उनके द्वारा बयान दर्ज कराने के लिए गांव मूनक से हरविंद्र सिंह, अपार सिंह, दलेर सिंह, देवेंद्र सिंह, बलविंद्र सिंह रधुबीर सिंह व सहराज सिंह को बुलाया गया था। सहराज किसी कारण से पहुंच नहीं पाया। किसानों ने बताया कि रिटायर्ड जज ने उन्हें 28 अगस्त को बसताड़ा टोल पर हुए लाठीचार्ज के बारे में पूछा तो उन्होंने पूरा घटनाक्रम उन्हें बताया जो उनके सामने हुआ था। 

यह भी पढ़ें : नारनौल: बिमला मर्डर केस में गैंगस्टर विक्रम पपला दोषी करार, कोर्ट कल सुनाएगी सजा, 23 गोलियां मारकर की थी हत्या

एसडीएम आयुष सिन्हा के बारे में भी उन्होंने बताया और साथ ही इंस्पेक्टर हरजिंद्र सिंह की भी पूरी भूमिका बताई कि उनकी आंखों के सामने इन्होंने क्या क्या किया। एसडीएम सोशल मीडिया पर वायरल बयान को लेकर उन्होंने कहा कि वह उस जगह पर नहीं थे। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से ही एसडीएम के सिर फोड़ने के बयान सुने थे लेकिन बसताड़ा टोल पर एसडीएम आयुष सिन्हा मौजूद थे। अब बुधवार को अन्य 6 किसानों के बयान दर्ज किए जाएंगे।
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बयान दर्ज करवाने पहुंचे किसान। बयान दर्ज करवाने पहुंचे किसान।

नारनौल: बिमला मर्डर केस में गैंगस्टर विक्रम पपला दोषी करार, कोर्ट कल सुनाएगी सजा, 23 गोलियां मारकर की थी हत्या

नारनौल के गांव खैरोली की रहने वाली महिला बिमला के मर्डर मामले में गैंगस्टर विक्रम उर्फ पपला को दोषी करार दिया गया है। एडिशनल सेशन जज सुधीर जीवन की अदालत ने उसे सोमवार को दोषी बताया। न्यायाधीश मंगलवार को हत्यारे को सजा सुनाएंगे। पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता अजय चौधरी ने कहा कि मंगलवार को वो फांसी की सजा के लिए दलीलें देंगे। वहीं, आरोपी पक्ष के अधिवक्ता कुलदीप भरगड़ ने कहा कि वो इस मामले में हाईकोर्ट जाएंगे। इसी केस में छह आरोपी पहले बरी हो चुके हैं।

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महिला के भाई और उसके बड़े बेटे की हत्या का भी पपला पर आरोप
बता दें कि विक्रम उर्फ पपला पर बिमला के भाई महेश एवं उसके बड़े बेटे संदीप की हत्या का आरोप था। विक्रम उर्फ पपला उक्त मामले में राजीनामा करना चाहता था। लेकिन बिमला राजीनामे के लिए बिल्कुल तैयार नहीं हुई। बाद में 21 अगस्त 2015 की रात बिमला अपने घर पर सो रही थी, उस रात विक्रम उर्फ पपला एवं उसके साथियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।

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बिमला के पिता की हत्या भी पपला ने की
बिमला को 23 गोलियां लगी थी। बाद में विक्रम उर्फ पपला ने नवंबर 2015 में बिमला के पिता श्रीराम निवासी बिहारीपुर नांगल चौधरी की भी हत्या कर दी थी। वह अपने बेटे महेश की हत्या का गवाह था। सोमवार को बिमला की हत्या के मामले में नारनौल कोर्ट में तारीख थी। कोर्ट ने उसको दोषी करार दिया है और मंगलवार को उसको सजा दी जाएगी।
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रोहतक: बेटी के साथ गली में टहल रही महिला की डेढ़ तोले की चेन छीनी, आरोपी सीसीटीवी में कैद

रोहतक के सुखपुरा चौक के नजदीक छोटू राम नगर में एक युवक झपट्टा मारकर महिला की चेन तोड़कर ले गया। वारदात रात करीब 8 बजे उस समय हुई, जब महिला अपनी बेटी के साथ गली में टहल रही थी। आरोपी भागते समय सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया है। सिटी थाने में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के मुताबिक महिला रूबी ने शिकायत दी है। जिसमें बताया गया है कि वह छोटू राम नगर की गली नंबर-6 में रहती है।

