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हिमाचल: एचआरटीसी बस की ब्रेक फेल, चालक की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा

हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में सलाणा से करसोग जा रही बस के शोरशन के समीप अचानक ब्रेक फेल हो गए। चालक ने सूझबूझ का परिचय देकर बस को मुख्य मार्ग के साथ हलकी चढ़ाई वाले संपर्क मार्ग पर चढ़ाकर काबू किया। हालांकि बस पीछे हटते हुए पलट गई। इससे पांच सवारियों को चोटें आई हैं। 

हादसे के वक्त बस में चालक-परिचालक समेत 13 लोग सवार थे। मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने यात्रियों को बस से सुरक्षित निकाला। परिवहन निगम ने हादसे के तकनीकी पहलुओं की जांच शुरू कर दी है। डीएसपी गीतांजलि ठाकुर ने कहा कि पुलिस भी मामले की छानबीन कर रही है। बुधवार सुबह एचआरटीसी बस (एचपी 03 बी 6135)  सलाणा से करसोग की ओर जा रही थी। दस बजे के करीब जैसे ही बस शोरशन पहुंची तो यहां स्पीड ब्रेकर के समीप चालक ने स्पीड को कुछ कम करने के ब्रेक मारी लेकिन बस की ब्रेक नहीं लगी।

चालक को ब्रेक फेल होने का अंदेशा हो गया। इस पर चालक ने बस को संपर्क मार्ग में डाल दिया। संपर्क मार्ग में चढ़ाई थी तो बस की स्पीड कम हो गई। फिर बस धीरे-धीरे पीछे हटने लगी और पलट गई। घायलों की पहचान करसोग निवासी बोधराज, केशव, लीलाधर, केवल और सीमा के रूप में हुई है। इन्हें सिविल अस्पताल सुन्नी में प्राथमिक उपचार दिया गया है। क्षेत्रीय प्रबंधक सुभाष कुमार ने कहा कि हादसे की सूचना मिलने के बाद जांच शुरू कर दी गई है।

चालक को पुरस्कृत करने की उठी मांग
घनश्याम, प्रमोद, दीपक, प्रवीण और जीवन का कहना है कि जान बचाने के लिए चालक को पुरस्कृत करना चाहिए। लोगों के अनुसार बस में चालक-परिचालक सहित कुल 13 लोग सवार थे। यदि चालक सूझबूझ न दिखाता तो बड़ा हादसा हो सकता था।
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सड़क पर पलटी बस। सड़क पर पलटी बस।

भारत निर्वाचन आयोग: केंद्रीय व्यय पर्यवेक्षक मीणा बोले- देश के पहले मतदाता से प्रेरणा लें युवा

हिमाचल प्रदेश के मंडी संसदीय उपचुनाव के लिए भारत निर्वाचन आयोग की ओर से नियुक्त केंद्रीय व्यय पर्यवेक्षक भारतीय राजस्व सेवा के अधिकारी विमल कुमार मीणा ने देश के प्रथम मतदाता श्याम सरण नेगी से उनके आवास पर भेंट की। उनका कुशलक्षेम जाना और श्याम सरण नेगी के बेहतर स्वास्थ्य की कामना की। यह शिष्टाचार भेंट थी। मीणा ने श्याम सरण नेगी को बधाई दी और कहा कि देश के लिए गौरव की बात है कि 104 वर्ष की आयु में भी नेगी 30 अक्तूबर को उपचुनाव में वोट देने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि विशेषकर युवाओं को देश के प्रथम मतदाता से प्रेरणा लेनी चाहिए। लोकतंत्र के महापर्व में चुनाव वाले दिन अपने मताधिकार का प्रयोग अवश्य करना चाहिए।

श्याम सरण नेगी ने देश के प्रथम संसदीय चुनाव से लेकर अब तक हुए चुनावों के अनुभव भी साझा किए। नेगी ने बताया कि वर्ष 1951 में हुए प्रथम संसदीय चुनाव से लेकर आज तक उन्होंने सभी लोकसभा, विधानसभा और पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव में वोट डाला है। बताया कि 30 अक्तूबर को उपचुनाव में भी वह मतदान करेंगे। लोकतंत्र की मजबूती के लिए सभी को अपने मताधिकार का प्रयोग करना चाहिए। मीणा ने देश के प्रथम मतदाता श्याम सरण नेगी को अंग वस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। इस दौरान सहायक निर्वाचन अधिकारी एवं एसडीएम कल्पा स्वाति डोगरा और व्यय पर्यवेक्षक के संपर्क अधिकारी रितेश पटियाल भी मौजूद रहे।
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तकनीक: खराबी को खुद पकड़ लेगी नई ईवीएम, छेड़छाड़ की तो काम करना कर देगी बंद

