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गंभीर से गंभीर परेशानी होगी दूर,ललिता देवी शक्तिपीठ-नैमिषारण्य पर कराएं ललिता सहस्रनाम पाठ, मात्र रु:51/- में,अभी बुक करें
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Digital Edition

बिल्डर ने सुसाइड नोट में लिखा: 'मैं धर्मेंद्र अपनी जिंदगी को खत्म कर रहा हूं', वो मुझे बहुत टॉर्चर कर रहे हैं, मेरी पत्नी और बच्चों को...

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के साहिबाबाद में सूदखोरों की धमकी से तंग आकर डीएलएफ कॉलोनी में बिल्डर धर्मेंद्र कुमार ( 46) ने मंगलवार दोपहर पंखे से लटकर जान दे दी। सात पेज के सुसाइड नोट में उन्होंने लिखा, दो सूदखोर धमकी दे रहे हैं, तेरी पत्नी को झूठे केस में फंसा देंगे और बच्चों की हत्या करा देंगे। उनसे तीन लाख रुपये का कर्ज लिया था। 10 फीसदी की दर से सूद ले रहे थे। कर्ज चुकाने में देरी हो गई तो दबाव बनाने लगे। मूलरूप से मेरठ के रहने वाले धर्मेंद्र कुमार डीएलएफ कॉलोनी ए ब्लॉक में 2 साल से पत्नी मोनिका और बेटे लक्की के साथ तीन मंजिला मकान रहते थे। ऊपर की दो मंजिलें किराये पर दे रखी थीं। धर्मेंद्र का बड़ा बेटा फरीदाबाद में एयर टिकटिंग का का कोर्स कर रहा है। धर्मेंद्र कई दिन से तनाव में थे। खुदकुशी के वक्त  घर में परिवार का कोई सदस्य मौजूद नहीं था। ... और पढ़ें
Builder commits suicide Builder commits suicide

जुड़वा की मौत: दोनों भाइयों के फोन में मिले कई एक्शन गेम्स, प्ले स्टोर-यूट्यूब की हिस्ट्री से सुराग ढूंढ रही पुलिस

Ghaziabad News: गाजियाबाद के सिद्धार्थ विहार की प्रतीक ग्रांड कारनेसिया सोसायेटी में शनिवार रात 25वीं मंजिल से गिरकर जुड़वां भाइयों सत्य नारायण और सूर्य नारायण की मौत के मामले में पुलिस चार दिन बाद भी किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है। दोनों भाई रोमांचक खेल खेलने के शौकीन थे। दोनों के मोबाइलों की सर्च हिस्ट्री खंगालने के दौरान पुलिस को यह पता चला है। अधिकारियों का कहना है कि आत्महत्या और हादसे की दिशा में जांच जारी है। सोमवार सुबह दोनों भाइयों के अंतिम संस्कार के बाद देर शाम एसपी सिटी निपुण अग्रवाल सीओ व एसएचओ ने पीड़ित परिवार से बातचीत की थी। इस दौरान दोनों भाइयों की किताबों को खंगालने के बाद पुलिस ने सर्च हिस्ट्री खंगालने के लिए उनके मोबाइल कब्जे में लिए थे। बुधवार को साइबर सेल ने मोबाइलों को खंगालना शुरू किया। सबसे पहले इंटरनेट की सर्च हिस्ट्री खंगालने पर पता चला कि दोनों भाई ऑनलाइन गेम खेलने के शौकीन थे। दोनों ने सर्वाधिक उन गेम को सर्च किया, जिनमें रोमांच भरा था। ... और पढ़ें

ब्रह्मजीत गुर्जर हत्याकांड: कॉल डिटेल ने कराया भाटी और स्वाति को बरी, 37 गवाहों और 64 तारीखों के बाद आया फैसला

साल 1999 में फरीदाबाद में हुए बहुचर्चित चौहरे हत्याकांड के मुख्य आरोपी ब्रह्मजीत को साल 2004 में जिला अदालत ने उसके साथ तीन अन्य साथियों के साथ फांसी की सजा सुनाई थी। हाईकोर्ट के निर्देश पर मामले की सुनवाई दोबारा हुई, जिसमें अदालत ने उसे बरी कर दिया था। 

