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शरद पूर्णिमा पर कराएं श्री कृष्ण की विशेष पूजा, बांके बिहारी मंदिर, वृन्दावन 19 अक्टूबर 2021
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26 सितंबर 2021

Digital Edition

जम्मू-कश्मीर में टारगेट किलिंग: शांति प्रयासों पर चोट कर आम कश्मीरियों को रोजगार से दूर रखने की साजिश

घाटी में गैर कश्मीरियों को निशाना बनाए जाने के पीछे पाकिस्तान के आईएसआई हैंडलरों का गेम प्लान बताया जा रहा है। 370 हटने के बाद हालात बदलने और कश्मीर में शांति के सरकारी दावे को खोखला साबित करने के लिए यह साजिश रची गई है। साजिश यह भी है कि यहां अगले कुछ साल में 50 हजार करोड़ रुपये के निवेश के दावे को भी झटका देकर आम कश्मीरियों को रोजगार से दूर रखा जाए ताकि यहां अमन व शांति बहाल न हो सके। 

जम्मू-कश्मीर के पूर्व डीजीपी डॉ. एसपी वैद कहते हैं कि इन सब घटनाओं के पीछे आईएसआई के हैंडलर हैं। 370 हटने के बाद पिछले कुछ समय से घाटी में गतिविधियां बढ़ी हैं। सरकार कश्मीरी पंडितों को उनकी संपत्तियां लौटाने की दिशा में प्रयास कर रही हैं। इससे दोबारा घाटी में हिंदुओं के लौटने का खतरा सीमापार के लोगों को डराने लगा है। वे कभी भी मिश्रित संस्कृति नहीं चाहते हैं। 

इस वजह से बाहरी लोगों और अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया जा रहा है। दूसरा इन सब घटनाओं के जरिये ही वे दोबारा से आतंकी रैंक को पुनजीर्वित करने की भी कोशिश कर रहे हैं क्योंकि पिछले कुछ समय में सुरक्षा बलों ने सभी तंजीमों के सरगनाओं का खात्मा कर दिया है। तीसरा सरकार के हालात बेहतर होने के दावे को चुनौती देना भी एक मकसद है। वे नहीं चाहते कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर यह बात प्रचारित हो कि जम्मू-कश्मीर में 370 हटने के बाद से शांति है। विकास को बल दिया जा रहा है।    

दरअसल गैर कश्मीरियों को घाटी आने से रोकने के लिए घाटी में टारगेट किलिंग का खेल पाकिस्तान के इशारे पर खेला जा रहा है। अनुच्छेद 370 हटने के बाद यहां चल रहे विकास कार्यों को झटका पहुंच सके। घाटी में टारगेट किलिंग के तहत अब तक छह लोगों को आतंकियों ने मारा है। इनमें बिहार के दो गोलगप्पे वाले ओर उत्तर प्रदेश का एक कारपेंटर शामिल है। एक कश्मीरी पंडित दवा कारोबारी, एक महिला सिख शिक्षक और एक जम्मू निवासी शिक्षक भी मारे गए हैं। 

कश्मीर मामलों के जानकार बताते हैं कि ये सब ऐसे लोग हैं जिनका न तो आतंकवाद और न ही आतंकियों से कोई नाता रिश्ता रहा है। न ही ये सुरक्षा बलों को जानते-समझते हैं। प्रवासी तो रोजी-रोजगार के चक्कर में घाटी का रुख किए हैं। ज्यादातर दक्ष मजदूर चाहे कारपेंटर हों या फिर पेंट करने वाले, चाहे मजदूर हों या अन्य दक्ष कार्य करने वाले, सब गैर कश्मीरी हैं। अनुच्छेद 370 हटने के बाद भी आतंकियों ने तीन ट्रक चालकों को जिंदा जला दिया था। यह सब केवल अपनी उपस्थिति जताने और डर पैदा करने के लिए आतंकियों ने किया था। 

