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इस वर्ष गणेश चतुर्थी पर बप्पा के घर में आगमन से होंगी ये राशियां धनवान
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इस वर्ष गणेश चतुर्थी पर बप्पा के घर में आगमन से होंगी ये राशियां धनवान

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खुशखबर: सरकारी स्कूलों में भर्ती होंगे आठ हजार मल्टी टास्क वर्कर, कैबिनेट बैठक में प्रस्ताव लाएगा शिक्षा विभाग

हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में मल्टी टास्क वर्करों के आठ हजार पद भरे जाएंगे। चार हजार पद मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अनुशंसा और चार हजार पद आवेदनों के आधार पर भरे जाएंगे। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में 24 सितंबर को होने वाले हिमाचल मंत्रिमंडल की बैठक में इस बाबत शिक्षा विभाग प्रस्ताव लेकर आएगा। बीते कई माह से लटकी मुख्यमंत्री की इस बजट घोषणा के अब जल्द पूरा होने की उम्मीद है। वित्त महकमे से प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। चार सितंबर को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इस भर्ती को अनौपचारिक चर्चा हुई थी। इसी बैठक में चार हजार पद मुख्यमंत्री की अनुशंसा पर भरने पर सहमति बनी थी। अब 24 सितंबर को इस पर मंत्रिमंडल की मुहर लगेगी। हिमाचल प्रदेश में मल्टी टास्क वर्करों की भर्ती के लिए स्कूल से घर की दूरी का प्रमाणपत्र लाना होगा। इसके लिए अभ्यर्थियों को ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत सचिव और शहरी क्षेत्रों में कार्यकारी अधिकारी से प्रमाणपत्र जारी करेंगे।

भर्ती में स्कूल से घर की दूरी के हिसाब से दो से 10 नंबर मिलेंगे। एसडीएम की अध्यक्षता वाली चयन कमेटी नियुक्तियां करेगी। वर्करों को प्रतिमाह 5,625 रुपये वेतन मिलेगा। नियुक्तियां करने से पहले स्कूल और पंचायत के नोटिस बोर्ड पर विज्ञापन लगाए जाएंगे। अभ्यर्थियों को खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी के पास सादे कागज पर आवेदन करना होगा। स्कूल को खोलना और बंद करना, परिसर और कक्षाओं में सफाई करना, पीने के पानी का इंतजाम करना और स्कूल की डाक को अन्य विभागों में पहुंचाना इनका काम होगा। भर्ती के लिए स्थानीय स्कूल की ओर से बीईओ को मांग भेजी जाएगी। बीईओ इस मांग को निदेशालय भेजेंगे।शिक्षा निदेशालय से मंजूरी के बाद भर्ती का विज्ञापन जारी किया जाएगा। ऐसे में कई माह से भर्ती का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों को जल्द राहत मिल सकती है। अभ्यर्थियों को घर के नजदीक रोजगार के अवसर मिलेंगे।
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सरकारी स्कूलों में भर्ती होंगे मल्टी टास्क वर्कर। सरकारी स्कूलों में भर्ती होंगे मल्टी टास्क वर्कर।

मनाली: सेल्फी लेते उफनती ब्यास में गिरने से मां-बेटे की मौत, बचाने के लिए नदी में कूदा होटल कर्मी घायल

हिमाचल प्रदेश की पर्यटन नगरी मनाली में एक निजी होटल एलुर ग्रैंड के पास दिल्ली की पर्यटक महिला और उसके 12 साल के बेटे की सेल्फी लेते समय उफनती ब्यास नदी में गिरने से मौत हो गई। मां और बेटा मंगलवार होटल के पास ही ब्यास नदी के किनारे सेल्फी ले रहे थे। इसी दौरान बच्चे का पांव फिसल गया और वह नदी में गिर गया। उसे बचाने के लिए मां ने ब्यास में छलांग लगा दी। दोनों को नदी में बहता देख पास खड़ा होटल कर्मी भी ब्यास में कूद गया। लेकिन उसकी यह कोशिश काम नहीं आ सकी। नदी में छलांग लगाने वाले कर्मचारी को भी चोटें आई हैं। जबकि ब्यास नदी में डूबने वाले मां और बेटे के शव घटनास्थल से करीब चार किलोमीटर दूर जाकर बरामद हुए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस की टीम भी मौके पर पहुंची।

