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Jaipur News: समालखा में RSS की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा संपन्न, संगठन विस्तार और सामाजिक समरसता पर हुआ मंथन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: Himanshu Priyadarshi
Updated Mon, 16 Mar 2026 07:24 PM IST
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सार
Jaipur News: हरियाणा के समालखा में आरएसएस की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की तीन दिवसीय बैठक संपन्न हुई। बैठक में संगठन विस्तार, सामाजिक समरसता और विभिन्न सामाजिक पहल पर चर्चा हुई। संघ के कार्यों के विस्तार और आगामी प्रशिक्षण कार्यक्रमों की भी जानकारी दी गई।
समालखा में RSS की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा संपन्न
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की तीन दिवसीय अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक 13 से 15 मार्च तक हरियाणा के समालखा में संपन्न हुई। बैठक में संगठन के विस्तार, सामाजिक समरसता और राष्ट्रहित में समाज की सज्जन शक्ति की सक्रिय भागीदारी सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक चर्चा की गई।
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प्रेस वार्ता में दी बैठक की जानकारी
यह जानकारी क्षेत्र संघचालक डॉ. रमेशचंद्र अग्रवाल ने सोमवार को जयपुर स्थित सेवा सदन में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान दी। उन्होंने बताया कि प्रतिनिधि सभा में संत शिरोमणि सद्गुरु श्री रविदास जी के 650वें प्राकट्य वर्ष के अवसर पर सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले का वक्तव्य भी प्रस्तुत किया गया। इस वक्तव्य में कहा गया कि वर्तमान समय में जब कुछ विभाजनकारी शक्तियां समाज को जाति और वर्ग के आधार पर बांटने का प्रयास कर रही हैं, तब संत रविदास के जीवन और विचारों को समझते हुए समाज की एकात्मता को मजबूत करने की आवश्यकता है।
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संगठनात्मक विस्तार के आंकड़े साझा
डॉ. अग्रवाल ने बताया कि पिछले वर्ष संघ के संगठनात्मक कार्य में उल्लेखनीय विस्तार हुआ है। उनके अनुसार देशभर में संघ की शाखाओं की संख्या लगभग छह हजार बढ़कर 88 हजार से अधिक हो गई है, जबकि स्थानों की संख्या 55 हजार से अधिक हो चुकी है। इसके अलावा साप्ताहिक मिलन और मंडलियों की संख्या में भी लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि संघ का कार्य अब अंडमान, अरुणाचल प्रदेश, लेह और दूरस्थ जनजातीय क्षेत्रों तक पहुंच चुका है, जहां नियमित रूप से शाखाएं संचालित हो रही हैं।
‘पंच परिवर्तन’ अभियान के माध्यम से सामाजिक पहल
उन्होंने कहा कि संगठन विस्तार के साथ-साथ संघ समाज में गुणवत्ता संवर्धन के लिए भी कार्य कर रहा है। ‘पंच परिवर्तन’ अभियान के माध्यम से समाज को सकारात्मक बदलाव के लिए प्रेरित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारतीयता या हिंदुत्व केवल एक विचार नहीं, बल्कि एक जीवन शैली है, जिसके माध्यम से समाज में श्रेष्ठ मूल्यों का प्रसार किया जा सकता है।
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महापुरुषों के योगदान को व्यापक रूप से स्वीकारने पर जोर
डॉ. अग्रवाल ने बताया कि महापुरुषों के योगदान को जाति और पंथ से ऊपर उठकर स्वीकार किया जाना चाहिए। इसी भावना के तहत संघ के स्वयंसेवकों ने नवम गुरु श्री तेग बहादुर के बलिदान के 350वें वर्ष पर देशभर में दो हजार से अधिक कार्यक्रम आयोजित किए, जिनमें सात लाख से अधिक लोगों ने भाग लिया। इसके साथ ही राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ भी उत्साहपूर्वक मनाई गई।
प्रशिक्षण वर्ग और राजस्थान में गतिविधियां
उन्होंने बताया कि आगामी वर्ष में संघ के प्रशिक्षण वर्गों के अंतर्गत कुल 96 प्रशिक्षण वर्ग आयोजित किए जाएंगे, जिनमें 11 क्षेत्रों के वर्ग तथा नागपुर में एक विशेष वर्ग शामिल होगा। उन्होंने कहा कि राजस्थान में भी संगठनात्मक गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं। वर्तमान में प्रदेश के लगभग 7,910 स्थानों पर संघ की गतिविधियां संचालित हो रही हैं, जहां 12,109 शाखाएं और 5,950 मिलन नियमित रूप से आयोजित हो रहे हैं।
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