खौफजदा प्रवासी लौटने लगे
घाटी में गैर कश्मीरियों को निशाना बनाए जाने से खौफजदा प्रवासी मजदूरों और दिहाड़ीदारों का घाटी से लौटने का सिलसिला शुरू हो गया है। श्रीनगर के साथ ही दक्षिणी कश्मीर के अनंतनाग व पुलवामा से कुछ दिहाड़ीदारों की बिहार, उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ में वापसी हो गई है।
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पुंछ ब्रिगेड हेडक्वाटर पुंछ ब्रिगेड हेडक्वाटर

जम्मू-कश्मीर: एक जेसीओ और जवान का शव बरामद, पुंछ मुठभेड़ में अब तक नौ शहीद

राजोरी-पुंछ जिलों के सीमा क्षेत्र के जंगलों में आतंकियों के खिलाफ जारी ऑपरेशन में सेना का एक और जवान शहीद हो गया है। मेंढर तहसील में भाटादूड़ियां के नाड़ खास जंगल से शनिवार शाम को शहीद सूबेदार (जेसीओ) अजय सिंह और लापता जवान नायक हरेंद्र सिंह का शव निकाल लिया गया। सोमवार से अब तक इस ऑपरेशन में दो जेसीओ समेत नौ जवान शहीद हो गए हैं। वहीं, आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन की कमान अब पैरा कमांडो ने अपने हाथ में ले ली है। सेना की अन्य टुकड़ियां अब बाहरी घेरे में हैं। जंगल के भीतर रुक-रुक कर फायरिंग हो रही है। मुठभेड़ के चलते राजोरी-पुंछ हाईवे पर यातायात बहाल नहीं हो पाया है। 14 अक्तूबर की शाम से हाईवे बंद किया गया है।

सैन्य प्रवक्ता ने बताया कि 14 अक्तूबर को आतंकियों से भाटादूड़ियां के नाड़ खास जंगल में आतंकियों के साथ मुठभेड़ हुई थी। सूबेदार अजय सिंह और नायक हरेंद्र सिंह से संपर्क टूट गया था। इसके बाद से दोनों की तलाश जारी थी। आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन के बीच शनिवार की शाम को दोनों के शव निकाल लिए गए हैं। सैन्य सूत्रों ने बताया कि दोनों शवों को पैरा कमांडो का दल शनिवार शाम को बाहर निकाले गए, जहां से शव भाटादूड़ियां प्राथमिक चिकित्सा केंद्र पहुंचाए गए हैं। जंगल में मौजूद आतंकियों की संख्या कितनी है, इसे लेकर अभी भी स्थिति साफ नहीं हो पाई है। 

ऑपरेशन खत्म होने पर खुलेगा हाईवे
डीआईजी राजोरी-पुंछ रेंज विवेक गुप्ता के अनुसार पूरे इलाके की घेराबंदी की गई है। ऑपरेशन पूरा होते ही राजोरी-पुंछ हाईवे को यातायात के लिए खोल दिया जाएगा। पिछले दो माह से राजोरी-पुंछ के जंगलों में मौजूद आतंकियों से पहली मुठभेड़ चमरेड़ में सोमवार को हुई थी। इसके बाद आतंकियों से पंगेई और फिर मेंढर में भाटादूड़ियां के जंगल में कांटेक्ट हुआ है।

दिन में मंडराते रहे हेलिकॉप्टर रात होने पर चले रोशनी गोले
दुरूह जंगल में आतंकियों की घेराबंदी को अभेद्य बनाए रखने के लिए सेना के ऑपरेशन में लगातार निगरानी और सर्वीलांस की जा रही है। दिन के समय हेलिकॉप्टर से नजर रखी जा रही है और रात को रोशनी गोले दागे जा रहे हैं। सैन्य सूत्रों ने बताया कि आतंकियों की लोकेशन का मोटे तौर पर पता चल गया है, लेकिन आतंकियों ने कहां आड़ ले रखी है, इसका सटीक अंदाज नहीं है। शनिवार को अंधेरा होते ही फिर रोशनी गोले दागे जाने लगे। यह रोशनी दूर से नजर आ रहे हैं।
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कार्रवाई: अलगाववादी नेता गिलानी के पोते समेत दो को सरकारी नौकरी से किया बर्खास्त, आतंकवाद का समर्थन करने का आरोप