पुलिस ने दोनों शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक गुरदेव शर्मा ने कहा कि मृतक महिला की पहचान प्रीति भसीन(37) पत्नी पुलकित भसीन, निवासी जी-72-73, बोरीवाला बाग, हरनगर, साउथ दिल्ली, रेहान पुत्र पुलकित भसीन के रूप में हुई है। उन्होंने कहा कि शव को पोस्टमार्टम के लिए शव गृह में रखा गया है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे जाएंगे। गौर रहे कि इससे पहले भी मनाली, पार्वती घाटी में पर्यटकों के साथ इस तरह के हादसे हो चुके हैं। बरसात को देखते हुए प्रशासन और पुलिस ने भी पर्यटकों से नदी-नालों से दूर रहने को कहा है। लेकिन पर्यटकों की थोड़ी सी मस्ती उनकी जान पर भारी पड़ रही है। 
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शिमला में मुख्यमंत्री तय करेंगे कैसे मनाया जाएगा अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा

अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कुल्लू दशहरा उत्सव इस साल 15 से 21 अक्तूबर तक मनाया जाएगा। उत्सव में जिले के सभी देवी-देवता भाग लेंगे। देवी-देवताओं के दशहरा में बुलाने पर अभी आम राय नहीं बन पाई है। इस पर देव समाज से जुड़े लोगों की बैठक 25 सितंबर को अटल सदन कुल्लू में रखी गई है। मंगलवार को जिला मुख्यालय कुल्लू में हुई जिला दशहरा उत्सव कमेटी की बैठक में अधिकतर अधिकारी और पदाधिकारी दशहरा को धूमधाम से मनाने के पक्ष में नजर आए। जिला परिषद सभागार में मंत्री गोविंद ठाकुर की अध्यक्षता में बैठक हुई। दशहरा का स्वरूप क्या होगा, देवी-देवताओं को निमंत्रण दिया जाएगा, इस पर चर्चा हुई। मंत्री ने कहा कि उत्सव को लेकर मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में भी शिमला में जल्द बैठक होगी। 

जिले के बुद्धिजीवी लोगों, कारदार संघ, पंचायती राज संस्थानों के चुने हुए प्रतिनिधियों, नगर निकाय व आम लोगों से दशहरा उत्सव मनाने के सुझाव प्राप्त हो रहे हैं।  शिक्षा मंत्री ने कहा कि जिला में 100 फीसदी लोगों को कोरोना वैक्सीन की पहली डोज लग चुकी है और 15 अक्तूबर तक 60 फीसदी से अधिक लोगों को दोनों डोज लगाई जाएंगी। इस तरह से जिला कोरोना महामारी की दृष्टि से काफी सुरक्षित होगा। कुल्लू के विधायक सुंदर सिंह ठाकुर ने कहा कि दशहरा उत्सव पहले की तरह मनाया जाना चाहिए। न केवल देवी-देवताओं को बुलाना चाहिए बल्कि सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ स्थानीय व्यापारियों को भी भाग लेना चाहिए। उपायुक्त एवं दशहरा उत्सव समिति के उपाध्यक्ष आशुतोष गर्ग ने अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव का एजेंडा प्रस्तुत किया। इस मौके पर बंजार के विधायक सुरेंद्र शौरी, अतिरिक्त उपायुक्त शिवम प्रताप सिंह, पुलिस अधीक्षक गुरदेव शर्मा, सीएमओ डॉ. सुशील चंद्र शर्मा, नगर परिषद के अध्यक्ष गोपाल कृष्ण महंत मौजूद रहे। 
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सिरमौर: यमुना नदी के किनारे करंट लगने से हाथी की मौत

