द बोनस मार्केट अपडेट: सेंसेक्स 143 अंक गिरकर 73,710 पर बंद, निफ्टी में भी 78 अंकों की गिरावट
भारतीय शेयर बाजार बुधवार को गिरावट के साथ बंद हुआ। 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 143.21 अंक गिरकर 73,709.69 अंक पर बंद हुआ। वहीं 50 शेयरों वाला निफ्टी 77.60 अंक गिरकर 22,811.35 अंक पर बंद हुआ।
विस्तार
घरेलू शेयर बाजार में बुधवार को गिरावट दर्ज की गई। बीएसई सेंसेक्स 143.21 अंक यानी करीब 0.19 फीसदी टूटकर 73,709.69 अंक पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी 77.60 अंक यानी करीब 0.34 फीसदी गिरकर 22,811.35 अंक पर बंद हुआ। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 46 पैसे बढ़कर 94.45 (अस्थायी) पर बंद हुआ।
आज बाजार में थोड़ी तेजी आई, लेकिन यह ज्यादा देर तक टिक नहीं पाई और निफ्टी फिर गिरने लगा। इस दौरान बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहा। बाजार में गिरावट का असर मिडकैप, स्मॉलकैप और माइक्रोकैप शेयरों पर भी दिखा। इन शेयरों में गिरावट के कारण ज्यादातर शेयरों का प्रदर्शन कमजोर रहा।
कैसा रहा सेंसेक्स की कंपनियों का हाल?
सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में बजाज फाइनेंस, एटर्नल, ट्रेंट, एक्सिस बैंक, एनटीपीसी, मारुति सुजुकी इंडिया, इंडिगो, कोटक महिंद्रा बैंक, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड, बजाज फिनसर्व, टाटा स्टील, टाइटन और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया प्रमुख रूप से पिछड़ गए।
एचसीएल टेक्नोलॉजीज, इंफोसिस, टेक महिंद्रा, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, अल्ट्राटेक सीमेंट, भारती एयरटेल, पावरग्रिड, रिलायंस इंडस्ट्रीज, आईटीसी, आईसीआईसीआई बैंक और सन फार्मास्यूटिकल्स लाभ कमाने वालों में शामिल थे।
जियो के आईपीओ का कैसा रहा प्रदर्शन?
इस बीच, बुधवार को बोली के पहले ही दिन 30,213 करोड़ रुपये के जियो प्लेटफॉर्म्स आईपीओ को लगभग तीन गुना अधिक सब्सक्रिप्शन मिला। भारत में अब तक का सबसे बड़ा सार्वजनिक ऑफर खुलने के 100 मिनट के भीतर पूर्ण सब्सक्रिप्शन हासिल करने वाला अब तक का सबसे तेज आईपीओ बन गया।
क्या है विशेषज्ञों की राय?
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और एफआईआई द्वारा लगातार की जा रही बिकवाली ने भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता को लेकर बनी आशावादिता पर ग्रहण लगा दिया, जिसके चलते भारतीय शेयर बाजारों ने शुरुआती मजबूत बढ़त को गंवा दिया।
उन्होंने कहा कि ऑटो, वित्तीय, धातु और रियल एस्टेट क्षेत्रों में मुनाफावसूली तेज हो गई, जो मुद्रास्फीति और मार्जिन दबावों को लेकर चिंताओं को दर्शाती है, जबकि आईटी क्षेत्र ने बेहतर आय दृश्यता और इस क्षेत्र के लिए निवेशकों की नई रुचि के बीच अपेक्षाकृत लचीलापन दिखाया।
नायर ने आगे कहा कि दूसरी तिमाही के मजबूत नतीजे और घरेलू संस्थागत निवेश बाजार को महत्वपूर्ण समर्थन प्रदान करते हैं, लेकिन कमजोर बाजार स्थिति और लगातार विदेशी बिकवाली सतर्कता बनाए रखने की ओर इशारा करती है।
उन्होंने कहा कि भविष्य की दिशा आय प्राप्ति की व्यापकता, व्यापार वार्ताओं में प्रगति और विदेशी प्रवाह पर निर्भर करेगी, जिसमें कच्चे तेल, वैश्विक उपज और मुद्रा अस्थिरता में स्थायी कमी बाजार स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण है।
कैसा रहा वैश्विक बाजार का हाल?
एशियाई बाजार मिले-जुले रुख के साथ बंद हुए, दक्षिण कोरिया का कोस्पी और जापान का निक्केई 225 सूचकांक बढ़त के साथ स्थिर हुए। वहीं, हांगकांग का हैंग सेंग और शंघाई का एसएसई कंपोजिट सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए। यूरोपीय बाजार बुधवार को बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। अमेरिकी बाज़ार मंगलवार को बढ़त के साथ बंद हुए।
वैश्विक ब्रेंट क्रूड का भाव बढ़कर 111 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचा
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 2.23 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 111 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर गया। एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने सोमवार को 1,148.64 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 3,201.19 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
सोमवार को बीएसई सेंसेक्स 876.37 अंक गिरकर 73,852.90 पर बंद हुआ। वहीं, व्यापक बाजार सूचकांक एनएसई निफ्टी 257.20 अंक गिरकर 22,888.95 पर समाप्त हुआ।