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बारामुला: 'राइड कश्मीर' साइकिलिंग अभियान में करनाह की उरफाना को मिला 30वां स्थान

'राइड कश्मीर' साइकिलिंग अभियान में करनाह की उरफाना मुनीर, फदिया मुनीर और बिस्मा ने भाग लिया। सेना और करनाह घाटी के स्थानीय लोगों ने आयोजन में इन लड़कि...

13 सितंबर 2021

Digital Edition

जम्मू-कश्मीर : आईजी विजय कुमार ने कहा- बौखला गए हैं आतंकी और उनके पाकिस्तानी हैंडलर

कश्मीर के आईजी विजय कुमार ने कहा है कि आतंकी व पाकिस्तान में बैठे उनके हैंडलर आतंकी संगठनों के शीर्ष कमांडरों के मारे जाने से बौखला गए हैं। अलगाववादी नेता सैय्यद अली शाह गिलानी की मौत से भी इन संगठनों को झटका लगा है। इसी कारण उन्होंने दहशत फैलाने के उद्देश्य से पुलिसकर्मी और श्रमिक की हत्या को अंजाम दिया।

बौखलाहट के चलते आतंकी संगठनों ने अपनी रणनीति में बदलाव किया है। वे हिट एंड रन के साथ-साथ ग्रेनेड हमलों को अंजाम देने की साजिश रच रहे हैं ताकि सुरक्षाबलों को नुकसान पहुंचाया डा सके। इतना ही नहीं ऐसी घटनाओं को ओवर ग्राउंड वर्करों (ओजीडब्ल्यू) और हाइब्रिड आतंकियों द्वारा अंजाम दिया जा रहा है ताकि अगर उनमें से कोई मारा या पकड़ा भी जाता है तो आतंकी संगठनों को ज़्यादा बड़ा धक्का न लगे।

जम्मू-कश्मीर में कुलगाम के नेहामा इलाके में आतंकियों ने बिहार के एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी। जानकारी के अनुसार मृत की पहचान शंकर चौधरी के रूप में हुई है जो वहां पर मजदूरी करता था। अधिकारी ने बताया कि आतंकियों ने एक स्थानीय मजदूर को शुक्रवार शाम को गोली मार दी। जिसके बाद उसे अस्पताल में ले जाया गया जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।

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गौरतलब है कि शुक्रवार की शाम ही कश्मीर संभाग के कुलगाम में आतंकियों ने पुलिस के जवान की गोली मार कर हत्या कर दी। शहीद जवान की पहचान बंटू शर्मा के रूप में हुई है। बेटे की शहादत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया है। उधर, हमलावरों की तलाश में इलाके की घेराबंदी कर अभियान चलाया जा रहा है। इससे पहले रविवार को आतंकियों ने श्रीनगर में घात लगाकर सब इंस्पेक्टर अर्शीद अहमद की हत्या की थी।

आतंकियों का निशाना बने ये पुलिस कर्मी

12 सितंबर - श्रीनगर के खानयार इलाके में जम्मू -कश्मीर पुलिस के सब-इंस्पेक्टर अर्शिद अहमद।  
27 जून -  त्राल में जम्मू-कश्मीर पुलिस के एसपीओ फैयाज अहमद।
22 जून - श्रीनगर के कनिपोरा नौगाम में सीआईडी विंग के एक इंस्पेक्टर परवेज अहमद डार।
12 जून - सोपोर में दो पुलिस कर्मी शहीद
7 जून - श्रीनगर के पुराने शहर के ईदगाह के सैदपोरा इलाके में पुलिस जवान शहीद। 
13 फरवरी - श्रीनगर के बरजुल्ला इलाके में दो पुलिसकर्मी शहीद  

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आईजी कश्मीर विजय कुमार आईजी कश्मीर विजय कुमार

जम्मू-कश्मीर: बारामुला में कश्मीरी पंडितों के लिए बनेगा 40 करोड़ का ट्रांजिट आवास

केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि कश्मीर घाटी में 336 कश्मीरी पंडित प्रवासी परिवारों के पुनर्वास के प्रयासों के तहत बारामुला में 40 करोड़ रुपये का ट्रांजिट कैंप बनाया जाएगा। सोनोवाल ने शुक्रवार को ट्रांजिट कैंप की आधारशिला रखने के बाद बताया कि कश्मीरी पंडितों के प्रवासी परिवारों के लिए यह केंद्र सरकार का महत्वपूर्ण कदम है, जिससे घाटी में शांति लौटेगी।

उन्होंने बताया, कश्मीरी पंडितों के पुनर्वास के लिए 40 करोड़ रुपए की लागत से ट्रांजिट कैंप बनाया जाएगा,जिसमें कुल 336 परिवारों को ठहराया जाएगा। कश्मीर के लोग भी चाहते हैं कि कश्मीरी पंडित वापस आएं, ताकि सब एक साथ शांति से रह सकें। लोगों की इच्छा के अनुसार ट्रांजिट कैंप लगाया जा रहा है।

केंद्रीय मंत्री ने ट्रांजिट कैंप के निर्माण को लेकर पीएम मोदी को धन्यवाद दिया। केंद्रीय मंत्री अन्य पदाधिकारियों के साथ जन पहुंच कार्यक्रम के तहत बारामुला जिले के दो दिवसीय दौरे पर थे। केंद्र सरकार के विशेष कार्यक्रम का मकसद लोगों की विकास संबंधी सुझाव और शिकायतों का सुनना है।

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प्रतिनिधियों से की मुलाकात
सोनोवाल ने कई प्रतिनिधिमंडलों और जनप्रतिनिधियों से मुलाकात की। विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने मंत्री को सामाजिक-आर्थिक विकास से संबंधित मांगें उठाईं। इनमें आयुष संस्थानों में बुनियादी ढांचे का उन्नयन, जलमार्गों का विकास समेत अन्य मांगें शामिल रहीं।

उन्होंने जनप्रतिनिधियों से कहा कि विकास की गति को बढ़ाने के लिए सभी को अपनी भूमिका निभानी होगी। उन्होंने तीन स्तरीय पंचायती राज प्रणाली की सफल स्थापना के लिए पंचायती राज संस्थाओं को बधाई दी। कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों के लिए स्वतंत्रता के इतिहास में पहली बार त्रिस्तरीय शासन प्रणाली उपलब्ध हुई। ..
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महबूबा मुफ्ती बोली: पाकिस्तान से बात नहीं करेंगे तो कैसे चलेगा, अनुच्छेद 370 व 35-ए हटाना गैर कानूनी

पूर्व मुख्यमंत्री एवं पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने शुक्रवार को फिर से पाकिस्तान का राग अलापा। राजोरी के मंजाकोट में जनसभा को संबोधित कर रहीं महबूबा ने कहा कि पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान से बात नहीं करेंगे तो कैसे चलेगा। हम जब पाकिस्तान से बातचीत को कहते हैं तो भाजपा को गुस्सा क्यों आता है।

केंद्र में सत्तासीन भाजपा ने गैर कानूनी और नाजायज तरीके से अनुच्छेद 370 व 35ए को हटा दिया। हमारी रियासत के दो टुकड़े कर पहचान खत्म कर दी। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा ने जो माहौल बनाया है, उसमें सांस लेना मुश्किल हो रहा है। पढ़े लिखे युवाओं को नौकरी देने की बजाय सताया जा रहा है। उन्होंने कहा - मैं कहीं जाना चाहती हूं तो मेरे घर के बाहर ताले लगाकर पुलिस खड़ी कर दी जाती है। जम्मू से गुज्जर समुदाय को खदेड़ा जा रहा है।

वन अधिकार अधिनियम का दुरुपयोग कर गुज्जरों की जमीन छीनी जा रही है। महबूबा ने कहा कि जब जम्मू-कश्मीर के लोगों ने हिंदुस्तान के साथ रहने का निर्णय किया था, तो सोचा था कि उनकी पहचान बरकरार रहेगी, लेकिन भाजपा के सत्ता में आते ही उनसे उनकी पहचान छीन ली गई। केंद्र शासित प्रदेश बनाकर बहुत बड़ा धोखा किया गया।