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सोनीपत: गोदाम पर गुजरात पुलिस का छापा, यहां से लाखों की शराब तस्करी का है आरोप

पैदल ही आया था आरोपी
रात करीब 8 बजे बेटी वंशिका के साथ गली में टहल रही थी। अचानक पीछे से पैदल ही एक युवक आया और उसकी डेढ़ तोले सोने की चेन तोड़ ली। उसने परिजनों को पूरे मामले से अवगत कराया। परिजनों ने पुलिस के कंट्रोल रूम में शिकायत की। पुलिस मौके पर पहुंची। जांच-पड़ताल में युवक नजदीक के सीसीटीवी कैमरे में भागते समय दिखाई दे रहा है। युवक ने टी-शर्ट व सफेद रंग की पेंट और पैरों में स्लीपर पहन रखे थे। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। ... और पढ़ें

सोनीपत: गोदाम पर गुजरात पुलिस का छापा, यहां से लाखों की शराब तस्करी का है आरोप

सोनीपत के आईटीआई चौक के पास स्थित एक शराब के गोदाम पर गुजरात पुलिस की एक टीम ने छापामार कार्रवाई की। आरोप है कि गोदाम से गुजरात में लाखों की शराब तस्करी की गई। गुजरात में पकड़े गए शराब तस्करों ने ठेकेदार के गोदाम की पहचान कर ली है। गुजरात पुलिस ने जांच के आधार पर शराब ठेके पर रेड की।

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कुरुक्षेत्र: डीएपी के साथ सल्फर और बीज लेने का दबाव बना रहा था दुकानदार, भाकियू ने वीडियो बनाकर शिकायत दी तो पड़ा छापा

रविवार को गुजरात के जूनागढ़ की क्राइम ब्रांच की टीम शराब के गोदाम पर आई थी। टीम का नेतृत्व डीएसपी जुगल पुरोहित कर रहे थे। सदर थाना पुलिस उनके साथ थी। दोनों पुलिस टीमों ने गोदाम पर ठेकेदार की तलाश की। पुलिस की टीम ने खरखौदा थाना क्षेत्र में उसके गांव में भी छापा मारा, लेकिन वह नहीं मिल सका। आरोप है कि यहां से लाखों रुपये की शराब की तस्करी की गई है। ... और पढ़ें

कुरुक्षेत्र: डीएपी के साथ सल्फर और बीज लेने का दबाव बना रहा था दुकानदार, भाकियू ने वीडियो बनाकर शिकायत दी तो पड़ा छापा

सांकेतिक तस्वीर।
डीएपी खाद की चल रही किल्लत के बीच रविवार को भाकियू द्वारा कुरुक्षेत्र में एक पेस्टीसाइड विक्रेता की दुकान पर स्टिंग ऑपरेशन किया गया। इस दौरान विक्रेता का एक वीडियो रिकॉर्ड कर शिकायत के साथ कृषि विभाग को सौंपा गया। शिकायत आने पर कृषि विभाग की टीम ने अरुणाय रोड पर स्थित पेस्टीसाइड विक्रेता के गोदाम में छापेमारी की। यहां टीम को डीएपी खाद की खेप बरामद हुई। आरोप है कि विक्रेता के पास इस खाद का कोई स्टॉक का रिकॉर्ड नहीं था।

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भाकियू ने दी घेराव की चेतावनी
इसके बाद विभाग की टीम ने कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को शिकायत दे दी है। वहीं, भाकियू ने विक्रेता पर 48 घंटे में कार्रवाई न करने पर विभाग के डिप्टी डायरेक्टर या एसडीओ पिहोवा के कार्यालय का घेराव करने की चेतावनी दी है। जानकारी के मुताबिक भारतीय किसान यूनियन को पिछले काफी समय से इस पेस्टीसाइड विक्रेता के खिलाफ शिकायत मिल रही थी कि यह किसानों को डीएपी खाद नहीं दे रहा और खाद देने के बदले अपनी शर्त जबरन लगा रहा है।

