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Ghaziabad News: आतंकियों से जुड़े हैं जिले के कई युवाओं के तार, पांच हुए चिह्नित
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राजू मलिक
गाजियाबाद। आतंकी संगठनों ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के अलावा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में अपना नेटवर्क फैलाया है। आईएसआई का स्लीपर सेल मॉड्यूल गाजियाबाद से लेकर रामपुर और बरेली तक फैला होने की बात पुलिस जांच में सामने आई है।
इस मामले में पुलिस के सामने पांच और नाम सामने आए हैं। उनके सोशल मीडिया के माध्यम से आतंकी संगठनों से जुड़े होने की बात सामने आई है। सभी की भूमिका की जांच की जा रही है। इसके अलावा पुलिस की जांच में सामने आया है कि रूढ़ीवादी लोग युवाओं का ब्रेन वॉश कर उन्हें दहशतगर्दी की दुनिया में धकेल रहे हैं।
ताजा मामला जनपद के मसूरी और कौशांबी क्षेत्र का जहां से महिला सहित 12 दहशतगर्दों को जिले की मॉनिटरिंग सेल के जरिए पकड़ा है। मॉनिटरिंग सेल और खुफिया विभाग को इनकी हरकतों पर नजर रखने के लिए अलर्ट किया गया है।
पुलिस के अनुसार सोशल मीडिया को आतंकवादियों के स्लीपर मॉड्यूल ने देशद्रोहियों को खोजने का जरिया बना लिया है। स्लीपर मॉड्यूल इंस्टाग्राम, फेसबुक, एक्स, व्हॉट्सएप, यू-टयूब और टेलीग्राम पर सक्रिय हैं। कुछ युवाओं को कमिश्नरेट पुलिस की मॉनिटरिंग सेल ने चिह्नित किया है।
ये ऐसे युवा हैं जो आतंकी गतिविधियों से प्रभावित हो रहे हैं। पुलिस सूत्रों की मानें तो इन युवाओं को विदेश बुलाने, बड़ा गैंगस्टर्स बनाने, विदेशी हथियार सौंपने, पैसा और नशे का सामान भेजने का वादा किया जा रहा है।
खुफिया विभाग अलर्ट : मॉनिटरिंग सेल से मिले इनपुट के बाद खुफिया विभाग और क्षेत्रीय पुलिस को अलर्ट जारी कर दिया है। अल्पसंख्यक आबादी के बीच छिपे इनको ट्रेस किया जा रहा है। इनके मोबाइल फोन, दोस्त, काम और परिजनों पर पैनी नजर रखी जा रही है।
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गाजियाबाद। आतंकी संगठनों ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के अलावा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में अपना नेटवर्क फैलाया है। आईएसआई का स्लीपर सेल मॉड्यूल गाजियाबाद से लेकर रामपुर और बरेली तक फैला होने की बात पुलिस जांच में सामने आई है।
इस मामले में पुलिस के सामने पांच और नाम सामने आए हैं। उनके सोशल मीडिया के माध्यम से आतंकी संगठनों से जुड़े होने की बात सामने आई है। सभी की भूमिका की जांच की जा रही है। इसके अलावा पुलिस की जांच में सामने आया है कि रूढ़ीवादी लोग युवाओं का ब्रेन वॉश कर उन्हें दहशतगर्दी की दुनिया में धकेल रहे हैं।
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ताजा मामला जनपद के मसूरी और कौशांबी क्षेत्र का जहां से महिला सहित 12 दहशतगर्दों को जिले की मॉनिटरिंग सेल के जरिए पकड़ा है। मॉनिटरिंग सेल और खुफिया विभाग को इनकी हरकतों पर नजर रखने के लिए अलर्ट किया गया है।
पुलिस के अनुसार सोशल मीडिया को आतंकवादियों के स्लीपर मॉड्यूल ने देशद्रोहियों को खोजने का जरिया बना लिया है। स्लीपर मॉड्यूल इंस्टाग्राम, फेसबुक, एक्स, व्हॉट्सएप, यू-टयूब और टेलीग्राम पर सक्रिय हैं। कुछ युवाओं को कमिश्नरेट पुलिस की मॉनिटरिंग सेल ने चिह्नित किया है।
ये ऐसे युवा हैं जो आतंकी गतिविधियों से प्रभावित हो रहे हैं। पुलिस सूत्रों की मानें तो इन युवाओं को विदेश बुलाने, बड़ा गैंगस्टर्स बनाने, विदेशी हथियार सौंपने, पैसा और नशे का सामान भेजने का वादा किया जा रहा है।
खुफिया विभाग अलर्ट : मॉनिटरिंग सेल से मिले इनपुट के बाद खुफिया विभाग और क्षेत्रीय पुलिस को अलर्ट जारी कर दिया है। अल्पसंख्यक आबादी के बीच छिपे इनको ट्रेस किया जा रहा है। इनके मोबाइल फोन, दोस्त, काम और परिजनों पर पैनी नजर रखी जा रही है।