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यूटी बनने के बाद बेरोजगारी चरम पर
पत्रकारों से बातचीत में महबूबा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर को तोड़ कर जब से केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया, तब से यहां पर बेरोजगारी और रिश्वतखोरी चरम पर है।

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आतंकी हमला: श्रीनगर के बाद कुलगाम में पुलिस का एक जवान शहीद, हमलावरों की तलाश जारी

कश्मीर संभाग के कुलगाम में आतंकियों ने पुलिस के जवान की गोली मार कर हत्या कर दी है। शहीद जवान की पहचान बंटू शर्मा के रूप में हुई है। बेटे की शहादत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया है। उधर, हमलावरों की तलाश में इलाके की घेराबंदी कर अभियान चलाया जा रहा है। इससे पहले रविवार को आतंकियों ने श्रीनगर में घात लगाकर सब इंस्पेक्टर अर्शीद अहमद की हत्या की थी।

गौरतलब है कि बैखलाहट के चलते आतंकी संगठनों ने अपनी रणनीति में बदलाव किया है। वह हिट एंड रन के साथ-साथ ग्रेनेड हमलों को अंजाम देने की साजिश रच रहे हैं ताकि सुरक्षाबलों को नुकसान पहुंचाया सकें। इतना ही नहीं ऐसी घटनाओं को ओवर ग्राउंड वर्करों (ओजीडब्ल्यू) और हाइब्रिड आतंकियों द्वारा अंजाम दिया जा रहा है ताकि अगर उनमें से कोई मारा या पकड़ा भी जाता है तो आतंकी संगठनों को ज़्यादा बड़ा धक्का न लगे।

श्रीनगर समेत घाटी में पिछले कुछ सप्ताह में साफ्ट टारगेट को निशाना बनाने की घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है। ये घटनाएं ऐसे पिस्तौल धारी आतंकियों से करवाई जाती हैं जो सुरक्षा एजेंसियों की सूची में आतंकी के रूप में नहीं हैं। ऐसे आतंकियों को खोजना मुश्किल होता है। हाइब्रिड आतंकियों को हैंडलर्स की ओर से आतंकी घटनाओं को अंजाम देने के लिए स्टैंडबाय में रखा जाता है। वह दिए गए टास्क को पूरा करने के बाद नए टास्क का इंतजार करते हैं। इस बीच वह अपने सामान्य कामकाज को करने लगते हैं। 
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कौन है हाइब्रिड आतंकी
हाइब्रिड आतंकी वे हैं जो सुरक्षाबलों की सूची में नहीं है। स्लीपर सेल की तरह ही इन युवाओं को पार्टटाइम आतंकी बनाया गया है। लेकिन इन्हें बरगलाकर इस तरह का कट्टरपंथी बनाया जाता है कि हैंडलर की ओर से सौंपे गए टास्क के तहत हमले कर सकते हैं। इसके बाद वे अपने सामान्य कामकाज में जुट जाते हैं। इन्हें पहचानने में दिक्कतें आती हैं।
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जम्मू-कश्मीर: आजादी का अमृत महोत्सव के लोगों का व्यापक प्रचार करना अनिवार्य

आतंकियों की तलाश में अभियान जारी

आजादी का अमृत महोत्सव के लोगों को अब कालेजों और विश्वविद्यालयों समेत अन्य उच्च शैक्षणिक संस्थानों की वेबसाइट, सोशल मीडिया प्लेटफार्म, आधिकारिक स्टेशनरी विज्ञापनों, आधिकारिक पत्राचारों के माध्यम से व्यापक प्रचार करना होगा।

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की ओर से जारी की गई अधिसूचना में बताया कि आजादी का अमृत महोत्सव के लोगों का प्रचार करना अनिवार्य है। हालांकि प्रदेश के सभी कालेजों और विश्वविद्यालयों में आजादी का अमृत महोत्सव के तहत विभिन्न -विभिन्न प्रकार की गतिविधियां करवाई जा रही हैं।

भारत की आजादी के 75 साल पूरे होने पर देश भर में आजादी का जशन मनाया जा रहा है। देश के लिए प्राण की आहुति देने वाले वीरों की स्मृति में सरकार के हर एक कार्यक्रम के पोस्टर में इसका लोगो लगाया जा रहा है।

