सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Bilaspur News ›   AIIMS Bilaspur: State-of-the-art testing facilities to be added to the pathology department

एम्स बिलासपुर: आईएचसी एंटीबॉडी से सूक्ष्म स्तर पर होगी कैंसर की पहचान, जोड़ी जाएंगी अत्याधुनिक जांच सुविधाएं

संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर। Published by: Ankesh Dogra Updated Sun, 08 Mar 2026 01:15 PM IST
विज्ञापन
सार

एम्स बिलासपुर के पैथोलॉजी एवं लैब मेडिसिन विभाग में सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। एम्स में कैंसर की पहचान में उपयोग होने वाली इम्युनोहिस्टोकैमिस्ट्री तकनीक को और मजबूत किया जा रहा है। पढ़ें पूरी खबर...

AIIMS Bilaspur: State-of-the-art testing facilities to be added to the pathology department
एम्स बिलासपुर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) बिलासपुर में कैंसर और अन्य जटिल बीमारियों की पहचान अब पहले से अधिक सटीक और आधुनिक तकनीक से की जा सकेगी। इसके लिए एम्स के पैथोलॉजी एवं लैब मेडिसिन विभाग में सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। 

Trending Videos


एम्स में कैंसर की पहचान में उपयोग होने वाली इम्युनोहिस्टोकैमिस्ट्री तकनीक को और मजबूत किया जा रहा है। विभाग में 24 नए आईएचसी एंटीबॉडी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन

इनमें एमएलएच-1, पीएमएस-2, गाटा-3, हेप-पार-1, आईडीएच-1 और एसओएक्स-10 जैसे आधुनिक एंटीबॉडी शामिल हैं। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार ये एंटीबॉडी ट्यूमर की सूक्ष्म स्तर पर जांच करने में मदद करते हैं। इनके माध्यम से कैंसर के प्रकार, प्रकृति और शरीर में उसके फैलाव की स्थिति का सटीक पता लगाया जा सकता है। इससे बायोप्सी जांच की गुणवत्ता और विश्वसनीयता में भी सुधार होगा। 

नई एंटीबॉडी के शामिल होने से स्तन, लीवर कैंसर, त्वचा से संबंधित ट्यूमर और अन्य जटिल कैंसर के प्रकारों की पहचान अधिक सटीकता से की जा सकेगी और उपचार प्रक्रिया भी अधिक प्रभावी बन सकेगी। इन अत्याधुनिक जांच सुविधाओं का लाभ केवल पैथोलॉजी विभाग तक सीमित नहीं रहेगा। इससे ऑन्कोलॉजी (कैंसर विभाग), गैस्ट्रोएंटरोलॉजी और यूरोलॉजी विभाग में उपचार ले रहे मरीजों को भी सीधा लाभ मिलेगा।

बाहरी लैब और अन्य राज्यों पर निर्भरता होगी कम
वर्तमान में कई विशेष जांच के लिए मरीजों को निजी प्रयोगशालाओं या अन्य राज्यों के बड़े चिकित्सा संस्थानों का रुख करना पड़ता है। इससे मरीजों को अतिरिक्त खर्च के साथ-साथ जांच रिपोर्ट आने में देरी का सामना करना पड़ता है। एम्स बिलासपुर में इन सुविधाओं के उपलब्ध होने से अब अधिकांश जटिल जांच संस्थान के भीतर ही की जा सकेंगी। इससे मरीजों का समय और धन दोनों की बचत होगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed