सुप्रीम कोर्ट से स्वीकृति मिलने के बाद इच्छा मृत्यु पाने वाले हरीश राणा को अंतिम विदाई देने से चर्चा में आईं बीके लवली दीदी प्रजापति ब्रह्माकुमारीज ईश्वरीय विश्वविद्यालय के राजनगर एक्सटेंशन व साहिबाबाद के मोहन नगर स्थित केंद्र की प्रभारी हैं। हरीश को अंतिम विदाई देते समय उन्होंने कहा कि तुम एक पंछी हो लेकिन अभी दुख व पीढ़ा के एक पिंजड़े में कैद हो। इस पिंजड़े से अब तुम्हारे उड़ने का समय आ गया है। अमर उजाला से हुई खास बातचीत में उन्होंने हरीश और उनके परिवार के ब्रह्माकुमारी से जुड़े होने के बारे में भी कई बातें साझा कीं।
इच्छा मृत्यु: कौन है हरीश को अंतिम विदाई देने वालीं लवली दीदी? क्यों बोलीं- उनकी आत्मा को नहीं शरीर को तकलीफ
समीर बिसारिया, अमर उजाला, गाजियाबाद
Published by: विकास कुमार
Updated Mon, 16 Mar 2026 10:41 PM IST
सार
एम्स के डॉ. बीआर आंबेडकर इंस्टीट्यूट रोटरी कैंसर अस्पताल (आईआरसीएच) के पैलिएटिव केयर यूनिट में शनिवार को भर्ती हुए हरीश राणा की निष्क्रिय इच्छामृत्यु (पैसिव यूथेनेशिया) प्रक्रिया शुरू हो गई है। अस्पताल के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम उनकी स्थिति की निगरानी करते हुए चरणबद्ध तरीके से जीवनरक्षक उपकरणों को हटाने की प्रक्रिया आगे बढ़ा रही है।
विज्ञापन