हिमाचल प्रदेश में एक लोकसभा और तीन विधानसभा हलकों में होने जा रहे उपचुनाव के लिए इस बार नई एम-थ्री ईवीएम की व्यवस्था होगी। नई मशीनों की खासियत यह है कि इनमें अब 32 की बजाय 384 उम्मीदवारों के नाम जोड़ने की व्यवस्था होगी। ‘एम थ्री’ नई तकनीक की ये मशीनें पहली बार हिमाचल के चुनाव में इस्तेमाल होंगी। मशीन खराबी को भी खुद पकड़ लेगी। अगर किसी ने इन मशीनों से छेड़छाड़ की तो यह काम करना बंद कर देगी। सॉफ्टवेयर में फाल्ट आने पर कंट्रोल यूनिट डिस्पले स्क्रीन में प्रदर्शित कर सकती है। इससे मशीन को जल्द दुरुस्त करने में मदद मिलेगी और चुनाव में पारदर्शिता बनी रहेगी।

इससे पहले एम-टू मशीनों में यह सुविधा नहीं थी, इसलिए इन्हें कई बार ठीक करने में काफी परेशानी होती थी। भारतीय निर्वाचन आयोग की ओर से एसेंबल की जा चुकीं मशीनें विभिन्न केंद्रों में रख दी गई हैं। जुब्बल-कोटखाई के लिए आईं मशीनें शिमला के हिमाचल प्रदेश लोक प्रशासन संस्थान (हिपा) में रखी गई हैं। पिछली बार के चुनाव में एम-टू ईवीएम मशीनों से चुनाव हुए थे। इस बार नई एम-थ्री ईवीएम मशीनें लाई गई हैं।

एम-थ्री मशीन से पहली बार हिमाचल में मतदान होगा। एम-टू की अपेक्षा एम-थ्री मशीन में ज्यादा कंट्रोल होगा। नई तकनीक से विकसित एम-थ्री मशीन बेहतर साबित होगी। - आदित्य नेगी, जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त शिमला 

जोड़े जा सकते हैं 24 बैलेट यूनिट
नई तकनीक से विकसित एम-थ्री इलेक्ट्रॉनिक मशीन में 24 बैलेट यूनिट जोड़े जा सकते हैं। एक बैलेट यूनिट में 16 उम्मीदवार होते हैं। यानी किसी विधानसभा चुनाव क्षेत्र में 384 उम्मीदवार खड़े होते हैं तो भी इनका चुनाव ईवीएम के जरिये आसानी से हो पाएगा।

पहले यह थी व्यवस्था
इससे पहले एम-टू ईवीएम में केवल एक बैलेट यूनिट जोड़ी जा सकती हैं। यानी 32 उम्मीदवार होने तक चुनाव ईवीएम मशीन से हो सकता था। इससे अधिक उम्मीदवारों के होने की सूरत में बैलेट पेपर के इस्तेमाल की व्यवस्था थी।
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karwa chauth 2021: महंगा हो गया सजना-संवरना, श्रृंगार के सामान के दाम 15 से 20 फीसदी तक बढ़े

करवा चौथ पर सजना संवरना इस बार महिलाओं को महंगा पड़ेगा। कास्मेटिक्स से लेकर श्रृंगार का ज्यादातर सामान इस बार 15 से 20 फीसदी तक महंगा हो गया है। शिमला के बाजारों में करवाचौथ के लिए रौनक तो बढ़ गई है, लेकिन सामान खरीदने के लिए जेब ढीली करनी पड़ रही है।

कारोबारियों के मुताबिक बीते दो साल की तुलना में इस बार करवाचौथ पर सामान महंगा हो गया है। सामान महंगा होने और शिमला पहुंचाने का किराया बढ़ने के कारण इनके रेट बढ़े हैं। हालांकि महिलाएं जमकर सामान खरीद रही हैं। आर्टिफिशियल ज्वेलरी की मांग काफी बढ़ी है। इसके लिए मनियारी शॉप पर काफी भीड़ लग रही है। इसके रेट भी बीते साल से 15 फीसदी तक अधिक हैं।

गोल्ड कोटिड आर्टिफिशियल ज्वेलरी, ईयर रिंग विद टीका की मांग काफी ज्यादा है। बीते साल पूरा सेट 500 से 700 रुपये में मिल जाता था लेकिन इस बार 700 से 1000 रुपये में यह सेट मिल रहा है। बाजार में चूड़ियों की भी इस बार काफी वैरायटी है लेकिन इसके रेट में दस से 15 फीसदी की बढ़ोतरी है। चूड़ी सेट 60 रुपये से लेकर 300 रुपये में मिल रहा है। महंगाई की सबसे ज्यादा मार ब्यूटी प्रोडक्ट पर पड़ी है।

