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पहाड़ों में बर्फबारी का हरियाणा में असर: इस माह तापमान सामान्य रहने की संभावना, आधा अप्रैल भी रहेगा कूल

माई सिटी रिपोर्टर, हिसार (हरियाणा) Published by: Naveen Updated Tue, 17 Mar 2026 09:12 AM IST
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सार

हरियाणा के जिलों में न्यूनतम तापमान में भी गिरावट आई है। यह गिरावट अभी बनी रहेगी। 18 मार्च के बाद सक्रिय होने वाले विक्षोभ की तीव्रता इससे भी अधिक है। जिस कारण बारिश व तेज हवाओं के चलने की उम्मीद है। अब पूरे मार्च महीने में तापमान अधिक नहीं जाएगा।

Impact of Snowfall in Mountains on Haryana Temperatures Likely to Remain Normal This Month
हरियाणा में मौसम में बदलाव। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

पश्चिमी विक्षोभ के चलते पिछले दो दिन से हुई बारिश के बाद अधिकतम तापमान में गिरावट आई है। प्रदेश के 10 जिलों में बारिश होने से तापमान सामान्य से नीचे आ गया है। तीन दिन पहले हिसार का अधिकतम तापमान 38 डिग्री के करीब दर्ज किया जा रहा था। तीन दिन में यह तापमान 27 डिग्री सेल्सियस पर आ गया है। 17 व 18 मार्च को मौसम साफ रहेगा। 19 से फिर बूंदाबांदी- बारिश के आसार हैं। साथ ही तेज आंधी चलने की उम्मीद जताई जा रही है।

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पिछले दो दिन में फतेहाबाद, रोहतक, चरखी-दादरी, अंबाला, करनाल में बारिश की गतिविधियां दर्ज की गई। 30 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से चली हवाओं व बारिश के चलते फसलें भी गिरी हैं। सोमवार को अंबाला व करनाल में बारिश हुई है। मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि 17 मार्च को राज्य में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। 18-21 मार्च के दौरान कहीं बूंदाबांदी व ओलावृष्टि होने की संभावना है। मौसम विशेषज्ञ डाॅ. चंद्रमोहन ने बताया कि इस विक्षोभ के बाद दिन व रात दोनों तापमान में गिरावट आई है। दिन का अधिकतम तापमान 38 डिग्री से कम होकर 27 डिग्री के आसपास आ गया है।
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प्रदेशभर के जिलों में न्यूनतम तापमान में भी गिरावट आई है। यह गिरावट अभी बनी रहेगी। 18 मार्च के बाद सक्रिय होने वाले विक्षोभ की तीव्रता इससे भी अधिक है। जिस कारण बारिश व तेज हवाओं के चलने की उम्मीद है। अब पूरे मार्च महीने में तापमान अधिक नहीं जाएगा। अप्रैल माह का पहला पखवाड़ा भी ठंडा रहेगा। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय वरिष्ठ गेहूं वैज्ञानिक डॉ. ओपी बिश्नोई ने कहा कि किसानों को इस समय सिंचाई नहीं करनी चाहिए। इस समय गेहूं की फसल में सिंचाई करने से फसल गिरने की आशंका है।

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