दुकान पर जाकर मांगी थी खाद
किसानों ने दुकानदार का स्टिंग करते हुए वीडियो बना लिया और इसकी सूचना कृषि विभाग को दी। जिसके बाद विभाग की टीम ने जब पेस्टीसाइड विक्रेता की दुकान व गोदाम को चेक किया, तो उसमें लगभग 82 बैग डीएपी बरामद किया गया। स्टिंग करने पहुंचे भाकियू कार्यकर्ता ने मंडी के सामने पेस्टीसाइड की दुकान पर जाकर 15 कट्टे डीएपी मांगा। इस पर विक्रेता ने कहा कि उनके पास डीएपी के साथ सल्फर और बीज दोनों मिलेगा।

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82 कट्टे खाद की गई बरामद
दुकानदार ने कहा कि 600 रुपये की सल्फर खरीदनी पड़ेगी, फिर वह 1200 रुपये का डीएपी का कट्टा देगा। बाद में यह वीडियो कृषि विभाग के अधिकारियों शिकायत के साथ सौंपा गया। टीम में शामिल विभाग के एसडीओ मनीष वत्स ने बताया कि लगभग 82 बैग डीएपी खाद के दुकानदार के गोदाम से बरामद हुए हैं। जिनका स्टॉक में कोई जिक्र नहीं था। फिलहाल मामले में कार्रवाई के लिए शिकायत उच्चाधिकारियों को दे दी गई है।

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सरकार कालाबाजारी के खिलाफ ले एक्शन
भारतीय किसान यूनियन के नेता प्रिंस वड़ैच का कहना है कि गेहूं का सीजन सिर पर आ गया है। ऐसे में जमकर डीएपी खाद की कालाबाजारी की जा रही है। धीरे-धीरे बाजार से खाद गायब कर दिया गया है। सीजन आने पर किसानों के सामने खाद के साथ महंगी पेस्टीसाइड दवा खरीदने की शर्तें रखी जाएंगी। इसलिए सरकार को समय रहते कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए, वरना किसानों को मजबूरन एक और आंदोलन खड़ा करना पड़ेगा।
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नृशंस हत्याकांड: सोनीपत के कुंडली बॉर्डर पर मारे गए लखबीर सिंह के अन्य हत्यारोपियों की तलाश में जुटी पुलिस

सोनीपत के कुंडली बॉर्डर पर पंजाब के लखबीर सिंह की नृशंस हत्या करने के आरोपी निहंगों से पुलिस टीम लगातार पूछताछ कर रही है। उनसे अन्य आरोपियों के बारे में पूछताछ की जा रही है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक रिमांड के दौरान आरोपी एसआईटी को लगातार उलझाने का प्रयास कर रहे हैं। आरोपियों ने अन्य लोगों को पहचानने से इनकार कर दिया है। पुलिस अब बॉर्डर से अन्य जत्थों के निहंगों से वीडियो में दिख रहे लोगों की पहचान कराने का प्रयास कर रही है।

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एसआईटी की दो टीमें लखबीर की हत्या के आरोपी निहंग सरबजीत, नारायण सिंह, भगवंत सिंह और गोविदं प्रीत से पूछताछ कर रही हैं। एक सप्ताह के रिमांड में जरूरी जानकारी नहीं मिलने पर एसआईटी ने दो दिन का अतिरिक्त रिमांड और लिया है। वह सोमवार को पूरा हो रहा है। ऐसे में निहंग एसआईटी को बार-बार गुमराह कर रहे हैं।

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वीडियो फुटेज से 20 से 25 निहंग चिह्नित
एसआईटी ने वीडियो के आधार पर करीब 24-25 निहंगों को चिह्नित किया है। उनके फोटो निकलवा लिए हैं। उसके आधार पर पहचान कराने का प्रयास किया जा रहा है। रिमांड के दौरान आरोपियों से बार-बार उनकी पहचान जानने का प्रयास किया जा रहा है। 
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जींद: जुलाना में साइफन खुलवाने पहुंचे अधिकारियों पर हमला, ड्यूटी मजिस्ट्रेट, एसडीओ और एसएचओ समेत कई पुलिसकर्मी घायल, गाड़ी तोड़ी