क्रीम, पाउडर, नेल पालिश, लिप्सटिक समेत दूसरे सामान के रेट भी 20 फीसदी तक बढ़े हैं। लोअर बाजार में मनियारी शॉप कारोबारी राजू ने बताया कि कास्मेटिक्स और आर्टिफिशियल ज्वेलरी महंगी हो गई है। सुहागी का छोटा सामान कुमकुम, शीशे आदि जो पहले दस रुपये में मिलते थे, अब होलसेल में ही 10 रुपये से ज्यादा में मिल रहे हैं।

शहर में महंगा होने लगा नारियल
शहर में नारियल की डिमांड बढ़ने के साथ ही इसके रेट भी बढ़ने लगे हैं। बीते हफ्ते तक नारियल 20 से 30 रुपये में मिल रहा था। लेकिन अब इसके रेट 30 से 50 रुपये तक पहुंच गए हैं। सब्जी मंडी के कारोबारी सुरेश कुमार ने बताया कि मांग कई गुना बढ़ने से नारियल के रेट बढ़े हैं। कहा कि आने वाले दिनों में इसके रेट और बढ़ सकते हैं।

मिट्टी के करवे के नहीं बढ़े रेट            
शहर में करवाचौथ पर ज्यादातर सामान महंगा हो गया है लेकिन मिट्टी से बना करवा, छलनी आदि के रेट पिछले साल के बराबर ही हैं। करवा 20 रुपये और छलनी 30 से 100 रुपये में मिल रही है।
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चेतन बरागटा समर्थक बोले- पार्टी किसी की जागीर नहीं, हम हैं असली भाजपाई

करवा चौथ 2021: शिमला में खरीदारी करतीं महिलाएं।
हिमाचल प्रदेश की हॉट सीट बन चुकी जुब्बल-नावर-कोटखाई से निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ रहे भाजपा के बागी चेतन बरागटा के समर्थकों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर खासा वायरल हो रहा है। इस वीडियो में चेतन की मौजूदगी में उनके समर्थक दावा कर रहे हैं कि चेतन बरागटा ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा से लेकर अमित शाह तक को घुटनों पर ला दिया है।

एक अन्य वीडियो में समर्थकों ने खुद को ही असली भाजपा बताते हुए कहा कि बीजेपी किसी के बाप की जागीर नहीं है। चार तारीख के बाद नकली बीजेपी बाहर हो जाएगी और असली बीजेपी रहेगी। चेतन समर्थकों के इस विवादित बोल का वीडियो वायरल होने पर सियासी बवाल शुरू हो गया है। भाजपा समर्थक जहां सोशल मीडिया पर ही इस वीडियो पर सवाल उठाते हुए चेतन पर पलटवार कर रहे हैं।

वहीं, भाजपा के सह प्रभारी संजय टंडन ने विवादित बोल पर कहा कि इस देश में लोकतांत्रिक ढांचे के अनुसार किसी को भी किसी के खिलाफ कुछ भी बोलने से रोका नहीं जा सकता है। लेकिन पार्टी की स्थिति साफ है कि जो भी पार्टी के प्रत्याशी के खिलाफ काम करेगा या पार्टी प्रत्याशी के विरोधी को समर्थन देगा, उसकी पार्टी में कभी भी वापसी नहीं होगी। बता दें, भाजपा से बगावत कर चुनाव लड़ रहे चेतन इस समय हर वह दांव भाजपा के खिलाफ आजमा रहे हैं, जो उन्होंने भाजपा की सियासी पाठशाला में सीखा था।
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उपचुनाव: अब दिग्गज उतरेंगे प्रचार के रण में, शांता-धूमल के तय होंगे कार्यक्रम

प्रदेश में होने जा रहे उपचुनाव में प्रचार के लिए अब दिग्गज नेता भी फील्ड में उतरेंगे। भाजपा के स्टार प्रचारकों में शामिल पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार और प्रेम कुमार धूमल उपचुनाव की प्रचार अवधि के आखिरी हफ्ते 23 अक्तूबर के बाद फील्ड में उतरेंगे। प्रदेश भाजपा कार्यालय जल्दी ही दोनों पूर्व सीएम से पूछकर उनके प्रचार के स्थान और समय तय करेगी। 

दोनों ही वरिष्ठ नेता भाजपा के स्टार प्रचारकों की सूची में शामिल हैं, लेकिन अभी समय नहीं दे पा रहे हैं। हालांकि केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर भी स्टार प्रचारकों की सूची में शामिल हैं और वह बीच-बीच में समय दे रहे हैं। भाजपा के सह प्रभारी संजय टंडन ने कहा कि शांता कुमार और धूमल भी निश्चित तौर पर सभी जगहों पर कार्यक्रम और समय के हिसाब से प्रचार करेंगे। 

