बेहतर अनुभव के लिए एप चुनें।
INSTALL APP
विज्ञापन
विज्ञापन
इस वर्ष गणेश चतुर्थी पर बप्पा के घर में आगमन से होंगी ये राशियां धनवान
Myjyotish

इस वर्ष गणेश चतुर्थी पर बप्पा के घर में आगमन से होंगी ये राशियां धनवान

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

From nearby cities

दिल्लीः ऑनलाइन क्लास न कर पाने वाले बच्चों के लिए कांस्टेबल बने सहारा, मंदिर में ले रहे क्लास

दिल्ली पुलिस का एक कांस्टेबल कोरोना काल में जरूरतमंद बच्चों के लिए मदद का बड़ा हाथ बनकर सामने आया है। कांस्टेबल ने कोरोनाकाल के दौरान गरीब और जरूरतमंद...

20 अक्टूबर 2020

Digital Edition

कृषि कानूनों के खिलाफ जंग: शिरोमणी अकाली दल बादल ने दिल्ली में किया प्रदर्शन, केंद्र और कांग्रेस पर बोला हमला

शिरामणि अकाली दल बादल ने कृषि कानून को पास हुए एक साल पूरा होने पर शुक्रवार को रकाबगंज रोड पर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान अकाली दल के प्रमुख सुखबीर बादल, पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल आदि ने केंद्र की भाजपा सरकार और पंजाब की कांग्रेस सरकार को आड़े हाथों लिया। अकाली दल के नेताओं ने दोनों सरकारों को किसान विरोधी करार दिया, वहीं सुखबीर बादल ने एलान किया उनकी सरकार बनने पर वह पंजाब में कृषि कानून लागू नहीं करेंगे। प्रदर्शन के बाद सुखबीर बादल, हरसिमरत कौर बादल समेत 11 नेताओं ने गिरफ्तार दी, पुलिस उन्हें संसद मार्ग पुलिस स्टेशन ले गई, जहां से बाद में उन्हें छोड़ दिया गया।

इस मौके पर सुखबीर बादल ने कहा कि हम यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संदेश देने आए हैं। हम उनको बताना चाहते है कि पूरा पंजाब नहीं बल्कि पूरा देश उनकी सरकार के खिलाफ है। इस कारण वह तीनों कृषि कानूनों को तत्काल निरस्त करने के साथ साथ प्रमुख फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सुनिश्चित करने की कानूनी गांरटी देने का कार्य करें। यह कार्य नहीं होने तक वे लगातार लड़ाई लड़ेंगे। इस कड़ी में उनके दल ने केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दिया और यहां तक कि किसानों के साथ एकजुटता व्यक्त करने के लिए एनडीए के साथ बरसों पुराना गठबंधन छोड़ दिया था। अकाली दल ही एकमात्र विपक्षी दल था, जिसने संसद में तीनों कृषि कानूनों का विरोध किया था, जबकि कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने विरोध करने के बजाय संसद से वॉकआउट करने का रास्ता चुना था। 

सुखबीर बादल ने आरोप लगाया कि केंद्र की मोदी सरकार और हरियाणा की खट्टर सरकार ने हमारे कार्यकर्ताओं को रोका। उन्होंने लाठीचार्ज किया और हमारे वाहनों को तोड़ दिया, जबकि हम शांतिपूर्ण धरना देना चाहते हैं, जिसे बलपूर्वक रोका गया। वहीं उन्होंने कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कृषि कानूनों को सबसे पहले मनमोहन सिंह की सरकार ही लाई थी, जब संसद ने विरोध किया था, तब उन्हें वापस लेना पड़ा था। अब पंजाब में कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार भी इन कानूनों को लेकर आई थी, मगर हमने विरोध किया तो भी उन्होंने कोई बदलाव नहीं किया। कांग्रेस ने पूरी तरह के कृषि कानूनों का विरोध नहीं किया है। वहीं अकाली दल ने हर रोज कृषि कानून का विरोध किया। उन्होंने आम आदमी पार्टी एवं उसके संयोजक अरविंद केजरीवाल को भी कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि आप लगातार कृषि कानूनों पर विरोध का दिखावा कर रही है, दिल्ली में आप सरकार ने कानून लागू कर दिए हैं।