 उस घटना के बाद से ब्रह्मजीत अपनी मौत से दोबारा चर्चा में आ गया। गांव बुढ़ैना निवासी ब्रह्मजीत  का नाम आज भी गांव के लोग भूले नहीं हैं। 27 फरवरी 2018 को ब्रह्मजीत  सेक्टर-11 मिलन वाटिका के सामने से लापता हुआ था। वाटिका के पास लगे सीसीटीवी में वह लाल रंग की ब्रेजा कार में बैठकर जाता दिखा था। 

परिजनों के मुताबिक वह कार राजीव की थी। पुलिस की जांच के मुताबिक ब्रह्मजीत की हत्या के बाद आरोपियों ने शव को ठिकाने लगाने के बाद कार को जयपुर राजस्थान में ले जाकर जला दिया। जांच में दावा किया गया कि जिस पिस्तौल से उसे गोली मारी गई वह आगरा नहर में फेंक दी गई थी। शिकायत के बाद ब्रह्मजीत को ढूंढने के लिए मामले की जांच मिसिंग सेल को सौंपी गई। तत्कालीन मिसिंग सेल प्रभारी इंस्पेक्टर सतेंद्र रावल मामले की जांच में जुटे हुए थे।

37 गवाह और 64 तारीखों के बाद आया फैसला
बचाव पक्ष के अधिवक्ता प्रशांत यादव ने बताया कि इस केस में कुल 37 लोगों की गवाही कराई गई। जिसमें एफएसएल की रिपोर्ट और जांच टीम की कॉल डिटेल काफी अहम साबित हुए। उन्होंने बताया कि कुल 64 तारीखों में उन्होंने जो तथ्य पेश किए उनमें पुलिस की कॉल रिकॉर्ड के मुताबिक शव मिलने से पहले ही पुलिस घटना स्थल पर आ चुकी थी।
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लैंगिक समानता सूचकांक: कोरोना टीकाकरण में दिल्ली निचले पायदान पर, यूनेस्को ने तैयार किया विवरण

राष्ट्रीय स्तर पर कोरोना टीकाकरण में लैंगिक अंतर में सुधार होता दिखाई दिया है लेकिन देश की राजधानी दिल्ली में स्थिति इसके एकदम उलट है। टीकाकरण को तैयार लैंगिक समानता सूचकांक (जीपीआई) में दिल्ली सबसे निचले पायदान पर पहुंच गई है। वैक्सीन लगवा चुके पुरुष और महिलाओं के बीच 31.62 लाख से भी अधिक का अंतर दर्ज किया गया है। 

यूनेस्को ने सामाजिक आर्थिक सूचकांक के आधार पर कोरोना टीकाकरण को लेकर लैंगिक समानता सूचकांक (जीपीआई) तैयार किया है। इसके मुताबिक, भारत में यह सूचकांक 0.9 से बढ़कर 0.98 तक पहुंचा है। वहीं, दिल्ली के लिए यह आंकड़ा 0.83 है। 

दरअसल लैंगिक समानता सूचकांक का पता लगाने के लिए लिंगानुपात और वैक्सीन लेने वालों की संख्या को विभाजित करके निकाला गया है। अगर आदर्श जीपीआई की बात करें तो यह एक अंक माना जाता है। अगर सूचकांक एक अंक से कम रहता है यह इस बात का संकेत है कि लैंगिक समानता पुरुषों के पक्ष में है जबकि एक अंक से अधिक होने पर यह महिलाओं के पक्ष में है।

इंस्टिट्यूट ऑफ एडवांस रिसर्च के सहायक प्रोफेसर सचिन पांडे का कहना है कि दिल्ली को जीपीआई नहीं भाइ है और यह खिसकते हुए नीचे पहुंची है। उन्होंने यह भी कहा कि लैंगिक समानता को लेकर दिल्ली दिल तोड़ती दिखाई दे रही है।

उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान प्रवास काफी देखने को मिला था। उदाहरण के तौर पर देखें तो दिल्ली का कोई नौकरीपेशा परिवार लॉकडाउन में अपने गांव पहुंच गया। वहां उन्होंने वैक्सीन भी ले ली जो उक्त राज्य के हिसाब में जुड़ गई। इसलिए यह दिल्ली की गिनती से बाहर है। ऐसी स्थिति मुंबई और दिल्ली जैसे महानगरों में देखने को मिल रही है। 

1.14 करोड़ पुरुष की तुलना में 82 लाख महिलाओं को वैक्सीन
अगर कोविन वेबसाइट की रिपोर्ट देखें तो दिल्ली में 16 जनवरी से अब तक 1,14,50,037 पुरुषों की तुलना में 82,88,036 महिलाओं का ही अब तक टीकाकरण हो पाया है। वहीं 5613 ट्रांसजेंडर को वैक्सीन की खुराक दी गई है। मंगलवार दोपहर तक दिल्ली में कुल टीकाकरण 1,97,43,686 हो चुका है। चूंकि अभी 18 वर्ष या उससे अधिक आयु की व्यस्क आबादी का ही टीकाकरण किया जा रहा है।

मतदाता सूची से भी अधिक टीकाकरण
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय (सीईओ) के अनुसार दिल्ली में मतदाता सूची में कुल 1,46,92,136 मतदाता हैं। इनमें 80,55,686 पुरुष और महिलाओं की संख्या 66,35,635 है। वहीं, 815 ट्रांसजेंडर मतदाता भी हैं। इन सभी की आयु 18 वर्ष या उससे अधिक है। हालांकि, एक तथ्य यह भी है कि मतदाता सूची से टीकाकरण का मिलान करें तो वैक्सीन लेने वाले पुरुष और महिलाओं की संख्या ज्यादा ही मिलेगी। इस पर स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि दिल्ली में एनसीआर से भी लोग वैक्सीन लगाने आ रहे हैं जिसकी वजह से टीकाकरण अधिक है। इसके बावजूद जीपीआई में दिल्ली कमजोर है।

दूसर जगह स्थिति यहां से बेहतर
कोविन वेबसाइट, यूनेस्को का सूचकांक और अन्य सभी आंकड़ों को एकजुट करने के बाद तैयार सूचकांक के अनुसार आंध्र प्रदेश, बिहार, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ में यह एक अंक से भी कहीं ऊपर है, जो संतोषजनक है। जबकि गुजरात, गोवा और दिल्ली में यह 0.9 से नीचे है। प्रो.सचिन पांडे ने कहा कि पिछले चार महीने में राष्ट्रीय स्तर पर काफी सुधार आया है लेकिन दिल्ली में अभी ऐसा देखने को नहीं मिला। 

गर्भवती महिलाओं में डर बड़े कारण
विशेषज्ञों का कहना है कि दिल्ली जैसे महानगर में लैंगिक असामनता गंभीर मुद्दा है। जन स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. शांतनु सेन का कहना है कि गर्भवती महिलाओं में टीकाकरण के प्रति डर का माहौल भी एक कारण है लेकिन सरकार को इस पर अधिक जोर देना चाहिए। जागरुकता के साथ साथ टीकाकरण केंद्रों और उनके आसपास के ्षेत्रों में जिला स्तरीय टीमों को काम करना चाहिए। दिल्ली सहित देश भर में करीब चार से पांच फीसदी गर्भवती महिलाओं की आबादी है जिनमें से अब तक केवल 1.50 लाख ने ही वैक्सीन लिया है। 
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दिल्ली में कोरोना: आठ दिन बाद राजधानी में कोविड-19 से हुई मौत, सामने आए 36 नए संक्रमित

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आठ दिन बाद दिल्ली में कोरोना संक्रमण के चलते एक मरीज की मौत दर्ज की गई है। राजधानी के एक अस्पताल में भर्ती मरीज की हालत गंभीर होने और वेंटिलेटर पर रहने के बाद भी उपचार का असर न होने के चलते मौत हुई है। इससे पहले 10 अक्तूबर को दिल्ली में एक मरीज की मौत हुई थी। इस पूरे महीने की बात करें तो अबतक तीन मरीजों की मौत बीते 19 दिन में हो चुकी है। 

मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि 10 दिन बाद दिल्ली में कोरोना संक्रमण के सबसे अधिक मामले भी सामने आए हैं। पिछले एक दिन में 36 लोग कोरोना संक्रमित मिले हैं। जबकि 11 मरीजों को स्वस्थ घोषित किया गया है। इससे पहले आठ अक्तूबर को एक दिन में 39 लोग संक्रमित मिले थे।

विभाग ने यह भी जानकारी दी है कि 58729 सैंपल की जांच में 0.06 फीसदी सैंपल संक्रमित मिले हैं। इसी के साथ ही दिल्ली में कुल संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 14,39,441 हो चुकी है जिनमें से 14,14,029 मरीज अब तक ठीक हुए हैं। वहीं 25090 मरीजों की मौत हो चुकी है। दिल्ली में संक्रमित मरीजों की संख्या के चलते सक्रिय मामले भी अब बढ़कर 322 हो चुके हैं जिनमें से 103 मरीजों का उपचार उनके घरों में चल रहा है।

वहीं 181 मरीजों को अस्पतालों में रखा गया है। जबकि दो मरीज कोविड निगरानी केंद्र में भर्ती हैं। स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि राजधानी में कंटेनमेंट जोन की संख्या भी लगातार बढ़ने लगी है। अभी कुल कंटेनमेंट की संख्या 106 हो चुकी है। जबकि दो दिन पहले तक यह 100 से भी कम थी। 

दिल्ली में टीकाकरण दो करोड़ के करीब
एक तरफ देश में कोरोना टीकाकरण 100 करोड़ के करीब पहुंच चुका है। वहीं दिल्ली में भी कुल टीकाकरण दो करोड़ के नजदीक है। मंगलवार को 74 हजार से अधिक टीकाकरण हुआ है। इसी के साथ ही कुल टीकाकरण 1.97 करोड़ हो चुका है जिनमें से 69.27 लाख लोगों ने दोनों खुराक लेकर टीकाकरण खत्म कर लिया है। 
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दिल्ली: ज्योति नगर में महिला को ब्लैकमेल कर दुष्कर्म, आरोपी गिरफ्तार

दिल्ली के ज्योति नगर इलाके में 25 वर्षीय एक महिला को ब्लैकमेल कर दुष्कर्म करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि एक टैक्सी चालक पीड़िता को ज्योति नगर के एक होटल में ले गया। वहां उसके साथ वारदात को अंजाम दिया। बाद में आरोपी फरार हो गया। पीड़िता ने होटल के बाहर से ही पुलिस को सूचना दी। जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।

महिला का कहना है कि वह अपनी मां के साथ आरोपी की टैक्सी में उत्तराखंड के कलियर शरीफ गई थी। वहां रास्ते में एक होटल के अंदर आरोपी ने उसे नशीला पदार्थ पिलाकर पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया था। उसी दौरान आरोपी ने इसकी अश्लील वीडियो भी बना ली थी। अब उसके आधार पर ब्लैक कर रविवार को आरोपी महबूब ने दोबारा वारदात को अंजाम दिया। ज्योति नगर थाना पुलिस ने आरोपी महबूब को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस के मुताबिक पीड़िता सलमा (25)(बदला हुआ नाम) परिवार के साथ सिकंदराबाद, बुलंदशहर में रहती है। पति से विवाद होने कारण पिछले करीब तीन साल से सलमा अपनी मां के साथ ही रह रही थी। सलमा ने बताया कि 20 दिन पूर्व वह अपने एक रिश्तेदार के घर राजनगर एक्सटेंशन आ गई। यहां रिश्तेदार का एक दोस्त फुरकान भी रहता था। सलमा पिछले दिनों फुरकान के साथ महबूब नामक शख्स की टैक्सी में दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित दरगाह आई थी।

वहीं महबूब से उसकी हल्की पहचान हुई। खुद सलमा और उसकी मां को उत्तराखंड के कलियर शरीफ जाना था। उन्होंने महबूब की टैक्सी मंगा ली। महबूब खुद टैक्सी लेकर आया। वहां घूमने के बाद 14 अक्तूबर को सभी एक होटल में रुक गए। आरोप है कि महबूब ने वहां पानी में कुछ नशीला पदार्थ पिलाकर सलमा के साथ दुष्कर्म किया। इस दौरान उसने इसकी वीडियो भी बना ली। वारदात के बाद आरोपी वहां से फरार हो गया।

