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पांच बड़ी खबरें: शोपियां मुठभेड़ में दो आतंकी ढेर, एनआईए ने आतंकी हमलों की साजिश रचने के मामले में 11 स्थानों पर की छापेमारी

जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली है। शोपियां मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने दो आतंकियों मार गिराया है। सुराक्षबलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर रखी है। साथ ही तलाशी अभियान जारी है। इस हमले में एक जवान के शहीद होने की सूचना है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें........

जम्मू-कश्मीर में हाल ही में हुए आतंकी हमलों की साजिश रचने के मामले में नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) ने 11 जगहों पर छापेमारी की। इस छापेमारी के तहत श्रीनगर में चार जगह, बारामूला में दो जगह, पुलवामा में एक जगह, अवंतीपोरा में दो जगह, सोपोर में एक जगह और कुलगाम में एक जगह शामिल है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें........

जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने बुधवार को मेघालय के राज्यपाल सत्यपाल मलिक से अपनी कथित टिप्पणियों को वापस लेने के लिए कहा है। दरअसल सत्यपाल मलिक ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री रोशनी योजना के लाभार्थी थे। महबूबा ने कहा कि ऐसा नहीं हुआ तो सत्यपाल मलिक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें........

चैंबर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्री जम्मू के प्रधान अरुण गुप्ता ने कहा कि गैर स्थानीय श्रमिकों की हत्याओं के बाद कश्मीर में मौजूदा गंभीर स्थिति जम्मू क्षेत्र के उद्योग को प्रभावित करेगी। सर्दी में बड़ी संख्या में पर्यटक और श्रद्धालु जम्मू-कश्मीर की यात्रा करने की योजना बदल सकते हैं। श्रमिकों के पलायन से सार्वजनिक क्षेत्र भी प्रभावित होंगे। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें........

कोरोना संक्रमण के दौरान नगर निगम ने स्प्रे अभियान के तहत पचास लाख से ज्यादा राशि खर्च कर दी है, लेकिन धरातल पर परिणाम सिफर है। कोरोना काल में दवाई के छिड़काव के लिए जो पंप खरीदे थे वह भी खराब निकले है। फागिंग मशीनों में भी तकनीकी खामी पाई गई। यह खरीदारी 2020 में पहले लॉकडाउन के दौरान हुई थी। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें........ ... और पढ़ें
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जम्मू-कश्मीर: शोपियां में सुरक्षाबलों ने दो आतंकियों को किया ढेर, एक जवान के शहीद होने की सूचना

जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली है। शोपियां मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने दो आतंकियों मार गिराया है। सुराक्षबलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर रखी है। साथ ही तलाशी अभियान जारी है। इस हमले में एक जवान के शहीद होने की सूचना है। हालांकि सेना ने अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं की है।

जानकारी के अनुसार, खुफिया एजेंसियों को दक्षिण कश्मीर में शोपियां जिले के चीरबाग द्रगाड इलाके में आतंकियों के छिपे होने की सूचना मिली, जिसके बाद पुलिस, सेना और सीआरपीएफ की एक संयुक्त टीम ने चीरबाग द्रगाड गांव में घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू किया।

आतंकियों ने खुद को घिरा देख सुरक्षबलों पर फायरिंग शुरू कर दी। सुरक्षाबलों ने आतंकियों से आत्मसमर्पण करने के लिए कहा, लेकिन आतंकी लगातार सुरक्षाबलों पर गोलीबारी करते रहे। सुरक्षाबलों ने भी मुंहतोड़ जवाब दिया और दो आतंकियों को मार गिराया। पुलिस अधिकारी ने बताया कि क्षेत्र में छिपे हुए आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर फायरिंग शुरू कर दी थी, जिसके बाद मुठभेड़ शुरू हुई और आतंकियों को मार गिराया। 



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आईजीपी कश्मीर ने कहा कि शोपियां में मारे गए आतंकी की पहचान आदिल आह वानी के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि वह पुलवामा में एक मजदूर की हत्या में शामिल था। दो हफ्ते में अब तक 15 आतंकियों को ढेर किया जा चुका है।

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जम्मू-कश्मीर: एनआईए ने आतंकी हमलों की साजिश रचने के मामले में 11 स्थानों पर की छापेमारी