उधर हरसिमरत कौर बादल ने आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने 'सबका साथ, सबका विकास' का वादा किया था, लेकिन इस सरकार ने पूरे देश के किसानों के साथ विश्वासघात किया है। कृषि कानूनों के खिलाफ किसान बॉर्डर पर बैठे हैं और बड़ी संख्या में किसान शहीद हो गए हैं। इसके बावजूद सरकार के कानों पर जूं तक नहीं रेंगती है।

अकाली दल बादल के नेता व कार्यकर्ता कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन करने के लिए रकाबगंज गुरुद्वारा में एकत्रित हुए थे और उनका संसद मार्ग पर प्रदर्शन करने का कार्यक्रम था, लेकिन पुलिस ने उनको प्रदर्शन करने की इजाजत नहीं दी। इस दौरा उन्होंने रकाबगंज गुरुद्वारा रोड पर प्रदर्शन किया। इस अवसर पर प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा, सरदार बलविंदर सिंह भूंदड़ बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के प्रदेश अध्यक्ष जसवीर सिंह गढ़ी आदि भी मौजूद थे।
... और पढ़ें
अकाली दल प्रमुख सुखबीर बादल अकाली दल प्रमुख सुखबीर बादल

दिल्ली: लक्खा सिधाना को लाल किला हिंसा मामले में जमानत, रोहिणी कोर्ट से मिली राहत

अदालत ने शुक्रवार को गैंगस्टर बने सामाजिक कार्यकर्ता लक्खा सिधाना को गणतंत्र दिवस पर किसानों की विरोध रैली के दौरान कथित तौर पर पुलिस कर्मियों को मारने के प्रयास और भीड़ को बैरिकेड तोड़ने के लिए उकसाने से जुड़े एक मामले में अग्रिम जमानत दे दी।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश जगदीश कुमार ने सिधाना को राहत देते हुए कहा कि वह पहले ही जांच में शामिल हो चुके हैं और उसे हिरासत में लेने का कोई औचित्य नहीं है। अदालत ने 26 जनवरी को लाल किले में हुई हिंसा से संबंधित साजिश के मामले में उन्हें जमानत दे दी है।

सिधाना ने संजय गांधी ट्रांसपोर्ट नगर में किसानों और पुलिस के बीच हुई झड़प से जुड़े मामले में अग्रिम जमानत मांगी थी। अदालत ने अभियोजन पक्ष के उस तर्क को खारिज कर दिया कि भले ही वह जांच में शामिल हो गया है, लेकिन उसके द्वारा पुलिस को सौंपे गए मोबाइल फोन में से एक को पासवर्ड से सुरक्षित रखा जाता है और उसे खोला नहीं जा सका। सिधाना ने पासवर्ड देने से इनकार कर दिया है। सुनवाई के दौरान विशेष लोक अभियोजक मधुकर पांडेय ने अदालत को बताया कि सिधाना ने पुलिस को बताया कि वह पासवर्ड भूल गया है और जांच में सहयोग नहीं कर रहा है। अदालत ने कहा यदि यह स्थिति है कि अदालत यह कैसे मान सकती है कि वह पासवर्ड भूल गया है या जानबूझकर मोबाइल फोन को अनलॉक करने के लिए कोड का खुलासा नहीं कर रहा है।

अदालत ने कहा कि सिधाना ने स्वीकार किया है कि वह भीड़ का हिस्सा था। आरोपी की अग्रीम जमानत स्वीकार करते हुए अदालत ने उसे जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया है। अदालत ने उसे किसी भी तरह से गवाहों को प्रभावित न करने का निर्देश भी दिया है। 

हालांकि पुलिस ने कहा कि सिधाना गैरकानूनी सभा का हिस्सा था और उसने कुछ पुलिस अधिकारियों को मारने का प्रयास किया और भीड़ को बैरिकेड तोड़ने के लिए उकसाया। इसके अलावा आरोपी ने बैरिकेड तोड़ने के बाद जश्न मनाने के लिए कुछ लोगों को गले भी लगाया। उन्होंने बताया कि सिधाना इस समय हत्या और हत्या के प्रयास से जुड़े 20 जघन्य मामलों में शामिल है।

सिधाना की और से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता रमेश गुप्ता ने कोर्ट को बताया कि एफआईआर में उनके मुवक्किल का नाम भी नहीं है और पुलिस के पास उसके खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं है।
... और पढ़ें