जींद जिले के बराड़ खेड़ा और बुआना गांव के बीच रविवार दोपहर बाद साइफन खुलवाने पहुंचे अधिकारियों पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। इसमें ड्यूटी मजिस्ट्रेट, सिंचाई विभाग के एसडीओ, जुलाना थाना प्रभारी और पुलिसकर्मियों को चोटें आई हैं। इनको नागरिक अस्पताल में दाखिल करवाया गया है। इसके बाद बिना साइफन खुलवाए ही प्रशासनिक अमले को लौटना पड़ा। इस बीच एक किसान ने पेड़ पर फंदा लगाकर जान देने का प्रयास किया, लेकिन पुलिसकर्मियों व ग्रामीणों ने उसे बचा लिया।

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बुआना के लोगों ने लगाया जाम
घटना के बाद बुआना के लोगों ने किनाना गांव के पास जींद-रोहतक मार्ग पर जाम लगा दिया और कहा कि वह किसी भी हालत में बुआना गांव की ओर पानी की निकासी नहीं होने देंगे। बता दें कि बराड़ खेड़ा व बुआना गांव में पिछले दिनों हुई बारिश से खेतों में पानी भरा हुआ है। इससे किसानों की पकी फसल खराब हो गई। ग्रामीण बार-बार प्रशासन से पानी निकालने की गुहार लगा रहे हैं। बराड़ खेड़ा गांव में करीब 400 एकड़ फसल में पानी भरा हुआ है।

कई बार हो चुकी हैं पंचायतें
बराड़ खेड़ा व बुआना के बीच पानी की निकासी को लेकर कई बार पंचायतें भी हो चुकी हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका। बराड़ खेड़ा के लोगों ने प्रशासन से पानी निकासी के लिए साइफन खुलवाने की मांग की है। नायब तहसीलदार दीपक को ड्यूटी मजिस्ट्रेट बनाकर प्रशासनिक अमला पुलिस बल के साथ बराड़ खेड़ा व बुआना के बीच पहुंचा और साइफन को खुलवाने लगा।

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प्रशासनिक अमला वापस लौटा
वहां पर ग्रामीणों ने इसका विरोध किया और अधिकारियों पर हमला कर दिया। इस हमले में नायब तहसीलदार दीपक, सिंचाई विभाग के एसडीओ जितेंद्र, थाना प्रभारी समरजीत व कुछ पुलिसकर्मियों को चोटें आई हैं। ग्रामीणों ने नायब तहसीलदार की गाड़ी के शीशे भी तोड़ दिए। इसके बाद प्रशासनिक अमला बिना साइफन खुलवाए ही बैरंग लौट आया। घायल अधिकारियों को नागरिक अस्पताल में दाखिल करवाया गया है। डीसी नरेश नरवाल ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है।

 
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जींद: नाराज किसान बोले-साइफन खुलता तो बर्बाद हो जाती 40 एकड़ में खड़ी फसल, 18 लाख में ली है ठेके पर, इसलिए किया अफसरों पर हमला

जींद जिले के गांव बुआना व बराड़ खेड़ा के बीच में लगा साइफन खुलवाने को लेकर अधिकारियों पर हमला पहले से ही खेतों में भरे पानी से परेशान किसानों के गुस्से का नतीजा है। बराड़ खेड़ा गांव की 400 एकड़ फसल में पानी भरा है। वहीं, बुआना में भी 300 से अधिक एकड़ में जलभराव है। किसान जलभराव से पहले ही परेशान हैं। जब प्रशासनिक अमला बराड़ खेड़ा की तरफ से साइफन खुलवाने गया, तो पहले से परेशान ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। वहीं, बुआना के लोगों ने साइफन को बंद रखने की मांग को लेकर किनाना में जाम लगा दिया।

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अमित ने जमीन ले रखी है ठेके पर
हुआ यूं कि गांव बुआना निवासी अमित ने 40 एकड़ जमीन 18 लाख रुपये में ठेके पर ली हुई है। उसकी जमीन बराड़ खेड़ा गांव के खेतों से लगती है। अमित की धान की फसल में फिलहाल दो-तीन फुट पानी भरा है। प्रशासनिक अमला यहां लगे साइफन को खुलवाने के लिए गया था। अमित के पिता जयभगवान उस समय मौके पर मौजूद थे। जयभगवान ने कहा कि यदि यह साइफन खुल गया, तो उसकी पहले ही खराब फसल और बर्बाद हो जाएगी। इसलिए उसने साइफन खोलने का विरोध किया।