जम्मू-कश्मीर में हाल ही में हुए आतंकी हमलों की साजिश रचने के मामले में नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) ने 11 जगहों पर छापेमारी की। इस छापेमारी के तहत श्रीनगर में चार जगह, बारामुला में दो, पुलवामा में एक, अवंतीपोरा में दो, सोपोर में एक और कुलगाम में एक जगह शामिल है।

10 अक्तूूबर को भी 16 जगहों पर मारा था छापा
इससे पहले 10 अक्तूबर यानी रविवार को भी एनआईए ने जम्मू-कश्मीर में 16 जगहों पर छापा मारा था। एनआईए ने कुलगाम, बारामुला, श्रीनगर, अनंतनाग में कार्रवाई की थी। जानकारी के अनुसार, वॉयस ऑफ हिंद पत्रिका से जुड़े मामलों में यह कार्रवाई की गई है। टीआरएफ (द रेजिस्टेंस फ्रंट) के कमांडर सज्जाद गुल के घर पर भी अधिकारियों ने छापा मारा। 'वॉयस ऑफ हिंद' पत्रिका (जिसका मकसद युवाओं को उकसाना और कट्टरपंथी बनाना है) के प्रकाशन और आईईडी की बरामदगी के संबंध में जम्मू-कश्मीर में 16 जगहों पर कार्रवाई हुई। जिसमें एजाज अहमद टाक पुत्र गुलाम मोहम्मद टाक, मुदासिर अहमद अहंगर पुत्र गुलाम मोहिउद्दीन अहंगर, नसीर मंजूर मीर पुत्र मंज़ूर अहमद मीर और जुनैद हुसैन खान पुत्र मोहम्मद हुसैन खान को अचबल थाने ले जाया गया और उनसे पूछताछ की गई।



12 अक्तूबर को भी 16 जगहों पर मारा था छापा
इससे पहले राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने जम्मू-कश्मीर में आतंकी संबंधी गतिविधियों के मद्देनजर मंगलवार को 16 जगहों पर छापेमारी की थी। एनआईए ने यह छापा लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी), जैश-ए-मोहम्मद (जेएम), हिज्ब-उल-मुजाहिदीन (एचएम), अल बद्र, द रेसिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ), पीपल अगेंस्ट फासिस्ट फोर्सेज (पीएएफएफ), मुजाहिदीन गजवतुल हिंद (एमजीएच) समेत विभिन्न आतंकी संगठनों के साजिशों का पर्दाफाश करने के लिए मारा था। सूत्रों के अनुसार 10 अक्तूबर को नया मामला दर्ज किया गया था, जिसके बाद एनआईए द्वारा छापेमारी की गई।

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13 अक्तूबर को भी दो जगहों पर मारा था छापा
जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में दो स्थानों पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने पाकिस्तान स्थित लश्कर की शाखा, द रेसिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) के खिलाफ एक नए मामले के सिलसिले में छापेमारी की। एनआईए ने इस दौरान पांच और आतंकवादियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आतंकियों की पहचान मोहम्मद हनीफ चिरालू, हफीज, ओवैस दार, मतीन भट और आरिफ फारूक भट के रूप में हुई। यह मामला लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद, हिजबुल मुजाहिदीन, अल बदर और उनके सहयोगियों के कैडर द्वारा जम्मू-कश्मीर और अन्य प्रमुख शहरों में हिंसक आतंकवादी कृत्यों को अंजाम देने की साजिश रचने से संबंधित है।

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क्रिकेट: जेकेसीए से जुड़ी जानकारी अब वेबसाइट से हासिल कर सकेंगे खिलाड़ी, जानिए कब से मिलेगी सुविधा

क्रिकेट प्रेमी और खिलाड़ियों को अब जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन (जेकेसीए) से जुड़ी हर जानकारी और नई कवायद की ऑनलाइन जानकारी मिलेगी। जेकेसीए अपने वेबसाइट तैयार कर रहा है और एक महीने में शुरू हो जाएगगी। बीसीसीआई से पंजीकृत होने के 50 साल बाद तक जेकेसीए के पास वेबसाइट नहीं थी।

हाल ही में नियुक्त की जेकेसीए की उप-समिति ने वेबसाइट बानने की प्रक्रिया को शुरू कर दिया है और वेबसाइट के लिए जेकेसीए के संबंधित सामग्री उपलब्ध करवाई जा रही है। जेकेसीए के पास अभी तक अपने वेबसाइट नहीं थी। टीम के लिए ट्रायल सहित अन्य जरूरी जानकारी के लिए खिलाड़ियों को जेकेसीए कार्यालय ही जाना पड़ता था। अब जेकेसीए अपनी वेबसाइट तैयार कर रहा है, जिसे खिलाड़ी हर जानकारी हासिल कर सकेंगा।