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लोगों का अधिकांश प्रचार करने के लिए आयोग द्वारा उच्च शैक्षणिक संस्थानों में खास पहल की गई है। बताया गया है कि सभी सरकारी और निजी कालेजों के प्राचार्यों को संबंधित विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को इस बारे में सूचना देनी होगी।

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जम्मू-कश्मीर: पुलिस महकमे में बड़े फेरबदल होने की तैयारी, जम्मू संभाग के आईजी भी शामिल

पुलिस में अफसरों की तैनाती में बड़ा फेरबदल करने की तैयारी की जा रही है। सूत्रों के अनुसार केंद्रीय गृह मंत्रालय पुलिस के सभी महत्वपूर्ण पदों पर फेरबदल करना चाहता है। संभव है कि दो से तीन दिन में पुलिस महकमे में फेरबदल हो।

इसमें एसपी से लेकर एडीजीपी रैंक तक के अफसरों को बदला जा सकता है। बताया जा रहा है कि उपराज्यपाल मनोज सिन्हा की तबादलों को लेकर दिल्ली में एमएचए के साथ बात भी हुई है। अनुच्छेद 370 हटने के बाद से प्रदेश पुलिस में एसएसपी तक के तबादलों के ऊपर कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है।

ऐसे में अब पुलिस के डीआईजी, आईजी और एडीजीपी रैंक के अफसरों के तबादले किए जा सकते हैं। इस समय पुलिस की कई विंग में डीआईजी के पद भी खाली हैं। 25 केपीएस अफसरों को आईपीएस बनाया गया है। जबकि कई सीनियर आईपीएस अफसर पुलिस मुख्यालय में लंबे समय से हैं, जिनको मौका देकर जनता के बीच भेजा जा सकता है। कई अफसर प्रमोट होने के बाद भी अपने पहले के स्थानों पर ही नियुक्त हैं।

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इनमें जम्मू संभाग के आईजी भी शामिल हैं। वह प्रमोट करके एडीजीपी बनाए गए थे, लेकिन उनकी पोस्टिंग नहीं हुई। सूत्रों का कहना है कि हाल ही में उपराज्यपाल दिल्ली का दौरा करके आए हैं। यहां उनकी केंद्रीय गृह मंत्रालय में भी बात हुई है। इस बातचीत में तबादलों को लेकर सहमति बनी है।
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केंद्रीय मंत्री: जम्मू-कश्मीर में शांति लाने में पुलिस की भूमिका अहम, पुलिस शहीदों को किया याद

जनजातीय मामलों के केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने प्रदेश में शांति लाने में जम्मू-कश्मीर पुलिस की भूमिका को अहम बताया है। वह शुक्रवार को बांदीपोरा जिला पुलिस लाइन में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की तीसरी बटालियन के जवानों से मुलाकात कर रहे थे। उन्होंने प्रदेश में आतंकवाद, नशीले पदार्थो की तस्करी जैसे विभिन्न मोर्चों पर सीआरपीएफ व पुलिस के साझा अभियानों की सराहना करते हुए इन्हें अहम बताया।

केंद्रीय मंत्री को सीआरपीएफ की तीसरी बटालियन के कमांडेंट राकेश शर्मा ने जिले में शांति और सद्भाव बनाए रखने के लिए किए गए विभिन्न उपायों के बारे में जानकारी दी। इस दौरान अर्जुन मुंडा ने ड्यूटी के दौरान शहीद हुए पुलिस शहीदों को याद किया।

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दो दिवसीय दौरे के अंतिम दिन केंद्रीय मंत्री ने बांदीपोरा जिला अस्पताल में उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं का भी जायजा लिया। अस्पताल के कर्मचारियों और डॉक्टरों के साथ बातचीत की। केंद्रीय मंत्री ने कोरोना के खिलाफ लड़ाई में स्वास्थ्य कर्मियों की भूमिका और जिला प्रशासन के प्रयासों की सराहना की और उनसे अतिरिक्त जोश और उत्साह के साथ काम करना जारी रखने का आग्रह किया।

