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टू-व्हीलर बाजार में ग्रामीण भारत की बादशाहत: H1 2026 में 55% रजिस्ट्रेशन गांवों से, रिपोर्ट में खुलासा
Fri, 25 Sep 2026 03:26 PM IST
Amar Sharma
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Amar Sharma
Updated Fri, 25 Sep 2026 03:26 PM IST
सार
भारत के दोपहिया वाहन बाजार ने 2026 की पहली छमाही में मजबूत मांग दर्ज की। जनवरी से जून 2026 के दौरान कुल दोपहिया वाहनों के रजिस्ट्रेशन में ग्रामीण भारत की हिस्सेदारी 55 प्रतिशत रही।
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Two-Wheeler Sales
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
भारतीय दोपहिया वाहन बाजार ने कैलेंडर वर्ष 2026 की पहली छमाही (जनवरी से जून) के दौरान शानदार मजबूती का प्रदर्शन किया है। इस दौरान देश के दोपहिया उद्योग की रफ्तार को बनाए रखने में ग्रामीण बाजारों ने सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
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ग्लोबल ऑटोमोटिव रिसर्च फर्म जाटो डायनामिक्स (JATO Dynamics) के एक ताजा अध्ययन के अनुसार, H1 2026 के दौरान कुल भारतीय दोपहिया रजिस्ट्रेशन में अकेले ग्रामीण भारत की हिस्सेदारी 55 प्रतिशत दर्ज की गई है। इसकी तुलना में शहरी बाजारों की हिस्सेदारी 32 प्रतिशत और मेट्रो शहरों का योगदान 13 प्रतिशत रहा।
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ग्रामीण इलाकों में किस श्रेणी के दोपहिया वाहनों का दबदबा सबसे ज्यादा रहा?
ग्रामीण इलाकों में कुल दोपहिया बिक्री में मोटरसाइकिलों का सबसे बड़ा दबदबा देखने को मिला है:- मोटरसाइकिल सेगमेंट: ग्रामीण क्षेत्रों में हुए कुल दोपहिया रजिस्ट्रेशन में अकेले मोटरसाइकिलों की हिस्सेदारी 68.3 प्रतिशत रही। इसमें भी 100 cc से 125 cc इंजन क्षमता वाली एंट्री-लेवल और कम्यूटर मोटरसाइकिलों का योगदान सबसे ज्यादा 75 प्रतिशत रहा।
- स्कूटर सेगमेंट: दूसरी ओर, स्कूटरों की हिस्सेदारी ग्रामीण रजिस्ट्रेशन में 24 प्रतिशत रही। इसमें मांग मुख्य रूप से 90-110 cc और 125 cc क्षमता वाले मॉडल्स में समान रूप से बंटी दिखाई दी।
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गांवों में पेट्रोल बनाम इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर की क्या स्थिति रही?
ईंधन के आधार पर आंकड़ों को देखें तो ग्रामीण भारत में अभी भी पारंपरिक पेट्रोल वाहनों का एकतरफा राज कायम है:- पेट्रोल वाहन: ग्रामीण बाजारों में बिकने वाले 94 प्रतिशत दोपहिया वाहन पेट्रोल से चलने वाले थे। इसके उलट, शहरी बाजारों में पेट्रोल वाहनों की हिस्सेदारी 89 प्रतिशत के आसपास दर्ज की गई।
- इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी): गांवों में ईवी की पहुंच 5.9 प्रतिशत रही, जो शहरी (10.7 प्रतिशत) और मेट्रो बाजारों (10.9 प्रतिशत) की तुलना में लगभग आधी है।
- EV ब्रांड्स की हिस्सेदारी: ग्रामीण इलेक्ट्रिक वाहन बाजार में TVS Motor Company (टीवीएस मोटर कंपनी) और Bajaj Auto (बजाज ऑटो) की सामूहिक रूप से 56 प्रतिशत हिस्सेदारी रही। जो यह दर्शाती है कि ग्रामीण खरीदार इलेक्ट्रिक में भी स्थापित ब्रांड्स पर भरोसा कर रहे हैं।
राज्यों के हिसाब से ग्रामीण टू-व्हीलर बाजार में क्या ट्रेंड देखने को मिला?
रिपोर्ट के मुताबिक, अलग-अलग राज्यों में कम्यूटर दोपहिया वाहनों की मांग का पैटर्न इस प्रकार रहा:- राजस्थान: यहां के ग्रामीण बाजार में 100 cc से 110 cc सेगमेंट पर भारी निर्भरता देखी गई, जहाँ कुल रजिस्ट्रेशन में इस कैटेगरी का योगदान 74 प्रतिशत रहा।
- उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश: इन दोनों राज्यों में भी ग्राहकों का मुख्य ध्यान बजट-फ्रेंडली कम्यूटर मोटरसाइकिलों और किफायती दोपहिया वाहनों पर ही बना हुआ है।