Himachal News: राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल बोले- तीन वर्षों में हिमाचल को समझने का किया प्रयास
राजभवन में पत्रकारों को संबोधित करते हुए राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने कहा कि तीन वर्ष के कार्यकाल के दौरान उन्होंने हिमाचल प्रदेश के लोगों और यहां की परिस्थितियों को समझने का प्रयास किया। पढ़ें पूरी खबर...
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राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने कहा कि अपने तीन वर्ष के कार्यकाल के दौरान उन्होंने हिमाचल प्रदेश के लोगों और यहां की परिस्थितियों को समझने का प्रयास किया। राजभवन में पत्रकारों को संबोधित करते हुए उन्होंने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया कि उन्होंने हिमाचल के बाद तेलंगाना में बतौर राज्यपाल सेवा का अवसर दिया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में काम करने की काफी संभावनाएं हैं, लेकिन कार्यसंस्कृति पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।
राज्यपाल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में कई क्षेत्रों में प्रगति की गुंजाइश है। नेताओं को इस संभावना पर काम करना चाहिए। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि हिमाचल से बाद में बना उत्तराखंड कई मामलों में आगे निकल गया है, इसलिए प्रदेश में बेहतर कार्यसंस्कृति विकसित करना जरूरी है।
स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में टीबी के मरीजों की संख्या बढ़ना चिंता का विषय है। पिछले वर्ष उम्मीद थी कि हिमाचल टीबी मुक्त राज्य बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा, लेकिन अन्य राज्यों तुलना में यहां मरीजों की संख्या बढ़ी है। उन्होंने कहा कि टीबी मुक्त और नशा मुक्त हिमाचल बनाने के लिए अभियान चलाया गया, जिसमें मीडिया ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
राज्यपाल ने कहा कि केवल राजनीति ही नहीं होनी चाहिए, बल्कि कार्यसंस्कृति का भी विकास होना जरूरी है। उन्होंने बताया कि उनके कार्यकाल के दौरान राजभवन और सरकार के बीच किसी प्रकार का टकराव नहीं रहा और सहयोगात्मक वातावरण में काम हुआ।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति के अपमान के मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि देश के सर्वोच्च सांविधानिक पद का सम्मान बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति का अपमान किसी भी परिस्थिति में उचित नहीं माना जा सकता और लोकतांत्रिक व्यवस्था में सांविधानिक पदों का सम्मान होना चाहिए। राज्यपाल ने कहा कि लोकतंत्र में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन सांविधानिक संस्थाओं और पदों की गरिमा बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में सभी राजनीतिक दलों और नेताओं को मर्यादा का पालन करना चाहिए।