खुशखबरी: दिल्ली से वैष्णो देवी, खाटू श्याम और अयोध्या के लिए DTC चलाएगी 50 AC बसें, परिवहन मंत्री ने की घोषणा
सरकार दिल्ली और बिहार के बीच बस कनेक्टिविटी की भी तलाश कर रही है। राष्ट्रीय राजधानी में बड़ी पूर्वांचली आबादी को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया जा रहा है।
विस्तार
दिल्ली सरकार ने तीन प्रमुख धार्मिक स्थलों के लिए अंतर-राज्यीय सरकारी बस सेवा शुरू करने की योजना बनाई है। परिवहन मंत्री पंकज सिंह ने सोमवार को इसकी घोषणा की। इन स्थलों में कटरा (वैष्णो देवी), राजस्थान में खाटू श्याम और उत्तर प्रदेश में अयोध्या शामिल हैं।
दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) जल्द ही 50 एसी बसों के साथ 17 अंतर-राज्यीय मार्गों पर कनेक्टिविटी बढ़ाएगा। परिवहन मंत्री सिंह ने कहा कि सरकार नागरिकों के लिए आरामदायक और किफायती यात्रा सुनिश्चित करने को प्रतिबद्ध है। इसका उद्देश्य अंतर-राज्यीय कनेक्टिविटी को मजबूत करना है। दिल्ली के भक्तों को देश भर के धार्मिक स्थलों तक सुविधाजनक यात्रा मिल सकेगी। अधिकारियों के अनुसार, बसें राज्य सड़क परिवहन उपक्रम संघ द्वारा निर्धारित दरों पर चलेंगी।
कई अतिरिक्त अंतर-राज्यीय मार्गों का भी विस्तार किया जा रहा है। इनमें नानकसर दिल्ली-गाजियाबाद बस टर्मिनल, दिल्ली-रेवाड़ी, दिल्ली-करनाल, दिल्ली-रोहतक, दिल्ली-अलवर और दिल्ली-जेवर शामिल हैं। यह दैनिक यात्रियों और क्षेत्रीय यात्रियों के लिए पहुंच बढ़ाएगा। सरकार दिल्ली और बिहार के बीच बस कनेक्टिविटी की भी तलाश कर रही है। राष्ट्रीय राजधानी में बड़ी पूर्वांचली आबादी को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया जा रहा है।
धार्मिक स्थलों के लिए विस्तार
दिल्ली से कटरा (जम्मू-कश्मीर में वैष्णो देवी), खाटू श्याम (राजस्थान) और अयोध्या (उत्तर प्रदेश) जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों के लिए नई बस सेवाओं की योजना है। इससे भक्तों को सुविधाजनक और सुरक्षित यात्रा करने में मदद मिलेगी। यह पहल दिल्ली के लोगों की धार्मिक यात्राओं को आसान बनाएगी। सरकार का लक्ष्य अंतर-राज्यीय परिवहन सेवाओं को मजबूत करना है।
मौजूदा और प्रस्तावित मार्ग
अंतर-राज्यीय परिवहन सेवाओं के चल रहे विस्तार के तहत डीटीसी ने पहले ही इलेक्ट्रिक बसें शुरू कर दी हैं। ये बसें दिल्ली-बरौत (उत्तर प्रदेश), दिल्ली-सोनीपत (हरियाणा), दिल्ली-धारूहेड़ा (हरियाणा) और दिल्ली-पानीपत (हरियाणा) जैसे प्रमुख मार्गों पर चल रही हैं। दिल्ली और बिहार के बीच कनेक्टिविटी के लिए जल्द ही एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है। यह कदम दोनों क्षेत्रों के बीच संबंधों को मजबूत करेगा।