Anantnag: सिंथन दर्रे में फंसे 214 पर्यटक-स्थानीय लोगों को बचाया, बर्फबारी में सेना और पुलिस का संयुक्त अभियान
एक संयुक्त अभियान में, 19 राष्ट्रीय राइफल्स (19 आरआर) और जम्मू-कश्मीर पुलिस के जवानों ने रविवार, 15 मार्च 2026 को ऊँचाई वाले सिंथन दर्रे से 214 फंसे हुए पर्यटकों और स्थानीय लोगों को बचाया।
विस्तार
जम्मू-कश्मीर के ऊपरी इलाकों में हो रही बर्फबारी में फंसे पर्यटकों और स्थानीय लोगों को लेकर अच्छी खबर है। एक संयुक्त अभियान में, 19 राष्ट्रीय राइफल्स (19 आरआर) और जम्मू-कश्मीर पुलिस के जवानों ने रविवार, 15 मार्च 2026 को ऊँचाई वाले सिंथन दर्रे से 214 फंसे हुए पर्यटकों और स्थानीय लोगों को बचाया।
#WATCH | Anantnag, J&K: In a joint operation, the troops of the 19 Rashtriya Rifles (19 RR) and the J&K Police rescued 214 stranded tourists and locals from the high-altitude Sinthan Pass on Sunday, 15th March 2026.
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(Video Source: Indian Army) pic.twitter.com/pqX4WyTgZy
— ANI (@ANI) March 15, 2026
रविवार को बदला मौसम, मैदानी इलाकों में बारिश, पहाड़ों पर बर्फबारी
जम्मू-कश्मीर में रविवार को मौसम ने एक बार फिर करवट बदली। मैदानी इलाकों में बारिश हुई, वहीं कश्मीर समेत ऊंचे पहाड़ों पर अच्छी बर्फबारी हुई। माैसम के बदले रुख से जनजीवन और यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई है। राजदान टॉप और पीर की गली बर्फ जमने से फिसलन बढ़ गई है। इसके चलते प्रशासन ने एहतियात के तौर पर बांदीपोरा-गुरेज सड़क और ऐतिहासिक मुगल रोड को वाहनों की आवाजाही के लिए बंद कर दिया है।
प्रदेश में दो दिन से माैसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। रविवार रात को प्रदेश के अधिकतर क्षेत्रों में बारिश का सिलसिला शुरू हो गया।बांदीपोरा जिले को सुदूर गुरेज घाटी से जोड़ने वाली एकमात्र 85 किलोमीटर लंबी सड़क भी बंद कर दी गई है। अधिकारियों के मुताबिक, 11,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित राजदान दर्रे पर काफी बर्फ जमा हो गई है। इसके अलावा इस क्षेत्र में दृश्यता भी बहुत कम है।
गुरेज के सब-डिवीजनल मजिस्ट्रेट डॉ. मुख्तार अहमद ने बताया कि मौजूदा खराब मौसम को देखते हुए यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्राथमिकता है। अगले आदेश तक इस मार्ग पर यातायात पूरी तरह निलंबित रहेगा। दावर और तुलेल घाटी में भी दिन भर बर्फबारी का सिलसिला जारी रहा।
पीर पंजाल रेंज में पड़ने वाले ऊंचाई वाले इलाकों में भी रविवार को बर्फ गिरी। इसके कारण ऐतिहासिक मुगल रोड को बंद करना पड़ा। विशेष रूप से पीर की गली के पास बर्फ जमा होने से सड़क पर वाहन चलाना खतरनाक हो गया है। अधिकारियों ने जानकारी दी कि कनेक्टिविटी बहाल करने के लिए बर्फ हटाने वाली मशीनों और टीमों को काम पर लगा दिया गया है। हालांकि, जब तक मौसम पूरी तरह साफ नहीं हो जाता और सड़क से बर्फ हटाकर उसे सुरक्षित नहीं कर दिया जाता तब तक वाहनों को आने-जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
प्रशासन की अपील
प्रशासन ने यात्रियों और ड्राइवरों को सलाह दी है कि वे इन मार्गों पर यात्रा शुरू करने से पहले कंट्रोल रूम से संपर्क करें और मौसम की स्थिति की जानकारी लेने के बाद ही घर से निकलें।