E20: इथेनॉल ब्लेंडिंग के समर्थन में उतरी बीएमडब्ल्यू, कहा- हमारी पेट्रोल गाड़ियां वर्षों से E25 ईंधन के अनुकूल
भारत में इथेनॉल मिश्रण को लेकर जहां कई तरह की बहस जारी है, वहीं लग्जरी कार निर्माता बीएमडब्ल्यू ग्रुप इंडिया ने सरकार की इस पहल के समर्थन में खुलकर अपनी बात रखी है। कंपनी का कहना है कि इथेनॉल जैसे वैकल्पिक ईंधन पारंपरिक जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता कम करने के साथ-साथ देश के सतत विकास और ऊर्जा सुरक्षा लक्ष्यों को हासिल करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
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विस्तार
भारत में इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच लग्जरी कार निर्माता कंपनी बीएमडब्ल्यू ग्रुप इंडिया (BMW Group India) ने सरकार की इस मुहिम का खुलकर समर्थन किया है। कंपनी का मानना है कि इथेनॉल जैसे वैकल्पिक ईंधन पारंपरिक जीवाश्म ईंधन (फॉसिल फ्यूल) पर निर्भरता को कम करने में मदद कर सकते हैं। साथ ही यह देश के सस्टेनेबिलिटी (पर्यावरण स्थिरता) और ऊर्जा सुरक्षा के लक्ष्यों को हासिल करने में बड़ा योगदान देंगे।
एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए बीएमडब्ल्यू ने बताया कि भारत में बिकने वाले उसके सभी पेट्रोल इंजन मॉडल वर्षों से 25 प्रतिशत तक इथेनॉल मिश्रण (E25) पर चलने के पूरी तरह अनुकूल हैं। कंपनी देश में ईंधन के बदलते स्वरूप के लिए पहले से ही तैयार बैठी है। तेल आयात को कम करने, ऊर्जा स्वतंत्रता बढ़ाने और वाहनों से होने वाले उत्सर्जन को घटाने की भारत सरकार की इस यात्रा में बीएमडब्ल्यू इथेनॉल को बदलाव का एक बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा मानती है।
ईंधन के बदलते नियमों को लेकर बीएमडब्ल्यू की क्या तैयारी है?
बीएमडब्ल्यू ग्रुप इंडिया के अध्यक्ष और सीईओ हरदीप सिंह बरार ने एक आधिकारिक बयान जारी कर देश के क्लीन-फ्यूल रोडमैप पर कंपनी की स्थिति स्पष्ट की है:
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वर्षों पहले से तैयार तकनीक: हरदीप सिंह बरार ने आश्वस्त किया कि भारत में बेचे जाने वाले बीएमडब्ल्यू वाहनों को अधिक इथेनॉल सामग्री को संभालने के लिए पहले से ही इंजीनियर किया गया है। ये वाहन न केवल वर्तमान E25 ईंधन के अनुकूल हैं, बल्कि भविष्य के कड़े नियमों के लिए भी पूरी तरह तैयार हैं।
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गलतफहमी पर स्पष्टीकरण: हाल ही में इथेनॉल मिश्रित ईंधनों को लेकर चल रही चर्चाओं और बयानों पर सफाई देते हुए बरार ने स्पष्ट किया कि भविष्य की मोबिलिटी और फ्यूल टेक्नोलॉजी पर की गई उनकी कुछ पुरानी टिप्पणियों को गलत तरीके से पेश किया गया था। उनका वह बयान मौजूदा E20 ईंधन कार्यक्रम के खिलाफ बिल्कुल नहीं था।
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सरकारों के साथ मिलकर काम: कंपनी ने भारत के टिकाऊ गतिशीलता रोडमैप के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। कंपनी सभी ईंधन मानकों और नियामक आवश्यकताओं का पालन करती रहेगी और नीति निर्माताओं व उद्योग के हितधारकों के साथ मिलकर काम करेगी।
टिकाऊ भविष्य को लेकर कंपनी की क्या रणनीति है?
बीएमडब्ल्यू का मानना है कि भविष्य में पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए किसी एक तकनीक के भरोसे नहीं बैठा जा सकता:
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टेक्नोलॉजी-न्यूट्रल रणनीति: सीईओ हरदीप सिंह बरार के अनुसार, कंपनी एक 'टेक्नोलॉजी-न्यूट्रल' रणनीति पर चल रही है। इसके तहत कंपनी बैटरी-इलेक्ट्रिक वाहनों (BEV), एडवांस्ड कंबशन इंजनों और हाइड्रोजन फ्यूल-सेल सिस्टम, तीनों तकनीकों पर एक साथ भारी निवेश कर रही है।
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एक साथ काम करेंगी कई तकनीकें: दीर्घकालिक स्थिरता के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए किसी एक समाधान पर निर्भर रहने के बजाय कई अलग-अलग तकनीकों को मिलकर काम करना होगा। इथेनॉल ब्लेंडिंग भी इसी कम-कार्बन वाले भविष्य को अपनाने की दिशा में एक जरूरी कदम है।
भारतीय बाजार में बीएमडब्ल्यू का कारोबार कैसा चल रहा है?
इथेनॉल के समर्थन का यह बड़ा बयान ऐसे समय में आया है जब बीएमडब्ल्यू भारतीय बाजार में सफलता के नए रिकॉर्ड बना रही है:
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अब तक की सबसे बड़ी तिमाही बिक्री: कैलेंडर वर्ष 2026 की पहली तिमाही (Q1 CY2026) में इस लग्जरी कार निर्माता ने भारतीय बाजार में अपनी अब तक की सबसे बेहतरीन तिमाही बिक्री दर्ज की है।
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17% की सालाना ग्रोथ: जनवरी से मार्च की अवधि के दौरान कंपनी ने 4,567 यूनिट्स की बिक्री की है। जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 17 प्रतिशत की शानदार सालाना (YoY) बढ़ोतरी है।
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इलेक्ट्रिक गाड़ियों की धूम: इस तिमाही के दौरान कंपनी की कुल बिक्री में से 26 प्रतिशत हिस्सेदारी अकेले बैटरी-इलेक्ट्रिक वाहनों (BEV) की रही है। जो यह दिखाता है कि भारतीय ग्राहक अब तेजी से क्लीन एनर्जी की तरफ बढ़ रहे हैं।