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वेबसाइट प्रतियोगिताओं से जुड़ी जानकरी के साथ चिन्हित टीम की सूची आधि भी उपलब्ध होगी। वेबसाइट के अभाव में जेकेसीए अखबारों में विज्ञापन देकर खिलाड़ियों तक जानकारी पहुंचाता था, इसमें काफी राशि भी खर्च होती थी। जेकेसीए की उप- समिति के सदस्य मिथून मन्हास ने कहा कि वेबसाइट बनने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। अन्य राज्य क्रिकेट एसोसिएशन के तरह जेकेसीए की वेबसाइट होगी, जिसमें हर जानकारी उपलब्ध होगी। एक महीने में वेबसाइट बनकर तैयार हो जाएगी। वेबसाइट पर जेकेसीए के हर कार्यक्रम की जानकारी उपलब्ध होगी।
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जम्मू-कश्मीर: कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए पचास लाख खर्च, परिणाम सिफर

सांकेतिक तस्वीर
कोरोना संक्रमण के दौरान नगर निगम ने स्प्रे अभियान के तहत पचास लाख से ज्यादा राशि खर्च कर दी है, लेकिन धरातल पर परिणाम सिफर है। कोरोना काल में दवाई के छिड़काव के लिए जो पंप खरीदे थे वह भी खराब निकले है। फागिंग मशीनों में भी तकनीकी खामी पाई गई। यह खरीदारी 2020 में पहले लॉकडाउन के दौरान हुई थी। इसके अलावा स्प्रे के लिए टैंकर की भी खरीद हुई थी, लेकिन उनका इस बार लॉकडाउन में भी प्रयोग नहीं हो पाया है। यह मामला जनरल हाउस में भी गरमाया रहा है।

नगर निगम के रिकॉर्ड के अनुसार दोनों लाकडाउन में पचास लाख से ज्यादा खर्च मशीनरी, स्प्रे और द वाई पर किया गया है। इस साल हुए लॉकडाउन के दौरान स्प्रे अभियान ऐसे इलाकों में चला, जहां पर मरीजों की पहचान हो रही थी। हालांकि पहले लॉकडाउन में गलियों और सड़कों में दवा छिड़काव अभियान जोरशोर से चला था, लेकिन बाद में इसकी गति मंद हो गई। इस दौरान पार्षदों की ओर से बवाल किया गया। जनरल हाउस की बैठकों में मसलों गरमाया रहा। इस पर अधिकारी स्प्रे करने का हवाल दे चुके हैं।

हर वार्ड में मिली थीं दो-दो मशीनें
जानकारी के अनुसार हर वार्ड में दो-दो फागिंग और छिड़काव मशीनें पार्षदों को मुहैया करवाई गई थीं। लेकिन कुछ वार्डों में मशीनें मुहैया नहीं हुई हैं। इस कारण निजी खर्च पर पार्षदों को मशीनें लेनी पड़ी थीं।

निजी स्तर पर पार्षदों ने करवाया स्प्रे
नगर निगम से मशीनरी नहीं मिलने पर लॉकडाउन एक और दो में पार्षदों ने अपने स्तर पर स्प्रे और फागिंग मशीनें खरीदी थीं। अपने वार्ड के अलावा अन्य वार्डों में भी दवाई का छिड़काव करवाया गया था।

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बैठकों में हर बार गरमाता है मसला
जनरल हाउस की बैठकों में हर बार पार्षदों की ओर से मसले को उठाया जाता है। इस पर तीखी बहस भी होती है। इस पर विभागीय जांच के आदेश भी दिए गए थे। इस बार होने वाली बैठक में रिपोर्ट रखी जानी है।

कोरोना संक्रमण के दौरान लाखों खर्च हुए हैं। मशीनरी खरीदी गई। इस बारे में जांच करवाई जाएगी की राशि कहां पर खर्च हुई है और सामान कहां पर है। फिलहाल स्प्रे करवाया जा रहा है। लोगों को बेहतर सुविधा दी जा रही है। - अतुल गुप्ता, सचिव, नगर निगम
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महबूबा मुफ्ती बोलीं: पूर्व राज्यपाल मलिक का मुझे रोशनी योजना का लाभार्थी कहने का दावा झूठा, लिया जाएगा कानून का सहारा

जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने बुधवार को मेघालय के राज्यपाल सत्यपाल मलिक से अपनी कथित टिप्पणियों को वापस लेने के लिए कहा है। दरअसल सत्यपाल मलिक ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री रोशनी योजना के लाभार्थी थे। महबूबा ने कहा कि ऐसा नहीं हुआ तो सत्यपाल मलिक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


महबूबा ने कहा,मुझे रोशनी अधिनियम का लाभार्थी कहने वाला सत्यपाल मलिक का बयान पूरी तरह से गलत और बेतुका है। मेरी कानूनी टीम उन पर मुकदमा करने की तैयारी कर रही है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि उनके पास अपनी टिप्पणी वापस लेने का विकल्प है, ऐसा नहीं करने पर मैं कानूनी सहारा लूंगी।


महबूबा ने एक वीडियो साझा किया जिसमें मलिक, जो जम्मू-कश्मीर राज्य के अंतिम राज्यपाल थे, कथित तौर पर यह दावा करते हुए दिखाई दे रहे हैं कि नेशनल कांफ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला, उनके बेटे उमर अब्दुल्ला और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की प्रमुख मुफ्ती को रोशनी योजना के तहत जमीन मिली है।


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रोशनी अधिनियम को फारूक अब्दुल्ला सरकार द्वारा लाया गया था। हालांकि, जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय द्वारा इसे अवैध घोषित करने के बाद योजना को भंग कर दिया गया था और सीबीआई को योजना के लाभार्थियों की जांच करने का निर्देश दिया था।

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जम्मू-कश्मीर: निजी स्कूलों के लिए दाखिला नीति पर सरकार को जवाब देने का अतिरिक्त समय

जम्मू-कश्मीर: नई शिक्षा नीति का धीरे-धीरे प्रदेश के उच्च शिक्षण संस्थानों में हो रहा प्रचार

नई शिक्षा नीति 2020 के तहत जम्मू के उच्च शिक्षण और तकनीकी संस्थानों में बदलाव आना शुरू हो गया है। सभी संस्थानों ने नीति को सफल बनाने की तैयारियां की हैं। सरकार ने जिस उद्देश्य से भारत में शिक्षा नीति को लागू किया है। उस उद्देश्य को पूरा करने के लिए तमाम संस्थान प्रयास कर रहे हैं। इससे आत्म निर्भर भारत बनाने में आसानी होगी। हालांकि कोरोना महामारी के चलते दो सालों से संस्थानों कक्षाओं समेत तमाम गतिविधियां ऑफलाइन मोड के बजाए ऑनलाइन मोड से जारी हैं। लेकिन नई नीति के तहत ऑनलाइन मोड से कार्यक्रम चले हैं। जिसमें अलग-अलग क्षेेत्रों से विशेषज्ञ छात्रों के आत्मनिर्भर बनने के गुर सिखा रहे हैं।

शेर-ए कश्मीर कृषि विज्ञान विवि जम्मू में  आत्म निर्भर भारत बनाने के लिए इस बार हार्टीकल्चर और सीड साइंसस में बीएई कोर्स की शुरूआत की गई है। विवि के डीन अकेडमिक अफेयर्स डॉ. बिक्रम ने बताया कि केंद्र के हार्टीकल्चर और सीड साइंसेस में जितने आवेदन पत्र निकलते हैं। उनमें प्रदेश के छात्र आवेदन नहीं कर सकते हैं।इसका मुख्य कारण छात्रों के पास संबंधित विषयों में डिग्री नहीं होती। इसी  को ध्यान में रखते हुए नई शिक्षा नीति के बैठक में यह दो कोर्स शुरू करने का निर्णय लिया था।

इसके अलावा आत्म निर्भर भारत बनाने के लिए किसानों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। किसानों को नए -नए बीजों की खेती करने डेरी उत्पादन के बारे में जानकारी दी जा रही है। तमाम प्रक्रियाओं के माध्यम से स्वदेशी चीजों को बढ़ावा देना है। उन्होंने बताया कि स्वदेशी चीजों का प्रचार- प्रसार होने  से विदेशी चीजों का बहिष्कार किया जाएगा। इससे भारत विकास करेगा। भारतीय प्रबंधन संस्थान में नई  शिक्षा नीति के अधीन 60 प्रौढ़ छात्रों को आपीएम कोर्स में प्रवेश दिया गया है। दस वर्षों से अधिक अनुभव के आधार पर इन्हें प्रवेश दिया गया है।

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