शेर-ए-कश्मीर अंतरराष्ट्रीय अधिवेशन केंद्र श्रीनगर में शोध अधिकारी अनीस उल इस्लाम को बर्खास्त कर दिया है। वह अलगाववादी नेता सईद अली शाह गिलानी का पोता है। उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा के निर्देश पर सामान्य प्रशासनिक विभाग ने शनिवार को इसके आदेश जारी कर दिए हैं। 

अनीस की गतिविधियों पर उपलब्ध सूचनाओं व तथ्यों व मामले की परिस्थिति पर गौर करने के बाद उसे सरकारी सेवा से बर्खास्त किया गया है। इसके अलावा डोडा जिले में तैनात सरकारी शिक्षक फारूक अहमद भट को बर्खास्त किया गया है। दोनों की गतिविधि को प्रदेश की सुरक्षा के लिए खतरा बताया गया है।

ज्ञात हो अलगाववादी कट्टरपंथी नेता सैयद अली शाह गिलानी की मौत के बाद सोशल मीडिया पर ‘सैयद अली शाह गिलानी फोर्स’ नामक कथित आतंकी संगठन और नई आतंकी भर्ती के पोस्टर वायरल हुए थे। पोस्टर के फोटो पर आतंकी का नाम बिलाल अहमद भट लिखा हुआ था जो शोपियां का रहने वाला बताया गया था। सैयद अली शाह गिलानी फोर्स के प्रवक्ता गाजी खान ने बयान जारी कर कहा था वह गिलानी की मौत का बदला लेगा। कश्मीरी पंडितों के पुनर्वास को लेकर चेतावनी भी दी थी। 

पहली बार किसी आतंकी संगठन ने हिंदी में जारी किया था बयान
यह पहला मौका था जब किसी आतंकी संगठन ने हिंदी भाषा में बयान जारी किया था। हालांकि इसको लेकर पुलिस की ओर से कोई भी पुष्टि नहीं की गई थी कि ऐसा कोई संगठन है या नहीं।
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पांच बड़ी खबरें: कश्मीर के पंपोर में दो आतंकियों का सफाया, पुंछ में दहशतगर्दों के खिलाफ जारी है ऑपरेशन

कश्मीर में पंपोर के द्रंगबल इलाके में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ में दो आतंकियों का खात्मा हो गया है। मारे गए आतंकियों के पास हथियार और गोला-बारूद बरामद हुआ है। पुलिस, सेना की 50-आरआर(राष्ट्रीय राइफल्स) और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। कश्मीर जोन पुलिस ने बताया कि मुठभेड़ में लश्कर-ए-तैयबा का टॉप कमांडर उमर मुश्ताक खांडे को ढेर कर दिया गया है। उमर मुश्ताक ने दो पुलिसकर्मियों मोहम्मद यूसुफ और सुहैल अहमद की श्रीनगर में हत्या की थी। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

सात जवानों की शहादत: क्या पुंछ में हैं आतंकियों के मददगार, कहां से आ रहा है खाना, ऐसा संभव कैसे?
जम्मू-कश्मीर के राजोरी और पुंछ में आतंकी गुटों के मौजूद होने की आशंका के बाद अलर्ट जारी किया गया है। जिसमें खुफिया एजेंसियों ने स्थानीय एजेंसियों और सुरक्षाबलों को बेहद सतर्क रहने को कहा गया है। यह सुरक्षा अलर्ट ऐसे समय जारी किया गया है जब डेरा की गली के घने जगलों में बडे़ पैमाने पर आतंक विरोधी अभियान चलाया जा रहा है। एक अधिकारी ने बताया कि सुरक्षा हाई अलर्ट पर कर दी गई है। आतंकियों को पकड़ने के लिए बड़े पैमाने पर तलाशी की जा रही है। ग्रुप के बारे में अभी कोई स्थिति साफ नहीं हो पाई है। आतंकियों के दो अलग-अलग स्थानों पर मौजूदगी का पता चला है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