हिमाचल-उत्तराखंड सीमा पर बहने वाली यमुना नदी किनारे केदारपुर में एक हाथी की करंट लगने से मौत हो गई। आशंका जताई जा रही है कि बिजली लाइन की चपेट में आने से हाथी की मौत हुई है। सूचना मिलने पर डीएफओ पांवटा साहिब कुनाल अंग्रीश और आरओ पांवटा सुप्रभात ठाकुर वन्य टीम सहित मौके पर पहुंचे। उत्तराखंड के देहरादून वन्य विभाग टीम को भी इस बारे में सूचित किया गया है। इसके बाद स्थानीय पशुपालन विभाग की टीम ने मंगलवार को मृत हाथी का पोस्टमार्टम किया। 

उधर, पांवटा पुलिस ने भी मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वन खंड अधिकारी पांवटा साहिब सुमंत कुमार ने इसकी शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत में कहा गया है कि सोमवार रात लगभग 11 बजे महेंद्र सिंह पुत्र राम प्रकाश निवासी हीरपुर पांवटा पोल्ट्री मालिक ने रामपुर वैली प्रभारी वन रक्षक संदीप कुमार को फोन पर सूचना दी कि यमुना नदी किनारे स्थित केदारपुर क्रेशर के समीप बिजली की तार से करंट लगने के कारण एक हाथी खेतों में मृत पड़ा है।

  बिजली की तार हाथी के मुंह में चबाई पाई गई हैं। लिहाजा, वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। मौके पर पाया गया कि हाथी के मुंह में दोनों दांत मौजूद थे। लकड़ी के पोल से बिजली की सर्विस वायर पोल्ट्री फार्म को खेतों से जा रही थी। इसी सर्विस वायर के टुकड़े हाथी के मुंह में मौजूद हैं। हाथी की मौत सर्विस वायर से करंट लगने से मानी जा रही है।  सूचना मिलने पर डीएफओ पांवटा साहिब कुनाल अंग्रीश, आरओ सुप्रभात ठाकुर और पुलिस जांच टीम भी मौके पर पहुंची। उत्तराखंड के देहरादून वन्य विभाग टीम को भी सूचित कर दिया।

स्थानीय पशुपालन विभाग टीम ने मंगलवार को मृतक हाथी का पोस्टमार्टम किया। इसके सैंपल लैब में जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। इससे हाथी की मौत की वास्तविकता का पता चल सके। बता दें कि हाथी वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत शैड्यल एक का एक प्राणी है। मृत हाथी के संदर्भ में मौके की जांच की जानी आवश्यक है ताकि पता चल सके कि हाथी की मृत्यु किसी की लापरवाही से तो नहीं हुई है। डीएसपी बीर बहादुर ने पुष्टि की है। वन खंड अधिकारी की शिकायत पर आईपीसी की धारा-429 और वन्य अधिनियम की धारा-51 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। 
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हिमाचल: सिरमौर और मनाली में बादल फटा, लोगों के घरों में घुसा मलबा, सेब-मक्की को नुकसान

करंट लगने से हाथी की मौत
हिमाचल प्रदेश में मौसम विभाग के येलो अलर्ट के बीच सोमवार रात मनाली के बरूआ और सिरमौर के शील गांव में बादल फटने से भारी नुकसान हुआ है। दोनों जगह बादल फटने से कई घरों को क्षति हुई है। मलबा घरों में घुस गया। बरूआ में सेब के करीब 300 पेड़ तबाह हो गए। सिरमौर के शील गांव में खेतों में खड़ी मक्की, अदरक, धान, नींबू के बगीचे और अरबी की फसलों बरबाद हो गई। किसान-बागवानों की कई बीघा जमीन बह गई। वहीं कुल्लू-मनाली में पहाड़ों पर बर्फबारी और राजधानी शिमला समेत प्रदेश में झमाझम बारिश से कई क्षेत्रों में बिजली-पानी आपूर्ति ठप हो गई।

