Himachal Weather: दिन में छाया अंधेरा, ओलावृष्टि भी हुई; बारिश-बर्फबारी रुक-रुककर जारी, इतने दिन बरसेंगे बादल
राजधानी शिमला सहित कई अन्य भागों में अचानक अंधेरा छा गया और रात जैसा नजारा देखने को मिला।
विस्तार
हिमाचल प्रदेश में रविवार से रुक-रुककर बारिश-बर्फबारी का दाैर जारी है। वहीं सोमवार दोपहर करीब 3:00 बजे राजधानी शिमला सहित कई अन्य भागों में अचानक अंधेरा छा गया और रात जैसा नजारा देखने को मिला। अंधेरा इतना ज्यादा था कि गाड़ियों को हेडलाइट्स का इस्तेमाल करना पड़ा। शहर के रिज व मालरोड पर भी दिन में लाइटों को जलाना पड़ा। शहर दिन में भी रोशनी से जगमग हो गया।
बिलासपुर, ऊना व मंडी जिले के धर्मपुर में भी अंधेरा छाया। शिमला में कुछ देर के लिए ओलावृष्टि भी हुई है। इससे सड़कें सफेद हो गईं। कई जगह फिसलन से वाहनों की रफ्तार थम गई। छोटा-शिमला संजाैली मार्ग पर ओलावृष्टि से कुछ देर के लिए गाड़ियों की आवाजाही प्रभावित रही। रामपुर, ठियोग, चाैपाल सहित कई अन्य भागों में भी ओलावृष्टि होने की सूचना है।
बर्फबारी से फंसे सैलानी, भूखे-प्यासे काटी रात
उधर, रविवार को धुंधी और अटल टनल के आसपास अचानक हुई भारी बर्फबारी के कारण लगभग एक हजार से अधिक वाहन साउथ पोर्टल के पास बर्फ में फंस गए थे। सड़क पर बर्फ शीशे की तरह जम जाने के कारण वाहन फिसल रहे थे और कई वाहनों का नियंत्रण भी बिगड़ गया था। स्थिति को देखते हुए पुलिस की ओर से पूरी रात रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। पुलिस और बीआरओ की टीमों ने संयुक्त रूप से कार्य करते हुए अधिकांश वाहनों तथा उनमें सवार लोगों को सुरक्षित रूप से मनाली की ओर निकाला। ताजा बर्फबारी के कारण पिछले कल दोपहर तीन बजे से सैकड़ों वाहन अटल टनल के भीतर और साउथ पोर्टल में भूखे प्यासे फंसे रहे। इन लोगों ने भूखे प्यासे पूरी रात गाड़ियों में ही गुजारी है। यह सभी वाहन पिछले कल रविवार को लाहौल से मनाली की तरफ निकले थे।
डलहौजी में पर्यटन ने बर्फबारी का लिया आनंद
चंबा जिले के पर्यटन स्थल डलहौजी, खज्जियार, लक्कड़मंडी में हल्की बर्फबारी में पर्यटकों ने जमकर मस्ती की। वहीं, होटल व्यवसाय के साथ जुड़े व्यवसायिओं ने भी बड़ी राहत महसूस की है। दो दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण बागवान-किसानों ने राहत की सांस ली है। बारिश के चलते चंबा-जोत, चंबा-तीसा मार्ग पर सरेला नाला के समीप वाहनों की रफ्तार थम गई है। जिसका खामियाजा लोगों को उठाना पड़ रहा है। अमूमन दो माह बाद बारिश और बर्फबारी होने से लोगों ने राहत की सांस ली है।
सराज की ऊंची चोटियों पर ताजा हिमपात
मंडी जिले की ऊंची चोटियों शिकारी देवी, शैटाधार और सपेहणीधार में ताजा हिमपात हुआ है, जबकि निचले क्षेत्रों में लगातार बारिश हो रही है। इस मौसम बदलाव से किसानों और बागवानों में खुशी की लहर है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार यह बारिश और बर्फबारी फसलों के लिए काफी लाभदायक मानी जा रही है। इन दिनों क्षेत्र के किसानों ने मटर और आलू की फसल की बिजाई की है, जिसके लिए यह बारिश बहुत ही फायदेमंद साबित होगी। वहीं सेब के बागानों के लिए भी समय पर हुई बर्फबारी को अच्छा माना जा रहा है। हालांकि, मार्च महीने के पहले सप्ताह में अधिक गर्मी पड़ने के कारण कई बागवानों ने अपने सेब के पौधों पर सुरक्षा के लिए जालियां लगा दी थीं। अब अचानक हुई बर्फबारी के कारण उन्हें चिंता है कि कहीं बर्फ के भार से ये जालियां टूट न जाएं। स्थानीय किसान केवली राम, चमन लाल,तुले राम,डोले राम,और सत्य प्रकाश का कहना है कि यह बारिश फसलों के लिए सही समय पर हुई है, जिससे आने वाली पैदावार बेहतर होने की उम्मीद है।