डर और बदनामी की वजह से सलमा व उसकी मां ने किसी को कुछ नहीं बताया। सलमा मां के साथ वापस गाजियाबाद लौट आई। यहां आने पर आरोपी महबूब ने उसे कॉल कर साथ चलने के लिए कहा। पीड़िता ने मना किया तो वह वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देने लगा। रविवार को आरोपी बाइक पर बिठाकर पीड़िता को दिल्ली के ज्योति नगर स्थित ईस्ट गोकलपुर के एक होटल में ले आया। यहां उसने जबरन पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद आरोपी वहां से चला गया। पीड़िता ने होटल के बाहर से पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने सोमवार को मामला दर्ज कर आरोपी महबूब को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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दिल्ली: किसानों 50000 रुपये प्रति हेक्टेयर के हिसाब से मुआवजा देगी केजरीवाल सरकार, शुरू हुआ सर्वे

बुलंदशहर : बेटी की गवाही पर पिता को उम्रकैद, अदालत ने कहा- दोषी ने की परिवार के विश्वास की हत्या

फावड़े से ताबड़तोड़ प्रहार कर पत्नी की हत्या करने वाले पति को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। अतिरिक्त जिला न्यायाधीश ने कहा कि अभियुक्त मनोज कुमार ने अपनी 13 साल की बेटी के सामने जिस तरह से पत्नी की हत्या की, वह दर्शाता है कि उसने परिवार के विश्वास की हत्या की है। मां के सबसे करीब बच्ची ही होती है। उसी के सामने हत्या की वारदात को अंजाम देना जघन्य अपराध की श्रेणी में आता है। 

सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी चंद्रभान सिंह ने बताया कि स्याना कोतवाली क्षेत्र के गांव हरवानपुर में 13 अक्तूबर 2016 को ममता की उसके पति मनोज कुमार ने फावड़े से ताबड़तोड़ प्रहार कर हत्या कर दी थी। एडीजे 12 विनीता विमल के न्यायालय में मामले की सुनवाई हुई। 

पिता के खिलाफ बेटी प्राची की गवाही सबसे अहम रही। अदालत ने दोनों पक्षों के गवाहों के बयानों और साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपी पति मनोज को दोषी करार दिया और उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड जमा न करने पर एक वर्ष अतिरिक्त सजा मनोज को भुगतनी पड़ेगी। 

ममता के पिता महेंद्र सिंह उर्फ मामचंद्र ने 14 अक्तूबर को थाना स्याना पर तहरीर देकर बताया था कि बेटी ममता की शादी करीब 16 वर्ष पूर्व स्याना के गांव हरवानपुर निवासी मनोज के साथ की थी। शादी के बाद से ही आरोपी ससुरालीजन उसका उत्पीड़न कर रहे थे। शादी के तीन वर्ष बाद उसने एक पुत्री को भी जन्म दिया था। शादी के दस साल बाद आरोपी पति ने ममता को जलाकर मारने की भी कोशिश की थी। 

इससे ममता के चेहरे व गर्दन आदि पर निशान पड़ गए थे। पुलिस में मामला ले जाने पर समझौता कर लिया था। इसके बाद कुछ दिन तक मनोज ठीक रहा। 13 अक्तूबर 2016 को ममता की हत्या कर दी। उन्होंने आरोपी पति मनोज समेत अन्य ससुरालीजनों के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। 


बेटी ने कहा, मेरे सामने ही हुई हत्या 
हत्या की एकमात्र चश्मदीद बेटी प्राची थी। उस वक्त उसकी उम्र 13 वर्ष की थी। बेटी प्राची की गवाही पर ही अन्य आरोपियों को पुलिस ने क्लीनचिट दे दी थी। उसने बताया था कि उसके पिता ने उसके सामने ही मां की हत्या की। अन्य परिजनों का उसमें कोई हाथ नहीं था। इसके बाद पुलिस ने केवल मनोज के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी। अदालत में भी प्राची की गवाही ही अहम साबित हुई।
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