बारिश से प्रदेश में 2 कच्चे मकान ढह गए, जबकि 6 कच्चे मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसके अलावा 11 गोशालाएं भी क्षतिग्रस्त हुई है। खराब मौसम के बीच नालागढ़ में एक मकान ढहा है। वहीं, रोहतांग दर्रा, बारालाचा, कुंजम सहित ऊंची चोटियों पर हिमपात हुआ है। शिमला, सोलन, सिरमौर, मंडी, कुल्लू और कांगड़ा जिले के कुछ क्षेत्रों में येलो अलर्ट के बीच बुधवार को भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। 25 सितंबर तक प्रदेश में बारिश का दौर जारी रहने का पूर्वानुमान है।
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केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के कार्यक्रम के लिए प्रदेश भर में लगेंगी 140 एलईडी स्क्रीन

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मंगलवार को शिमला में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तीसरे और चौथे चरण को शुरू करने की तैयारियों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि विधायक अपने-अपने विधानसभा क्षेत्र के किसी एक स्थान से समारोह में शामिल होंगे। जिन खंडों में पंचायती राज संस्थाओं के उपचुनाव के कारण आदर्श आचार संहिता लागू की गई है, वहां समारोह नहीं होगा। प्रदेश भर के सभी प्रमुख स्थानों पर 140 एलईडी स्क्रीन लगाई जाएंगी। जिला, उपमंडल, खंड, पंचायत और उचित मूल्य की दुकान स्तर पर भी इस कार्यक्रम का प्रसारण वर्चुअल माध्यम से होगा। उन्होंने विधायकों और उपायुक्तों के साथ वर्चुअल बैठक में 25 सितंबर को होने वाले समारोह की तैयारियों के बारे में चर्चा की। जयराम ठाकुर ने कहा कि केंद्रीय उपभोक्ता कार्य, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री पीयूष गोयल शिमला में राज्य स्तरीय समारोह की अध्यक्षता करेंगे।

केंद्रीय मंत्री इस दौरान योजना के लाभार्थियों के साथ बातचीत भी करेंगे। जिला मुख्यालय, उपमंडल, खंड, पंचायत और उचित मूल्य की दुकानों के स्तर पर भी समारोह होंगे। इसमें कुछ लाभार्थियों को राशन बैग भी उपलब्ध करवाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समारोह की अध्यक्षता करने वाले थे, लेकिन पूर्व निर्धारित कार्यक्रमों के कारण वह इसमें शामिल नहीं हो पाएंगे। जयराम ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के तहत 7.18 लाख से अधिक राशन कार्डधारक शामिल हैं, जो लगभग 29 लाख से अधिक आबादी को कवर कर रहा है, जिन्हें अक्तूबर 2021 के अंत तक मुफ्त राशन बैग देंगे। बैठक में बिलासपुर से वर्चुअल माध्यम से जुड़े खाद्य, नागरिक एवं आपूर्ति मंत्री राजिंद्र गर्ग ने कहा कि इस समारोह के सफल आयोजन के लिए तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं।

कोविड टीकाकरण के दूसरे चरण की प्रगति की निरंतर निगरानी के निर्देश 
जयराम ने उपायुक्तों को कोविड महामारी के प्रसार को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से कांटेक्ट ट्रेसिंग पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उन्होंने कोविड टीकाकरण के दूसरे चरण की प्रगति की निरंतर निगरानी करने के लिए भी कहा। 

