Delhi EV Policy 2.0: दिल्ली सरकार लाएगी नई ईवी नीति, 13,000 ई-बसें, चार्जिंग स्टेशन और प्रोत्साहन की योजना
दिल्ली सरकार शहर में स्वच्छ परिवहन की ओर बदलाव को तेज करने के लिए एक नई इलेक्ट्रिक वाहन नीति पर काम कर रही है। जिसमें खरीदारों के लिए प्रोत्साहन, ज्यादा चार्जिंग स्टेशन और इलेक्ट्रिक बसों का एक बड़ा बेड़ा शामिल होगा।
विस्तार
दिल्ली सरकार शहर में स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने के लिए नई इलेक्ट्रिक वाहन नीति पर काम कर रही है। इस नीति के तहत इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद पर प्रोत्साहन, चार्जिंग स्टेशन का विस्तार और बड़ी संख्या में इलेक्ट्रिक बसें शामिल करने की योजना है।
मीडिया से बातचीत के दौरान दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की ओर बदलाव सरकार की पर्यावरण रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
उनके अनुसार, खासकर सर्दियों के महीनों में वाहनों से निकलने वाला प्रदूषण दिल्ली की वायु गुणवत्ता को गंभीर रूप से प्रभावित करता है। इसलिए यात्री वाहनों का इलेक्ट्रिफिकेशन शहर की हवा को बेहतर बनाने के लिए जरूरी है।
नई EV Policy 2.0 किन मुख्य स्तंभों पर आधारित होगी?
सरकार की आगामी EV Policy 2.0 (ईवी नीति 2.0) तीन प्रमुख स्तंभों पर आधारित होगी:
-
किफायती लागत (Affordability)
-
मजबूत बुनियादी ढांचा (Infrastructure)
-
स्थिर और टिकाऊ परिवहन (Sustainability)
मुख्यमंत्री ने बताया कि नीति के शुरुआती तीन वर्षों में इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वाले ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए मजबूत वित्तीय प्रोत्साहन दिए जाएंगे। ताकि अधिक लोग ईवी अपनाने के लिए प्रेरित हों।
क्या दिल्ली में चार्जिंग स्टेशनों का बड़ा नेटवर्क बनाया जाएगा?
दिल्ली सरकार शहर में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को तेजी से बढ़ाने की योजना बना रही है।
योजना के अनुसार 2030 तक दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में पर्याप्त पब्लिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे।
ये स्टेशन निम्न स्थानों पर लगाए जाएंगे:
-
बाजार क्षेत्र
-
पार्किंग कॉम्प्लेक्स
-
आवासीय सोसायटी
-
सरकारी इमारतें
सरकार का लक्ष्य है कि ये चार्जिंग स्टेशन उतनी ही आसानी से उपलब्ध हों जितने आज पेट्रोल और डीजल वाहनों के लिए पेट्रोल पंप होते हैं।
क्या इलेक्ट्रिक बसों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी?
सरकार स्वच्छ सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के लिए इलेक्ट्रिक बसों के बेड़े को भी तेजी से बढ़ाने की योजना बना रही है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, दिल्ली के पास पहले से ही देश का सबसे बड़ा ई-बस बेड़ा है।
अब सरकार इसे बढ़ाकर कम से कम 13,000 इलेक्ट्रिक बसों तक पहुंचाने का लक्ष्य रख रही है। ताकि शहर की सार्वजनिक परिवहन प्रणाली अधिक पर्यावरण अनुकूल बन सके।
दिल्ली को EV राजधानी बनाने की क्या योजना है?
दिल्ली सरकार का दीर्घकालिक लक्ष्य शहर को भारत की ईवी राजधानी बनाना है।
इसका मकसद है कि इलेक्ट्रिक वाहन खरीदना और इस्तेमाल करना:
-
किफायती हो
-
सुविधाजनक हो
-
और पर्यावरण के लिए जिम्मेदार विकल्प बने
सरकार का मानना है कि मजबूत नीति, बेहतर चार्जिंग नेटवर्क और इलेक्ट्रिक सार्वजनिक परिवहन के विस्तार से दिल्ली स्वच्छ मोबिलिटी के क्षेत्र में अग्रणी शहर बन सकती है।
कमेंट
कमेंट X