पिता-पुत्र हत्याकांड: फर्नीचर कारोबारी और बेटे के शवों की हालत देख कांप गए लोग, पंखे से वार कर बुरी तरह कुचले चेहरे

गाजियाबाद जिले के लोनी के ट्रॉनिका सिटी की कासिम विहार कॉलोनी में गुरुवार तड़के चाकू से गोदकर फर्नीचर कारोबारी नईमुल हसन (34) और उनके बेटे उवैस (8) की हत्या कर दी गई। हत्यारों ने पिता-पुत्र का गला भी रेता और फिर पंखे के मोटर से चेहरा कुचल दिया। सुबह पड़ोस में रहने वाला नईमुल का भतीजा हेलमेट लेने गया तो दोनों के शव खाट पर पड़े मिले। सूचना पर आईजी प्रवीण कुमार, एसएसपी पवन कुमार और एसपी ग्रामीण ने घटनास्थल का जायजा लिया। फोरेंसिक टीम ने मौके पर साक्ष्य जुटाए। पुलिस परिजनों व अन्य लोगों से पूछताछ कर रही है। मूलरूप से संभल के गांव थाना धनारी निवासी नईमुल करीब 7 साल से कासिम विहार कॉलोनी में पत्नी साइमा और चार बच्चों के साथ रह रहे थे। नईमुल हसन पड़ोस में रहने वाले दो भाइयों ममनून और जंजरहसन के साथ रामपार्क कॉलोनी में फर्नीचर का काम करते थे। नईमुल की पत्नी 6 दिन पहले तीन बच्चों को लेकर बिहार रिश्तेदारी में गई हुई हैं। जबकि नईमुल बेटे उवैस के साथ घर पर रुक गए थे। बुधवार रात दोनों एक ही कमरे में अलग-अलग खाट पर सोए थे। बृहस्पतिवार सुबह दोनों के शव खून से लथपथ कमरे में मिले। 
 
... और पढ़ें

गिरफ्त में छह आतंकी: जीशान कमर को लेकर चौंकाने वाला खुलासा, अहम राज जानकर खुफिया एजेंसियां भी हैरान

आईएसआई के आतंकी मॉड्यूल के भंडाफोड़ के दौरान प्रयागराज से गिरफ्तार जीशान कमर के बारे में चौंकाने वाली बात सामने आई है। खुफिया एजेंसियों को लीड मिली है कि वह कुख्यात आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद के दहशतगर्दों के भी संपर्क में हो सकता है। दरअसल, पाकिस्तान के जिस थट्टा टेरर कैंप में उसे ट्रेनिंग दी गई, वह जैश के आतंकियों का ही बेसकैंप माना जाता है। इस जानकारी के बाद खुफिया एजेंसियों ने उसके तमाम संपर्क माध्यमों पर भी नजर टिका दी है।   दरअसल, पूछताछ के बाद दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के अफसरों ने खुलासा किया था कि प्रयागराज से पकड़े गए जीशान और दिल्ली से पकड़े गए ओसामा ने पूछताछ में बताया था कि उन्हें पाकिस्तान में ट्रेनिंग दी गई। यह भी सामने आया था कि ट्रेनिंग पाकिस्तान के थट्टा टेरर कैंप में दी गई। जिसके बाद आईबी समेत अन्य खुफिया एजेंसियां दोनों के बारे में और अधिक जानकारी जुटाने में लग गईं। 
 
... और पढ़ें

दावा: रेलवे ट्रैक-पुल उड़ाने की रची थी साजिश, बड़ी सभाएं भी थीं निशाने पर, 1993 मुंबई सीरियल ब्लास्ट को दोहराना चाहते थे आतंकी

जीशान
पूरे देश को दहलाने की साजिश में पकड़े गए छह आतंकियों ने पूछताछ में अहम खुलासा किया है। देश के कई राज्यों को दहलाने की साजिश रची थी। इसके लिए आईएसआई व अंडरवर्ल्ड बड़े पैमाने पर तैयारी कर रहे थे। आतंकियों ने खुलासा किया है कि अभी इन्हें रैकी व हथियारों को इंतजाम करने के लिए कहा गया था। आईएसआई के निर्देश मिलने के बाद कई राज्यों के मेट्रो शहरों में बम धमाके करने थे। 

दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल के सूत्रों के मुताबिक, पाक-संगठित आतंकी मॉड्यूल का हिस्सा रहे आतंकवादियों को रेलवे पटरियों और पुलों को उड़ाने का प्रशिक्षण दिया गया था। बड़ी सभाएं भी उनके निशाने पर थीं। स्लीपर सेल की भी भूमिका सामने आई है। 




उन्होंने बताया कि जांच से पता चलता है कि पाकिस्तान द्वारा संचालित आतंकी मॉड्यूल की योजना 1993 के मुंबई सीरियल बम धमाकों की तर्ज पर थी। अलग-अलग जगहों की रेकी करने के बाद अलग-अलग जगहों से लोगों को मिलना था। 
 

सूत्रों के मुताबिक, पाक संगठित आतंकी मॉड्यूल का हिस्सा रहे दो आतंकवादियों ने पाकिस्तान की यात्रा की, लेकिन उनके पासपोर्ट पर कोई मोहर नहीं थी। उन्होंने ग्वादर पोर्ट के माध्यम से समुद्री मार्ग का रास्ता चुना। ओमान से पाकिस्तान की ओर जाते समय मोटर बोट भी बदली। 

बता दें कि गिरफ्तार आतंकी ओसामा व जीशान को भी पाकिस्तान में उसकी जगह पर ट्रेनिंग दी गई थी जिस जगह मुंबई आतंकी हमले के दोषी अजमल अमीर कसाब को दी गई थी। स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आतंकी त्यौहारों के दौरान ऐसी जगह पर बम धमाका करना चाहते थे, जहां एक धर्म विशेष के लोग एक जगह पर भारी मात्रा में एकत्रित होते हों। बम धमाकों के बाद जान-माल का ज्यादा नुकसान हो और इसके बाद देश में साम्प्रदायिक सौहार्द खराब हो जाए व देश में दंगे फैल जाएं।
... और पढ़ें

दिल्ली: मानवाधिकार कार्यकर्ता हर्ष मंदर के ठिकानों पर ईडी का छापा, मनी लॉन्ड्रिंग का है मामला

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुवार को पूर्व आईएएस अधिकारी और मानवाधिकार कार्यकर्ता हर्ष मंदर के नई दिल्ली स्थित घर और दफ्तर पर छापे मारे। ईडी की कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब मंदर अपनी पत्नी के साथ जर्मनी गए हुए हैं।

आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, दक्षिण दिल्ली के अधचिनी, वसंत कुंज और महरौली स्थित कम से कम तीन परिसरों पर मनी लॉन्ड्रिंग निषेध कानून (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत छापे मारे गए हैं। सूत्रों ने बताया कि टीम उनसे जुड़े दो गैर सरकारी संगठनों के वित्तीय एवं बैंकिंग दस्तावेजों की जांच कर रही है। 

ईडी का यह मामला दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) की ओर से फरवरी में सेंटर फॉर इक्विटी स्टडीज (सीएसई) के खिलाफ दर्ज की गई प्राथमिकी से जुड़ा है। यह सभी संस्थान मंदर चलाते हैं और इसके निदेशक भी हैं। मंदेर ने कई पुस्तक लिखी हैं और सामाजिक कार्यों के अलावा वह सामाजिक न्याय और मानवाधिकार जैसे विषयों पर समाचार पत्रों में संपादकीय भी लिखते हैं। 

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के रजिस्ट्रार की शिकायत पर धारा 188 (लोक सेवक द्वारा विधिवत आदेश की अवज्ञा), किशोर न्याय अधिनियम की धारा 75 और 83 (2) के तहत मामला दर्ज किया गया था। ये मामले सीएसई द्वारा दक्षिण दिल्ली में स्थापित ‘उम्मीद अमन घर’ और ‘खुशी रेनबो होम’ से जुड़े हैं। 
... और पढ़ें

मौसम अपडेट: दिल्ली-एनसीआर में फिर शुरू हुई बारिश, येलो अलर्ट जारी, टूट सकता है 46 वर्षों का रिकॉर्ड