कब तक जारी रहेगी बारिश-बर्फबारी
माैसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार 19 और 20 मार्च को राज्य के अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश-बर्फबारी होने की संभावना है। 21 और 22 मार्च को राज्य के कुछ अलग-अलग स्थानों पर हल्की बारिश-बर्फबारी होने के आसार हैं। 17 मार्च को राज्य के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश-बर्फबारी हो सकती है। जबकि 16 और 18 मार्च को राज्य के कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश-बर्फबारी होने की संभावना है। 19 मार्च को कुल्लू, कांगड़ा व चंबा जिले में भारी बारिश-बर्फबारी, जबकि चंबा, शिमला व सोलन में अंधड़ के साथ ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। पिछले 24 घंटों के दौरान ज्यादातर स्टेशनों पर अधिकतम व न्यूनतम तापमान में काफी गिरावट देखी गई है।
तापमान में और गिरावट के आसार
राज्य के कई हिस्सों में अगले 4-5 दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। राज्य के कई हिस्सों में अगले 24 घंटों के दौरान अधिकतम तापमान में लगभग 2-3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट होने की संभावना है। उसके बाद के 24 घंटों में इसमें 3-4 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होगी। इसके बाद, अगले 3-4 दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में लगभग 3-5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने की संभावना है।
बर्फ की सफेद चादर से ढके पहाड़, 12 से 15 सेंटीमीटर तक हिमपात
किन्नौर, कुल्लू और शिमला जिले के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सोमवार को भी बर्फबारी हुई, जबकि निचले क्षेत्रों में बारिश हुई। अचानक मौसम में आए बदलाव के कारण मार्च महीने में भी समूचा क्षेत्र शीतलहर की चपेट में आ गया है। ठंड का प्रकोप बढ़ गया है। रविवार रात से किन्नौर, कुल्लू और शिमला जिले की ऊंची चोटियों में बर्फबारी का सिलसिला शुरू हुआ। सोमवार को दोपहर बाद मौसम ने फिर एकाएक करवट बदली और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हुई। किन्नौर जिले के पर्यटन स्थल सांगला, छितकुल और कल्पा समेत कई क्षेत्रों में 15 सेंटीमीटर के करीब ताजा बर्फबारी दर्ज की गई। नाको, हांगो, चूलिंग, कुनोचारंग, लिप्पा, आसरंग और नेसंग सहित अधिकांश इलाकों में दोपहर बाद बर्फबारी का क्रम शुरू हुआ। जिले में तापमान शून्य से भी नीचे चला गया है और ठंड बढ़ गई है। वहीं, कुल्लू जिले के आनी और निरमंड उपमंडल के ऊंचे इलाकों में बर्फबारी हुई। क्षेत्र के जलोड़ी जोत, खनाग और निरमंड उपमंडल की श्रीखंड महादेव की पहाड़ियों में भी बर्फबारी हुई। रामपुर उपमंडल के ननखड़ी, 15/20, 12/20 वैली, काशापाट, कंछीण घोड़ी, सराहन और कुमारसैन उपमंडल के नारकंडा में बर्फबारी हुई। वहीं, निचले क्षेत्रों में बारिश का दौर जारी है।