Indore EV Fire Accident: क्या आपकी ईवी चार्जिंग वाकई सुरक्षित है? कहीं आप भी तो नहीं कर रहे हैं ये गलतियां?
Indore EV Fire Accident: इंदौर में इलेक्ट्रिक कार चार्जिंग के दौरान आग लगने से कई लोगों की जान जाने की दुखद घटना ने हर ईवी मालिक को चिंता में डाल दिया है। लेकिन क्या वाकई इलेक्ट्रिक कारें सुरक्षित नहीं हैं? विशेषज्ञों ईवी को कितना सुरक्षित मानते हैं और किस तरह हम ऐसे हादसों से बच सकते हैं...सब जानेंगे इस लेख के माध्यम से।
विस्तार
मध्य प्रदेश में इंदौर के बंगाली चौराहे के पास स्थित एक कॉलोनी में बुधवार तड़के एक भीषण हादसा हो गया। ये हादसा तब हुआ जब एक मकान के बाहर खड़ी इलेक्ट्रिक कार में चार्जिंग के दौरान शॉर्ट सर्किट होने से आग लग गई, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया। हादसा इतना भीषण था कि इसमें आठ लोगों की जलकर मौत हो गई, जबकि तीन लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।
घटनास्थल पर मौजूद लोगों और प्रारंभिक जांच के अनुसार, पुगलिया परिवार के घर के बाहर देर रात इलेक्ट्रिक कार चार्जिंग पर लगी हुई थी। सुबह करीब 4 बजे चार्जिंग पॉइंट में शॉर्ट सर्किट हुआ, जिससे कार में आग लग गई। आग तेजी से फैलते हुए घर तक पहुंच गई और अंदर रखे गैस सिलेंडरों को अपनी चपेट में ले लिया। आग लगने के बाद घर में रखे सिलेंडरों में धमाके शुरू हो गए। बताया जा रहा है कि एक के बाद एक चार सिलेंडर फटे, जिससे पूरा इलाका दहल उठा। विस्फोट इतना जोरदार था कि मकान का पूरा एक हिस्सा ढह गया और अंदर सो रहे लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
घटना के समय पुगलिया परिवार के यहां एक पारिवारिक कार्यक्रम था, जिसके चलते कई रिश्तेदार भी घर पर रुके हुए थे। इसी कारण जनहानि ज्यादा हुई। अब तक आठ लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि घायलों का इलाज अस्पताल में जारी है। इस घटना से फिर एक बार इलेक्ट्रिक कारों की सुरक्षा को लेकर सवालिया निशान खड़े हो गए। कि क्या वाकई में ईवी सुरक्षित है।
इलेक्ट्रिक कार की चार्जिंग आखिर कितनी सुरक्षित है?
अगर तकनीकी रूप से देखा जाए तो इलेक्ट्रिक कारों की चार्जिंग काफी सुरक्षित होती है। आधुनिक ईवी में एक एडवांस बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) लगा होता है, जो कार के 100% चार्ज होते ही पावर सप्लाई को ऑटोमैटिक रूप से कट कर देता है। इस तकनीक के कारण गाड़ी में ओवरचार्जिंग का खतरा कम होता है। इसके साथ ही, ईवी की बैटरियां IP67 रेटिंग के साथ आती हैं, जो उन्हें पानी और धूल से भी सुरक्षित रखती हैं।
ऐसे में यह समझना जरूरी है कि हादसों में असली समस्या कार में नहीं, बल्कि अक्सर हमारी वायरिंग में होती है। दरअसल, लगभग 90 प्रतिशत मामलों में आग कार की बैटरी से नहीं, बल्कि उस दीवार के सॉकेट, पुरानी वायरिंग या खराब एक्सटेंशन कॉर्ड से शुरू होती है जहां से कार चार्ज हो रही होती है। चार्जिंग के दौरान लगातार कई घंटों तक हाई-वोल्टेज करंट बहने की वजह से घर के कमजोर तार गर्म होकर पिघल जाते हैं और यही फिर शॉर्ट सर्किट का बड़ा कारण बनता है।
चार्जिंग के दौरान लोग अक्सर क्या गलतियां करते हैं?
ईवी मालिक अनजाने में कुछ ऐसी गलतियां कर बैठते हैं जो बड़े हादसों का कारण बनती हैं, उदाहरण के लिए:
घरेलू या सस्ते एक्सटेंशन बोर्ड का इस्तेमाल: लोग अक्सर कार तक तार पहुंचाने के लिए साधारण एक्सटेंशन कॉर्ड का इस्तेमाल करते हैं। ये कॉर्ड 15A (एम्पियर) या उससे ज्यादा का लगातार लोड झेलने के लिए नहीं बने होते और जल्दी पिघल सकते हैं।
अर्थिंग को नजरअंदाज करना: बिना प्रॉपर अर्थिंग वाले सॉकेट में चार्जर लगाना सबसे बड़ी भूल है। अर्थिंग न होने पर शॉर्ट सर्किट का करंट जमीन में जाने के बजाय सीधे कार या चार्जर को नुकसान पहुंचा सकता है।
पुरानी या कमजोर वायरिंग: घर के जिस प्लग में आप कार चार्ज कर रहे हैं, अगर उसके अंदर के तार पतले हैं तो वो रात भर के हेवी लोड से गर्म होकर आग पकड़ सकते हैं।
सॉकेट का ढीला होना: अगर प्लग सॉकेट में ढीला फिट हो रहा है तो वहां स्पार्किंग होती है, जो धीरे-धीरे प्लग को जला सकती है।
इन हादसों से कैसे बचें और किन बातों का रखें ध्यान?
अगर आप चाहते हैं कि आपका वाहन और घर दोनों सुरक्षित रहें, तो चार्जिंग को लेकर इन नियमों का सख्ती से पालन करें:
कार चार्जिंग के लिए अलग से MCB लगवाएं: कार चार्जिंग पॉइंट के लिए एक अलग MCB (लघु परिपथ ब्रेकर) जरूर लगवाएं। अगर कभी वोल्टेज ऊपर-नीचे होता है या शॉर्ट सर्किट होता है तो MCB तुरंत ट्रिप होकर पावर कट कर देगी और आग लगने से बच जाएगी।
सर्टिफाइड इलेक्ट्रीशियन से वायरिंग कराएं: चार्जिंग पॉइंट के लिए हमेशा मोटे और अच्छी क्वालिटी के तार (कम से कम 2.5 sq mm या कंपनी के निर्देशानुसार) का इस्तेमाल करें। इसे किसी प्रोफेशनल इलेक्ट्रीशियन से ही लगवाएं।
केवल OEM चार्जर का उपयोग करें: हमेशा कार निर्माता कंपनी के जरिए दिए गए OEM (ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर) चार्जर या दीवार पर लगने वाले वॉल-बॉक्स चार्जर का ही इस्तेमाल करें। सस्ते आफ्टर-मार्केट चार्जर से बचें।
चार्जिंग एरिया की जगह: सुनिश्चित करें कि जहां कार चार्ज हो रही है वो जगह सूखी है या नहीं। उस जगह बारिश का पानी सीधे सॉकेट पर न पड़े और आस-पास कोई ज्वलनशील पदार्थ जैसे कागज, लकड़ी, या केमिकल न रखा हो।
नियमित जांच करें: हर कुछ दिनों में अपने चार्जर के प्लग और दीवार के सॉकेट को चेक करें। अगर प्लास्टिक के पिघलने की बदबू आ रही है या प्लग पर काले निशान दिख रहे हैं तो तुरंत उसका इस्तेमाव बंद कर दें।
घर के बाहर न बनाएं चार्जिंग पॉइंट
कभी भी घर के बाहर ईवी चार्जिंग पॉइंट नहीं रखना चाहिए। क्योंकि बैटरी चार्ज करने के लिए आमतौर पर घरों में 3 केवी चार्जर लगता है। चार्जिंग के दौरान कई बार पॉइंट के वायर गर्म होते हैं और शॉर्ट सर्किट का खतरा रहता है। बाहर सर्किट होने से सीधे धूप पॉइंट पर आती है। इसके अलावा पेड़-पौधों में पानी देते समय यदि पॉइंट में पानी घुस जाता है तो भी सर्किट होने या करंट लगने का खतरा रहता है। - दिलीप धारकर, विद्युत सलाहकार, इंदौर
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