फारूक अब्दुल्ला को एक और झटका: अब्दुल रहीम राथर के बेटे ने थामा पीपुल्स कांफ्रेंस का दामन, लोन बोले- वादा पूरा हुआ
जम्मू-कश्मीर में नेशनल कांफ्रेंस(नेकां) को देवेंद्र सिंह राणा और पूर्व मंत्री सथालिया के बाद एक और झटका लगा है। नेकां के वरिष्ठ नेता अब्दुल रहीम राथर के बेटे हिलाल अहमद राथर शनिवार को पीपुल्स कांफ्रेंस(पीसी) में शामिल हो गए। इस दौरान पीसी अध्यक्ष सज्जाद गनी लोन पार्टी के अन्य नेता भी मौजूद रहे। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

पुंछ मुठभेड़: कभी आतंकियों का गढ़ था यही इलाका, पुराने ठिकानों के पास हुए हमले इस साजिश की ओर कर रहे इशारा
जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में करीब दो दशक पहले पाकिस्तान परस्त आतंकियों के वर्चस्व वाले इलाकों में दहशतगर्द एक बार फिर से सक्रिय होते जा रहे हैं। चार दिन के भीतर सुरक्षाबलों पर उन क्षेत्रों में हमला हुआ जहां 2002 से पहले आतंकियों का गढ़ था। सुरक्षाबलों ने तब इन इलाकों में कई ऑपरेशन को अंजाम देकर आतंकियों का समूल नाश कर दिया था। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

पुंछ मुठभेड़: जंगलों में घात लगाकर नए तरीके से हमले कर रहे आतंकी, शार्प शूटर होने की आशंका
जम्मू-कश्मीर में एलओसी से सटे राजोरी और पुंछ जिलों की सीमा पर जंगल में छिपे आतंकी नए तरीके अपनाकर हमले कर रहे हैं। आतंकियों ने दो हमले किए और दोनों ही बार सेना को ही नुकसान पहुंचा है। चार दिन में आतंकी दो अलग-अलग जगह घात लगाकर किए गए हमलों में दो जेसीओ समेत आठ जवानों को शहीद कर चुके हैं। हालांकि सेना की ओर से अभी तक एक जेसीओ समेत सात जवानों के शहीद होने की ही पुष्टि की गई है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
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जम्मू-कश्मीर: लश्कर-ए-तैयबा का टॉप कमांडर और उसका साथी मारा गया, दो जवानों की हत्या में था शामिल

जम्मू-कश्मीर
कश्मीर में पंपोर के द्रंगबल इलाके में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ में दो आतंकियों का खात्मा हो गया है। मारे गए आतंकियों के पास हथियार और गोला-बारूद बरामद हुआ है। पुलिस, सेना की 50-आरआर(राष्ट्रीय राइफल्स) और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। 

कश्मीर जोन पुलिस ने बताया कि मुठभेड़ में लश्कर-ए-तैयबा का टॉप कमांडर उमर मुश्ताक खांडे को ढेर कर दिया गया है। उमर मुश्ताक ने दो पुलिसकर्मियों मोहम्मद यूसुफ और सुहैल अहमद की श्रीनगर में हत्या की थी। पुलिस ने कहा कि हम आतंकियों के खात्मे के लिए प्रतिबद्ध हैं। 

आईजीपी कश्मीर विजय कुमार ने कहा कि लश्कर-ए-तैयबा के दो आतंकवादी उमर मुश्ताक खांडे और शाहिद बसीर मारे गए हैं। दोनों आतंकी कई नागरिक हत्याओं में शामिल थे। नागरिकों पर हुए हमलों के बाद हमने आक्रामक अभियान शुरू किए, नौ मुठभेड़ हुईं जिनमें 13 आतंकवादी मारे गए हैं। हमारा अभियान जारी रहेगा।
यह भी पढ़ें- सात जवानों की शहादत: क्या पुंछ में हैं आतंकियों के मददगार, कहां से आ रहा है खाना, ऐसा संभव कैसे?    