हर लाभार्थी को इस वर्ष अक्तूबर अंत तक राशन बैग दें 
मुख्य सचिव रामसुभग सिंह ने उपायुक्तों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि योजना के प्रत्येक लाभार्थी को इस वर्ष अक्तूबर अंत तक राशन बैग दें। सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति सी. पाल रासु ने बैठक की कार्रवाई का संचालन किया। निदेशक, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति केसी चमन ने विभिन्न स्तरों पर आयोजित होने वाली गतिविधियों के संबंध में विस्तृत प्रस्तुति दी।
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शिमला: पर्दे का फंदा बनाकर कॉलेज छात्र ने की आत्महत्या

एमसी शिमला का कारनामा: 32 लाख रुपये से ऐसी सड़क बनाई, जिस पर गाड़ी ही नहीं चढ़ पाई

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में जनता के पैसों की जमकर बरबादी हो रही है। नगर निगम का एक ऐसा ही कारनामा मेयर सत्या कौंडल के संजौली वार्ड में सामने आया है। यहां नगर निगम ने 32 लाख रुपये खर्च कर संजौली चौक से अपर नॉर्थ ओक के लिए एंबुलेंस रोड तो तैयार करवा दिया लेकिन इसमें चढ़ाई इतनी तीखी है कि एंबुलेंस तो क्या बाकी गाड़ियां भी नहीं चढ़ पाईं।  स्थानीय लोगों ने जब नगर निगम की कार्यशैली पर सवाल उठाए तो निगम ने तुरंत ही इस सड़क को तोड़कर इसकी री ग्रेडिंग शुरू कर दी। अब 15 लाख रुपये और खर्च होंगे। लोगों ने कहा कि नगर निगम पैसों की बर्बादी कर रहा है।

एक सड़क के लिए दो-दो बार टेंडर करने पड़ रहे हैं। सड़क 32 लाख में बननी थी, उस पर अब 50 लाख रुपये से ज्यादा पैसा खर्च हो रहा है। नगर निगम रिटेनिंग वॉल देकर सड़क की री ग्रेडिंग कर रहा है ताकि गाड़ियां चढ़ सके। निगम का तर्क है कि पहले साथ लगती जमीन पर काम की अनुमति नहीं मिली, लेकिन सवाल उठता है कि जब अनुमति नहीं मिली तो ऐसी सड़क बनाना क्या जरूरी था जिस पर गाड़ियां नहीं चढ़ पाती।

अफसरों ने बरती लापरवाही : मेयर
मेयर सत्या कौंडल ने कहा कि उन्होंने शहरी विकास विभाग से 32 लाख लेकर यह सड़क बनवाई थी। सड़क ऐसी बनी कि गाड़ियां नहीं चढ़ीं। अफसरों को देखना चाहिए था कि सड़क कैसी बन रही है। स्थानीय लोगों ने उनसे बात की कि इस सड़क की हालत सुधारी जाए। अब 15 लाख से इसकी री ग्रेडिंग करवा रहे हैं।

ठेकेदार ने मर्जी से दे दिए डंगे, नोटिस
संजौली वार्ड के चलौंठी चौक से लोअर चलौंठी सड़क पर नगर निगम ने ठेकेदार को डंगे लगाने का जिम्मा दिया था। इसे दो फीट चौड़े डंगे लगाने को कहा था, लेकिन मौके पर ठेकेदार ने चार फीट चौड़े डंगे लगा दिए। इस पर स्थानीय लोगों ने आपत्ति जताई और निगम अधिकारियों को मौके पर बुलाया। अधिकारियों ने कहा कि उन्होंने ऐसा करने को नहीं कहा है। ऐसे में अब ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

तोड़ चुके ओपन जिम वाला पार्क
शिमला। शहर के गंज में बनाया ओपन एयर जिम पार्क भी नगर निगम ने उद्घाटन के चार महीने बाद ही तोड़ दिया था। यह पार्क एक कच्चे डंगे पर रिटेनिंग वॉल देकर बनाया गया था। बारिश में यह दरक गया। अब इसे तोड़ दिया है।
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