Indian Motorcycle: पोलारिस से अलग हो कैरोलवुड के हाथों में गई इंडियन मोटरसाइकिल, नए दौर की शुरुआत
पोलारिस से कैरोलवुड द्वारा अधिग्रहण पूरा होने के बाद इंडियन मोटरसाइकिल एक स्वतंत्र कंपनी बन गई है। और माइक कैनेडी को सीईओ नियुक्त किया गया है।
विस्तार
अमेरिकी मोटरसाइकिल ब्रांड Indian Motorcycle (इंडियन मोटरसाइकिल) एक नए दौर में प्रवेश कर चुका है। इंडियन मोटरसाइकिल अब आधिकारिक तौर पर एक स्वतंत्र कंपनी बन गई है, क्योंकि Carolwood LP (कैरोलवुड एलपी) ने इसका अधिग्रहण Polaris (पोलारिस) से पूरा कर लिया है। इस बदलाव के साथ ब्रांड का पूरा फोकस अब केवल मोटरसाइकिल कारोबार पर रहेगा।
2026 में 125 साल पूरे करेगा ब्रांड
यह ट्रांजिशन इंडियन मोटरसाइकिल के लिए खास मायने रखता है, क्योंकि कंपनी 2026 में अपनी 125वीं वर्षगांठ मनाने जा रही है। नए स्वामित्व के तहत ब्रांड अपने इतिहास के साथ-साथ भविष्य की रणनीति पर भी नए सिरे से काम करेगा।
नया स्वामित्व, स्पष्ट रणनीति
डील पूरी होने के बाद इंडियन मोटरसाइकिल अब एक स्टैंड-अलोन कंपनी के रूप में काम करेगी।
कंपनी का कहना है कि इससे फैसले लेने की प्रक्रिया तेज होगी और लंबी अवधि की रणनीति ज्यादा स्पष्ट होगी। कैरोलवुड अब ब्रांड का स्वामित्व संभालेगा और इसके अगले ग्रोथ फेज की दिशा तय करेगा।
‘Built in America’ पहचान बनी रहेगी
कंपनी ने साफ किया है कि अमेरिका में निर्माण उसकी पहचान का मूल हिस्सा बना रहेगा।
नए सीईओ ने कहा, "अमेरिका की पहली मोटरसाइकिल कंपनी, अमेरिका को ही प्राथमिकता देगी। ‘Built in America (अमेरिका में निर्मित)’ हमारे लिए सिर्फ नारा नहीं, बल्कि एक प्रतिस्पर्धात्मक ताकत है।"
माइक कैनेडी बने नए सीईओ
मोटरसाइकिल इंडस्ट्री के अनुभवी माइक केनेडी को इंडियन मोटरसाइकिल का नया मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) नियुक्त किया गया है।
उन्होंने कहा कि 125वीं वर्षगांठ से पहले यह बदलाव ब्रांड के लिए बेहद अहम है।
उनके मुताबिक, "यह सम्मान की बात है कि मैं ऐसे समय में इंडियन मोटरसाइकिल की कमान संभाल रहा हूं, जब ब्रांड अपने इतिहास और भविष्य, दोनों को नए जोश और स्पष्टता के साथ देख रहा है।"
प्रोडक्ट और ओनरशिप एक्सपीरियंस पर फोकस
नई मैनेजमेंट टीम मोटरसाइकिलों, टेक्नोलॉजी और राइडर एक्सपीरियंस में ज्यादा निवेश करने की योजना बना रही है।
फोकस रहेगा:
- बेहतर परफॉर्मेंस
- बेहतरीन कारीगरी
- ब्रांड के विशिष्ट चरित्र को मजबूत करना
कंपनी का कहना है कि उसके प्रोडक्ट्स में वही स्टाइल और क्वालिटी दिखेगी, जो इसके ऐतिहासिक विरासत और इनोवेशन से मेल खाती हो।
डीलर्स होंगे रणनीति के केंद्र में
इंडियन मोटरसाइकिल ने अपने डीलर नेटवर्क को भविष्य की रणनीति का अहम स्तंभ बताया है।
कंपनी डीलर्स के साथ ज्यादा नजदीकी से काम करेगी और उनके फीडबैक को बिजनेस व प्रोडक्ट फैसलों में शामिल करेगी।
सीईओ के मुताबिक, “हम अपनी सफलता को डीलर्स की सफलता से मापेंगे।”
कर्मचारी और मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स में कोई बदलाव नहीं
इस बदलाव का कर्मचारियों पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा।
- करीब 900 कर्मचारी नई इंडियन मोटरसाइकिल कंपनी का हिस्सा बनेंगे
- मैन्युफैक्चरिंग पहले की तरह स्पिरिट लेक (आयोवा) और मोंटीसेलो (मिनेसोटा) में जारी रहेगी
- डिजाइन और इंजीनियरिंग का काम स्विट्जरलैंड और मिनेसोटा में ही होगा
- सेल्स, सर्विस और कस्टमर सपोर्ट में कोई रुकावट नहीं आएगी
निष्कर्ष: इतिहास से भविष्य की ओर
कैरोलवुड के अधिग्रहण के बाद इंडियन मोटरसाइकिल एक बार फिर स्वतंत्र पहचान और स्पष्ट विजन के साथ आगे बढ़ रही है। 125 साल की विरासत के साथ, ब्रांड अब खुद को अगले दशक के लिए और मजबूत, फोकस्ड और प्रतिस्पर्धी बनाने की तैयारी में है।
