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Hindi News ›   Automobiles News ›   Is Windshield Glare 'Natural'? Consumer Court Fines Car Maker Rs 5 Lakh Over Unfair Trade Practice

विंडशील्ड में डैशबोर्ड की चमक को 'प्राकृतिक' बताकर पल्ला झाड़ना पड़ा भारी: वाहन निर्माता पर ₹5 लाख का जुर्माना

Tue, 20 Oct 2026 04:24 PM IST
Amar Sharma ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Amar Sharma Updated Tue, 20 Oct 2026 04:24 PM IST
सार

कार चलाते समय विंडशील्ड पर डैशबोर्ड की परछाईं से सड़क देखने में परेशानी होना सिर्फ एक सामान्य शिकायत नहीं है। दिल्ली की एक उपभोक्ता आयोग ने ऐसे ही मामले में कार निर्माता कंपनी और उसके अधिकृत डीलर को वाहन मालिक को 5 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है।

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Is Windshield Glare 'Natural'? Consumer Court Fines Car Maker Rs 5 Lakh Over Unfair Trade Practice
Consumer Commission Penalty - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

नई दिल्ली के डिस्ट्रिक्ट कंज्यूमर डिस्प्यूट्स रिड्रैसल कमीशन-II ने एक वाहन मालिक की शिकायत पर एक अहम फैसला सुनाया है। आयोग ने कार की विंडशील्ड पर डैशबोर्ड के लगातार चमक से होने वाली मानसिक परेशानी और सुरक्षा चिंताओं के मामले में कार निर्माता कंपनी और उसके अधिकृत डीलर को 5 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है।  

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  • कोर्ट का मुख्य फैसला: 6 अक्तूबर को अध्यक्ष मोनिका ए श्रीवास्तव और सदस्य किरण कौशल की पीठ द्वारा पारित आदेश में हालांकि कार के डिजाइन को तकनीकी रूप से खराब नहीं घोषित किया गया। लेकिन कंपनी को अनुचित व्यापार व्यवहार का दोषी ठहराया गया। 
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कार मालिक की मुख्य शिकायत और कंपनी की दलील क्या थी?

  • शिकायतकर्ता का आरोप: ग्राहक ने अप्रैल 2025 में कार खरीदी थी। उनकी शिकायत है कि गाड़ी चलाते समय डैशबोर्ड का रिफ्लेक्शन विंडशील्ड पर पड़ता है। जिससे दिन और रात दोनों समय सामने की सड़क देखने में रुकावट आती है। इससे उनके और यात्रियों के लिए दुर्घटना का जोखिम बना रहता है। जब उन्होंने कंपनी से रिफंड या हर्जाने की मांग की, तो कंपनी ने इसे एक आम बात बताकर खारिज कर दिया।
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  • कंपनी का बचाव: निर्माता कंपनी ने दावा किया कि कार गुणवत्ता जांच में पास हुई है और सभी मानकों का पालन करती है। कंपनी का कहना था कि यह एक 'प्राकृतिक घटना' है, न कि कोई मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट या खराब कांच का सबूत। 

 

आयोग ने कार कंपनी को 'अनुचित व्यापार व्यवहार' का दोषी क्यों माना?

कंज्यूमर बेंच ने पाया कि निरीक्षण के दौरान विंडशील्ड पर डैशबोर्ड का रिफ्लेक्शन स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा था। कंपनी के रवैये को दोषी ठहराते हुए आयोग ने कहा:
"आयोग विपक्षी पार्टी को अनुचित व्यापार व्यवहार का दोषी मानता है, क्योंकि वह भारत में विंडशील्ड ग्लेयर की घटना को 'प्राकृतिक' बताती है। जबकि अन्य वैश्विक बाजारों में अपनी वेबसाइट पर इस समस्या को दूर करने वाला प्रोडक्ट बेच रही है।"
आयोग ने इस रवैये को भारतीय ग्राहकों के साथ भेदभावपूर्ण माना। क्योंकि समस्या का समाधान करने वाला एक्सेसरी प्रोडक्ट विदेशी बाजारों में तो उपलब्ध कराया जा रहा था। लेकिन भारतीय ग्राहकों को नहीं दिया जा रहा था।

 

सुरक्षा अध्ययनों और BIS मानकों पर कोर्ट ने क्या कहा?

  • मिशिगन यूनिवर्सिटी की रिसर्च: आयोग ने 2003 की मिशिगन यूनिवर्सिटी के एक अध्ययन का हवाला दिया, जिसमें पाया गया था कि विंडशील्ड से होने वाला रिफ्लेक्शन 'वेल्डिंग ल्यूमिनेस' पैदा करता है, जो ड्राइवर की दृश्यता को प्रभावित करता है। नॉन-रिफ्लेक्टिव डैशबोर्ड और स्पेशल ग्लास ट्रीटमेंट से सुरक्षा में बड़ा सुधार हो सकता है।
  • डिजाइन डिफेक्ट क्यों नहीं माना? भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के अनुसार, वर्तमान में IS 2553 (भाग 2): 2019 के तहत ऑटोमोटिव ग्लास के लिए रिफ्लेक्शन-कंट्रोल अनिवार्य नहीं है। किसी स्पष्ट कानूनी मानक के अभाव में कोर्ट ने कार के डिजाइन को तकनीकी रूप से डिफेक्टिव घोषित नहीं किया। 

 

इस फैसले का कार मालिकों और ऑटो कंपनियों के लिए क्या महत्व है?

  • भुगतान का आदेश: कोर्ट ने कंपनी और डीलर को आदेश जारी होने के दो महीने के भीतर 5 लाख रुपये का मुआवजा देने का निर्देश दिया है। तय समय में भुगतान न करने पर शिकायत दर्ज कराने की तारीख से 6 प्रतिशत वार्षिक दर से ब्याज देना होगा।
  • बड़ा संदेश: यह आदेश साबित करता है कि कंज्यूमर फोरम केवल तकनीकी कमियों को ही नहीं देखते। बल्कि ग्राहक की सुरक्षा संबंधी शिकायतों पर कंपनी के रवैये की निष्पक्षता की भी जांच करते हैं। कंपनियां किसी समस्या को भारत में 'प्राकृतिक' बताकर खारिज नहीं कर सकतीं, यदि वे विदेशों में उसका समाधान बेच रही हों।
  • हेल्पलाइन नंबर: अगर आपको भी ऐसी ही समस्या का सामना करना पड़ रहा है, तो आप नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन के टोल-फ्री नंबर 1915 या दिल्ली कंज्यूमर हेल्पलाइन नंबर 011-23379146 पर संपर्क कर सकते हैं।
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