नए तरीके से घातक हमले कर रहे सीमा पार से आए आतंकी
जानकारी मिल रही है कि एलओसी से सटे राजोरी और पुंछ जिलों की सीमा पर जंगल में छिपे आतंकी नए तरीके अपनाकर हमले कर रहे हैं। चार दिन में आतंकी दो अलग-अलग जगह घात लगाकर किए गए हमलों में दो जेसीओ समेत आठ जवानों को शहीद कर चुके हैं। खुफिया सूत्रों के अनुसार पांच दिन से ऑपरेशन चल रहा है। आतंकियों ने दो हमले किए और दोनों ही बार सेना को ही नुकसान पहुंचा है। यह दर्शाता है कि आतंकियों ने इस तरह के हमलों की खास ट्रेनिंग ले रखी है। सोमवार को पहले हमले में जेसीओ समेत पांच जवान शहीद हो गए थे। पहले हमले वाली जगह से दूसरे हमले का स्थान एलओसी की ओर पड़ता है। यानी हमलावर आतंकी कश्मीर की ओर नहीं बल्कि वापस एलओसी की दिशा में आकर छिप गए हैं। ऐसे में मेंढर के जंगलों में आतंकियों के ठिकाने होने की आशंका है। 

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सात जवानों की शहादत: क्या पुंछ में हैं आतंकियों के मददगार, कहां से आ रहा है खाना, ऐसा संभव कैसे?

जम्मू-कश्मीर के राजोरी और पुंछ में आतंकी गुटों के मौजूद होने की आशंका के बाद अलर्ट जारी किया गया है। जिसमें खुफिया एजेंसियों ने स्थानीय एजेंसियों और सुरक्षाबलों को बेहद सतर्क रहने को कहा गया है। यह सुरक्षा अलर्ट ऐसे समय जारी किया गया है जब डेरा की गली के घने जगलों में बडे़ पैमाने पर आतंक विरोधी अभियान चलाया जा रहा है। एक अधिकारी ने बताया कि सुरक्षा हाई अलर्ट पर कर दी गई है। आतंकियों को पकड़ने के लिए बड़े पैमाने पर तलाशी की जा रही है। ग्रुप के बारे में अभी कोई स्थिति साफ नहीं हो पाई है। आतंकियों के दो अलग-अलग स्थानों पर मौजूदगी का पता चला है।

घने जगलों में सोमवार और गुरुवार को दो हमलों में एक जेसीओ समेत सात जवान शहीद हुए हैं। आतंकियों की मौजूदगी और घात लगाकर हुए हमलों ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। जैसे- क्या पुंछ में हैं आतंकियों के मददगार? कहां से आ रहा है आतंकियों का खाना? बिना स्थानीय सहयोग के ऐसा संभव कैसे? जानिए इन सभी सवालों के जवाब...
 
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जम्मू-कश्मीर: पुलवामा में आतंकी के भाई का अपहरण, दहशतगर्दों की तलाश में पुलिस ने शुरू किया अभियान

कश्मीर के पुलवामा जिले में आतंकियों ने शनिवार को एक आतंकी के भाई का अपहरण किया है। जिसकी पहचान शकील अहमद शोफी के रूप में हुई है। शकील शोफी के भाई(आतंकी) शमीम शोफी को हाल ही में पुलिस ने पकड़ा था। शमीम लश्कर-ए-तैयबा का आतंकी है।
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सूत्रों ने बताया कि जिले के निकलूरा इलाके में पिस्टल धारी आतंकी शकील के घर में घुसे और उसे अपने साथ ले गए। पुलिस के एक अधिकारी का कहना है कि मामला संज्ञान में आते ही अपहरण करने वाले आतंकियों की तलाश में अभियान शुरू किया गया है।


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फारूक अब्दुल्ला को एक और झटका:  अब्दुल रहीम राथर के बेटे ने थामा पीपुल्स कांफ्रेंस का दामन, लोन बोले- वादा पूरा हुआ