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जम्मू-कश्मीर: एसीबी ने थाने में रिश्वत लेते पकड़ा हेड कांस्टेबल, आठ हजार रुपये की रिश्वत लेते दबोचा

एंटी करप्शन ब्यूरो ने सुरनकोट पुलिस थाने में हेड कांस्टेबल को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। शिकायत के अनुसार यह पुलिस कर्मी एक आपराधिक मामले में आरोपियों पर सख्त केस बनाने की धमकी देकर उनसे रिश्वत मांग रहा था।

एसीबी ने शिकायत मिलने पर जाल बिछाया और उसे आठ हजार रुपये की रिश्वत लेते दबोच लिया। शिकायतकर्ता ने एसीबी को बताया कि हेड कांस्टेबल बशीर अहमद सुरनकोट पुलिस थाने में तैनात है। शिकायतकर्ता के पिता, भाई और अंकल के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामले दर्ज हैं।

बशीर अहमद इस केस में जांच अधिकारी है, लेकिन वह आरोपियों के खिलाफ सख्त केस तैयार करने की धमकी देकर 10 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा है। एसीबी ने शिकायत मिलते ही जाल बिछाया। शिकायतकर्ता को थाने में भेजकर रिश्वत के पैसे दिए गए। 

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इसी दौरान एसीबी की टीम ने आरोपी को रिश्वत की राशि आठ हजार रुपये के साथ आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। बशीर अहमद के घर की तलाशी ली गई। उसके खिलाफ प्रीवेंशन आफ करप्शन एक्ट 1988 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी गई है।
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जम्मू-कश्मीर: भ्रष्टाचार और आतंकवाद में संलिप्त कर्मियों पर कार्रवाई के खिलाफ उतरे तारिगामी, बोले- यह आदेश मनमाना है

जम्मू-कश्मीर में अब भ्रष्टाचार में संलिप्त कर्मचारियों को पासपोर्ट जारी नहीं हो सकेगा। सरकारी कर्मचारियों को विजिलेंस क्लियरेंस लेना पड़ेगा, जिसके आधार पर संबंधित विभाग एनओसी दे सकेंगे। सरकार ने आदेश जारी कर विजिलेंस क्लियरेंस को अनिवार्य कर दिया है। यह व्यवस्था भ्रष्टाचार में संलिप्त कर्मचारियों पर शिकंजा कसने के लिए की गई है। इसको लेकर श्रीनगर में माकपा नेता मोहम्मद यूसुफ तारिगामी ने जम्मू-कश्मीर प्रशासन पर सवाल खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद में कथित संलिप्तता के लिए एक सरकारी कर्मचारी की सेवा समाप्त करने और पासपोर्ट प्राप्त करने के लिए सतर्कता मंजूरी अनिवार्य करने के संबंध में जम्मू-कश्मीर प्रशासन का नवीनतम आदेश मनमाना है। ऐसे फैसले लोकतंत्र में अच्छे नहीं हैं।

उन्होंने कहा कि एक सरकारी कर्मचारी सरकार की नीतियों को लागू करने का एक उपकरण है। यदि कर्मचारी पर संदेह किया जाता हो तो यह उसके काम पर प्रतिकूल प्रभाव डालेगा। बदले में सरकार के समग्र कामकाज को प्रभावित होगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में शामिल किसी भी कर्मचारी से निपटने के लिए पहले से ही एक प्रक्रिया है। ऐसे में नए आदेश जारी करने से केवल संदेह का माहौल पैदा होता है।
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कहा कि ऐसा लगता है कि कुछ गलत सलाह के कारण जम्मू-कश्मीर प्रशासन इस तरह के एक अनुचित तरीकों का सहारा ले रहा है और अपने कर्मचारियों को निशाना बना रहा है। कम्युनिस्ट नेता ने कहा कि प्रशासन द्वारा जारी किए गए सत्तावादी आदेश लोगों के हितों के खिलाफ हैं। ऐसे आदेश जारी करने के बजाय सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि लोगों के अधिकार और उनकी आजीविका सुरक्षित रहे।
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