राजधानी दिल्ली व आसपास के इलाकों में गुरुवार सुबह से ही हल्की बारिश हो रही है। दक्षिण दिल्ली, दक्षिण-पश्चिमी दिल्ली और पलवल में भी बारिश की हल्की फुहार पड़ रही है। मालूम हो कि अगले दो दिनों के लिए विभाग ने यलो अलर्ट जारी किया है। राजधानी में अभी दो दिनों तक इसी तरह का मौसम बने रहने के आसार हैं। इससे तापमान में सामान्य से चार से पांच डिग्री सेल्सियस तक की कमी आ सकती है। इसके साथ ही दिल्ली बारिश को लेकर पुराने रिकॉर्ड को ध्वस्त कर नया रिकॉर्ड बना सकती है। अगले 24 घंटों में मौसम के करवट लेने के साथ तेज बारिश की संभावना है।

सड़कों पर भरने लगा पानी
लगातार हो रही बारिश के कारण कई जगहों में जलभराव की स्थिति बन गई है। सड़कें एक बार फिर जलमग्न हो गई हैं। ट्रैफिक पुलिस ने अलर्ट जारी कर कहा है कि पुल प्रह्लादपुर अंडरपास में जलभराव होने के कारण इसे बंद कर दिया गया है। वहीं, बदरपुर से एमबी रोड जाने वाले यातायात को आश्रम की ओर डाइवर्ट किया गया है।

टूट सकता है 46 साल का रिकॉर्ड
मौसम विभाग के मुताबिक आगामी दो दिनों के लिए दिल्ली लगातार भीगेगी। विभाग का पूर्वानुमान है कि दिल्ली में 30 से 40 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से हवा चलने के साथ तेज बारिश हो सकती है। दिल्ली में बारिश का नया रिकॉर्ड भी बना सकता है, क्योंकि अभी तक दिल्ली में कुल 1146.4 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है जो पिछले 46 सालों में सबसे अधिक है। वर्ष 1975 में दिल्ली के आधिकारिक मानक केंद्र सफदरजंग पर 1155 मिमी  बारिश रिकॉर्ड की गई थी।

शुक्रवार को 31 डिग्री तक पहुंच सकता है तापमान
शुक्रवार के लिए बारिश को लेकर यही स्थिति रहेगी, नतीजतन शुक्रवार तक तापमान 31 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। वहीं, न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस तक रहेगा। 

वहीं बुधवार को दिल्ली में सूरज के कड़े तेवर देखने को मिले थे। दिनभर सूरज की तपिश की वजह से लोगों का बुरा हाल था। बीच-बीच में बादलों ने डेरा डाला, लेकिन बात नहीं बन पाई और लोगों को गर्मी का सामना करना पड़ा। 
 
... और पढ़ें

ग्रेटर नोएडा से छात्रा अगवा: छोटी बहन को बचाने आई बड़ी बहन को कार में ले गए, परिजनों का हंगामा

ग्रेटर नोएडा के बादलपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव सादोपुर के पास सुबह सैर करने निकली छात्रा का कुछ कार सवार बदमाशों ने अपहरण कर लिया। छात्रा के साथ उसके भाई-बहन भी थे, जिनका अपहरण करने की भी कोशिश की गई थी लेकिन बदमाश नाकाम रहे। इस घटना की जानकारी के बाद से ही ग्रामीणों में नाराजगी है और इसी के चलते उन्होंने नेशनल हाईवे जाम कर दिया।

दादरी स्थित बादलपुर कोतवाली क्षेत्र के सादोपुर गांव से मॉर्निंग वॉक के लिए निकली बीए अंतिम वर्ष की छात्रा का वैन सवार तीन बदमाशों ने अपहरण कर लिया। सादुल्लापुर रेलवे फाटक से तीन छोटे बहन भाइयों के साथ दौड़ लगाकर लौटने के दौरान बदमाशों ने पहले छोटी बहन को अगवा करने की कोशिश की। बड़ी बहन ने छोटी को बदमाशों के चंगुल से छुड़ा लिया लेकिन बदमाश पीड़िता को अगवा कर फरार हो गए। सूचना पर पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और पुलिस की कई टीमें छात्रा और बदमाशों की तलाश में जुट गईं हैं।

यह भी पढ़ें: छह आतंकी गिरफ्तारी मामला: कसाब की ट्रेनिंग वाले कैंप में ही दहशतगर्द बने हैं ओसामा व जीशान, चाहते थे 26/11 को दोहराना

पूर्व जिला पंचायत सदस्य की बेटी है स्वाति
सादोपुर निवासी पूर्व जिला पंचायत सदस्य अजय पाल की पुत्री स्वाति बीए अंतिम वर्ष की छात्रा है। स्वाति अपनी छोटी बहन खुशी, भाई भानु और किट्टू के साथ गुरुवार सुबह मॉर्निंग वॉक पर निकली थी। चारों भाई बहन सादुल्लापुर रेलवे फाटक तक दौड़ लगाकर वापस लौट रहे थे। इसी बीच एक वैन उनके पास आकर रुकी वैन में तीन बदमाश सवार थे।

बदमाशों ने खुशी को अगवा करने की कोशिश की। पीड़िता स्वाति अपनी बहन को बचाने के लिए बदमाशों के पास पहुंच गई और उसे उनके चंगुल से छुड़ा लिया। लेकिन बदमाशों ने स्वाति को काबू कर लिया और उसे अगवा कर वैन से फरार हो गए।

यह भी पढ़ें: दिल्ली: महिला ने प्रेमी और उसके साथी से करवाई थी पति की हत्या, सामने आया चौंकाने वाला सच

अच्छेजा की तरफ भागे बदमाश
छात्रा के अपहरण की सूचना पर आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और सूचना मिलते ही थाना पुलिस और आला अधिकारी मौके पर पहुंच कर जांच पड़ताल में जुट गए। पुलिस टीम आसपास के सीसीटीवी खंगाल कर बदमाशों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। बताया गया है कि बदमाश अच्छेजा गांव की तरफ भागे हैं। पुलिस की कई टीमें छात्रा की सकुशल बरामदगी और बदमाशों की गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी हैं।

पौने 3 घंटे राष्ट्रीय राजमार्ग किया जाम
बताया गया है कि छात्रा के अपहरण की घटना सुबह लगभग 5:00 बजे की है। सुबह लगभग 6:30 बजे वारदात से गुस्साए ग्रामीणों ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगा दिया। सूचना पर पहुंचे आला अधिकारियों ने छात्रा की सकुशल बरामदगी और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन देकर लगभग 9:15 बजे जाम खुलवा दिया।
... और पढ़ें

दिल्ली: मायापुरी की फैक्टरी में लगी भीषण आग, 23 दमकल की गाड़ियों ने तीन घंटे में पाया काबू

मायापुरी इलाके में गुरुवार सुबह कार के कलपूर्जे और चिप्स के गोदाम में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते दो मंजिला गोदाम में आग ने भयावह रूप ले लिया। घटना की जानकारी मिलने के बाद दमकल की 23 गाड़ियां मौके पर पहुंचकर आग बुझाने में जुट गईं। 

करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। आग में कोई हताहत नहीं हुआ है। दमकल विभाग के अधिकारियों के मुताबिक शुरुआती जांच में शार्ट सर्किट से आग लगने की बात सामने आई है। फिलहाल पुलिस आग लगने के कारणों और इससे हुए नुकसान का आकलन कर रही है।
 
सुबह साढ़े नौ बजे मायापुरी के सी ब्लॉक में स्थित एक गोदाम में अचानक आग लग गई। धुंआ का गुब्बार उठता देख लोगों ने दमकल विभाग को इसकी जानकारी दी। सूचना मिलते ही आस पास के फायर स्टेशनों से 17 गाड़ियों को मौके पर पहुंच गई। दमकल अधिकारियों ने देखा कि आग गोदाम के भूतल से लेकर दूसरी मंजिल तक फैल चुकी है। 

आग को मध्यम दर्जा का घोषित करने के बाद छह और दमकल की गाड़ियों को मौके पर बुला लिया गया। जांच में पता चला कि छह सौ स्क्वाइर में फैले इमारत में कार के कलपूर्जे और चिप्स का गोदाम है और यहां पैकेजिंग का काम हाता है। 

आग लगने के दौरान वहां एक दो लोग मौजूद थे। जो तुरंत बाहर निकल गए। दमकलकर्मी आग बुझाने में जुट गए। करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद दमकलकर्मियों ने आग पर काबू पा लिया। उसके बाद दमकलकर्मियों ने कुलिंग का काम शुरू कर दिया। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। 
... और पढ़ें
  • Downloads

Follow Us