जम्मू-कश्मीर में नेशनल कांफ्रेंस(नेकां) को देवेंद्र सिंह राणा और पूर्व मंत्री सथालिया के बाद एक और झटका लगा है। नेकां के वरिष्ठ नेता अब्दुल रहीम राथर के बेटे हिलाल अहमद राथर शनिवार को पीपुल्स कांफ्रेंस(पीसी) में शामिल हो गए। इस दौरान पीसी अध्यक्ष सज्जाद गनी लोन पार्टी के अन्य नेता भी मौजूद रहे।

राथर का स्वागत करते हुए लोन ने कहा कि वह नई पीढ़ी के नेता हैं। जो भविष्य में जम्मू-कश्मीर की राजनीति में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। साथ ही प्रदेश के विकास में अपना योगदान देंगे। राथर छोटे भाई की तरह है। मैं उन्हें दशकों से जानता हूं। वह उद्यमी, शिक्षित और सक्षम युवक हैं, जिनकी राजनीति के मूल में जम्मू-कश्मीर के लोगों के हित हैं।
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लोन ने कहा कि दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने मुझसे बहुत पहले वादा किया था कि वह एक दिन मेरे साथ बदलाव के इस कारवां में शामिल होंगे। और आज उन्होंने अपना वादा पूरा किया है। तंज सकते हुए लोन ने कहा कि ऐसे कई भविष्यवक्ता हैं जो वास्तविकता को देखने से इनकार करते हैं। मैं उन भ्रमित लोगों को बताना चाहता हूं कि पीपुल्स कांफ्रेंस आ गई है और जम्मू-कश्मीर के लोगों के सर्वोत्तम हितों के लिए जीत हासिल करेगी।
 
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पुंछ मुठभेड़: जंगलों में घात लगाकर नए तरीके से हमले कर रहे आतंकी, शार्प शूटर होने की आशंका

जम्मू-कश्मीर में एलओसी से सटे राजोरी और पुंछ जिलों की सीमा पर जंगल में छिपे आतंकी नए तरीके अपनाकर हमले कर रहे हैं। आतंकियों ने दो हमले किए और दोनों ही बार सेना को ही नुकसान पहुंचा है। चार दिन में आतंकी दो अलग-अलग जगह घात लगाकर किए गए हमलों में दो जेसीओ समेत आठ जवानों को शहीद कर चुके हैं। हालांकि सेना की ओर से अभी तक एक जेसीओ समेत सात जवानों के शहीद होने की ही पुष्टि की गई है। 

यह दर्शाता है कि आतंकियों ने इस तरह के हमलों की खास ट्रेनिंग ले रखी है। सोमवार को पहले हमले में जेसीओ समेत पांच जवान शहीद हो गए थे। पहले हमले वाली जगह से दूसरे हमले का स्थान एलओसी की ओर पड़ता है। यानी हमलावर आतंकी कश्मीर की ओर नहीं बल्कि वापस एलओसी की दिशा में आकर छिप गए हैं। ऐसे में मेंढर के जंगलों में आतंकियों के ठिकाने होने की आशंका है।
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एक ही ग्रुप होने के मिले सुबूत
पंगेई व चमरेड़ के जंगल क्षेत्र में हमला करने के बाद आतंकी सेना के जवानाें का कुछ सामान साथ ले गए थे। बारिश और ठंड में जवानों ने जो कंबल ले रखे थे, वो अब मेंढर में नाड़ खास के जंगल से बरामद हुए हैं। इससे साफ है कि यही आतंकी वापस मेंढर आकर छिप गए हैं और यहां फिर से घात लगाकर हमला कर जंगल में छिप गए हैं।

शार्प शूटर भी हैं आतंकी
अभी तक सामने आ रही सूचनाओं के अनुसार इन आतंकियों के शार्प शूटर होने की आशंका है। शहीद हुए जवानों के शरीर के ऊपरी हिस्से (सिर, गर्दन) को निशाना बनाकर फायरिंग की गई है। सूचनाएं हैं कि यह आतंकी पाकिस्तानी हैं, जिन्हें सामान्य मोडस ओपरांडी से हटकर ट्रेनिंग दी गई है।
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