उधर, नादौन के विधायक और कांग्रेस के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू 20 अक्तूबर से प्रचार करेंगे। प्रदेश कांग्रेस के सह प्रभारी संजय दत्त 20 से 26 अक्तूबर तक प्रदेश के दौरे पर रहेंगे। स्टार प्रचारक पूर्व केंद्रीय मंत्री और राज्य सभा में उपनेता प्रतिपक्ष आनंद शर्मा  25 अक्तूबर को दोपहर 12:00 बजे कोटखाई में जनसभा को संबोधित करेंगे। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर 23 से 27 अक्तूबर तक शिमला, किन्नौर और कुल्लू के प्रवास पर रहेंगे और चुनावी सभाओं को संबोधित करेंगे। 
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HP TET 2021: हिमाचल प्रदेश टीईटी नवंबर परीक्षा के लिए करेक्शन विंडो खोली गई, यहां जानें पूरी प्रक्रिया

फतेहपुर उपचुनाव: पौंग के टापू में रहते हैं 96 मतदाता, जागरूक करने नाव से पहुंचे निर्वाचन अधिकारी

क्या आप जानते हैं कि हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के फतेहपुर में पौंग डैम के बीच एक टापू है जिसमें अभी भी 125 से ज्यादा लोग रहते हैं। इनके यहां घर और खेत हैं। लगभग सात महीनों तक इस टापू के चारों तरफ पानी भरा रहता है। मात्र पांच माह ही लोग यहां बिना नाव के जा सकते हैं, जब पानी उतरता है। यहां के लोगों के पास ट्रैक्टर और बाइक भी हैं। यहां के बच्चे धमेटा में पढ़ते हैं और नाव से उनका आना-जाना होता है।

पौंग डैम के निर्माण के  दौरान जमीन अधिग्रहण के चलते ज्यादातर लोग यहां से पलायन कर चुके हैं लेकिन कुछ परिवार अभी भी पुश्तैनी जमीन में खेती कर रहे हैं और यहीं रह रहे हैं। इन्हें मुआवजा भी मिल चुका है। इस टापू की याद फतेहपुर विधानसभा उपचुनाव के समय आई है। मंगलवार को यहां के मतदाताओं को जागरूक करने और यहां बने बूथ में व्यवस्था देखने के लिए नोडल अधिकारी और बीएलओ नाव (बोट) से पहुंचे। 10 के करीब अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम मौके पर पहुंची और लोगों को मतदान के लिए प्रेरित किया। यहां 30 अक्तूबर को मतदान होगा। 

निर्वाचन अधिकारी (एसडीएम) फतेहपुर अंकुश शर्मा ने बताया कि मंगलवार को नोडल अधिकारी, सेक्टर ऑफिसर तथा संबंधित क्षेत्रों के लिए नियुक्त बीएलओ नाव पर सवार होकर 105 सत्थ कुठेड़ा पोलिंग बूथ के मतदाताओं के घर पहुंचे। विधानसभा क्षेत्र का यह सबसे कम मतदाताओं का पोलिंग बूथ है, जो पौंग डैम टापू पर है। यहां पर मात्र 96 महिला तथा पुरुष मतदाता हैं।

निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि नोडल अधिकारियों व बीएलओ ने स्वीप कार्यक्रम के तहत पोलिंग बूथ के मतदाताओं को भी अधिक से अधिक मतदान करने के लिए जागरूक किया। उन्होंने बताया कि स्वीप कार्यक्रम के तहत मताधिकार का प्रयोग करने तथा चुनाव प्रक्रिया की समुचित जानकारी मतदाताओं तक पहुंचाने के अतिरिक्त मतदाताओं को लोकतंत्र के इस महापर्व में मतदान करने के संकल्प की शपथ भी दिलाई गई। उन्होंने लोगों से लोकतंत्र में वोट के महत्व को समझते हुए मतदान में बढ़चढ़ कर भाग लेने की अपील की है।

टापू में न बिजली न पीने का पानी 
इस टापू में बिजली की कोई व्यवस्था नहीं है। यहां के लोगों के घरों में बैटरी वाले लैंप हैं, जिनके सहारे गुजर-बसर कर रहे हैं। नल भी नहीं हैं। केवल एक हैंडपंप है। हालांकि, ऐसा नहीं है कि यहां के लोग परिवार गरीब हैं। यहां पौंग का पानी होने के चलते बेशुमार खेती होती है। यहां से निकले लोगों ने बाहर अच्छे घर डाले हुए हैं। कई बच्चे बाहर बड़े संस्थानों में पढ़ाई और नौकरी कर रहे हैं। 
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