अफसर नहीं माने तो जान देने का प्रयास
जब प्रशासनिक अधिकारी नहीं माने, तो जयभगवान ने अपने पायजामे के साथ पास खड़े पेड़ से फंदा लगाने का प्रयास किया। मौके पर मौजूद नायब तहसीलदार दीपक, सिंचाई विभाग के एसडीओ जितेंद्र, जुलाना थाना प्रभारी समरजीत ने जयभगवान को पेड़ से उतार दिया। इस कारण विवाद बढ़ गया और प्रशासनिक अधिकारियों व ग्रामीणों के बीच खींचतान बढ़ गई।

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आखिर किसने की पत्थरबाजी शुरू
इसी बीच किसी ने प्रशासनिक टीम पर पत्थरबाजी कर दी। देखते ही देखते मामला बिगड़ गया। इस हमले में नायब तहसीलदार दीपक, सिंचाई विभाग के एसडीओ जितेंद्र, जुलाना थाना प्रभारी समरजीत घायल हो गए। ग्रामीणों ने तहसीलदार की गाड़ी के शीशे भी तोड़ दिए।

1995 में भी जलनिकासी को लेकर हुआ था विवाद
बराड़ खेड़ा और बुआना गांव के बीच मौजूद माइनर के नीचे से बारिश के पानी की निकासी को लेकर साइफन दबाया हुआ है। 1995 में भी बुआना गांव के लोगों ने साइफन से पानी नहीं निकलने दिया था। उसी समय से दोनों गांवों के बीच विवाद चल रहा है। बुआना के लोगों का कहना है कि वह किसी भी कीमत पर पानी की निकासी अपने खेतों में नहीं होने देंगे। ग्रामीणों ने कहा कि प्रशासन किसी के दबाव में जबरदस्ती साइफन खोलना चाहता है। यदि यह साइफन खुला तो बुआना के खेतों के साथ-साथ गांव में भी पानी घुस जाएगा।
 
खेतों से बारिश के पानी की निकासी के लिए प्रशासनिक अमला बराड़ खेड़ा व बुआना गांव के बीच माइनर पर रविवार दोपहर बाद पहुंचा। प्रशासन ने साइफन खुलवाने का प्रयास किया, तो ग्रामीणों ने प्रशासनिक अमले पर पथराव कर दिया। इसमें मेरे समेत कई अन्य कर्मचारियों को चोटें आई हैं।
-दीपक, नायब तहसीलदार एवं ड्यूटी मजिस्ट्रेट

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बुआना गांव के एक ग्रामीण ने पेड़ पर लटककर फंदा लगाने का प्रयास किया। पुलिस और ग्रामीणों ने उसे पेड़ से नीचे उतार लिया। ग्रामीणों ने साइफन को लेकर विरोध किया और ईंट और डंडों से प्रशासनिक अमले पर हमला कर दिया। फिलहाल मामले की जांच चल रही है।
-समरजीत सिंह, थाना प्रभारी, जुलाना

 
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चरखी दादरी: खाद के लिए थाने के बाहर सुबह तीन बजे से लगी किसानों की कतार, छह घंटे बाद भी नहीं बंटे टोकन

चरखी दादरी जिले में खाद की किल्लत बरकरार है। सोमवार अलसुबह तीन बजे ही किसान खाद लेने के लिए सदर थाने के बाहर पहुंच गए। सुबह नौ बजे तक 500 से अधिक किसान थाने के बाहर टोकन लेने पहुंच गए। हालांकि नौ बजे तक भी टोकन वितरण शुरू नहीं हुआ और इसके चलते किसानों ने रोष जताया।

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वहीं, लाइन में नंबर को लेकर भी किसान एक-दूसरे से उलझते नजर आए। सूत्रों के अनुसार दादरी में चार ट्रकों में करीब दो हजार बैग खाद के पहुंचे हैं, जबकि किसानों की तादाद इससे अधिक है। कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि एक किसान को दो ही बैग दिए जाएंगे। अभी खाद की सप्लाई कम है।

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बता दें कि किसानों में खाद की कमी को लेकर रोष है। प्रदेश में कई जगह किसान इसके विरोध में जाम लगा चुके हैं और एक-दो जगह तो पुलिस पर पथराव भी कर चुके हैं। अभी खाद की अधिक सप्लाई भिवानी और सिरसा के अलावा करनाल में हो रही है। पंचकूला में सप्लाई सबसे कम है।
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