सख्ती: ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर विस्फोटक और घातक रसायनों की खुली बिक्री पर सरकार का शिकंजा, जानिए क्या है तैयारी
केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने डिजिटल ट्रेडिंग और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर खतरनाक रसायनों की बिक्री को लेकर बड़े पैमाने पर जांच शुरू कर दी है। इस बारे में क्या है अपडेट, आइए जानते हैं विस्तार से।
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डिजिटल इंडिया और डोरस्टेप डिलीवरी की सहूलियत जब नियम-कायदों से बेपरवाह हो जाए, तो वह सुविधा नहीं, राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सीधा खतरा बन जाती है। ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर कपड़े, जूते और किराना सामान बिकते-बिकते अब घातक और प्रतिबंधित विस्फोटक रसायन बिकने लगे हैं। इस खुली मनमानी पर अब सरकार ने डंडा चलाने की तैयारी कर ली है।
केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने डिजिटल ट्रेडिंग और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर खतरनाक रसायनों की बिक्री को लेकर बड़े पैमाने पर जांच शुरू कर दी है। उपभोक्ता मामलों की सचिव और सीसीपीए की मुख्य आयुक्त निधि खरे के मुताबिक, ऐसी कंपनियों की पहचान कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
विस्फोट की तस्वीरें लगाकर लुभाने का खेल
सीसीपीए की शुरुआती पड़ताल में जो खुलासे हुए हैं, वे बेहद चौंकाने वाले हैं। जांच में सामने आया कि कई ऑनलाइन मार्केटप्लेस पर अमोनियम नाइट्रेट की लिस्टिंग के साथ विस्फोट और उसके भयावह असर को दिखाने वाली तस्वीरें लगाई जा रही थीं।
प्राधिकरण का स्पष्ट मानना है कि ये तस्वीरें किसी खतरे की वैधानिक चेतावनी देने के बजाय उपभोक्ताओं और असामाजिक तत्वों का ध्यान आकर्षित करने का हथकंडा बन चुकी थीं। एल्गोरिदम और सर्च ऑप्टिमाइजेशन के जरिए इन विस्फोटकों को खुलेआम प्रमोट किया जा रहा था।
रडार पर पूरा विस्फोटक जखीरा
सीसीपीए की जांच केवल अमोनियम नाइट्रेट तक सीमित नहीं है। प्राधिकरण जिन खतरनाक पदार्थों की डिजिटल उपलब्धता की पड़ताल कर रहा है, उनमें देश को दहलाने की क्षमता रखने वाले गन पाउडर, पिक्रिक एसिड, पीईटीएन और अमोनियम नाइट्रेट जैसे कई रसायन शामिल हैं।
सख्त अल्टीमेटम
प्राधिकरण ने सभी ई-कॉमर्स कंपनियों को कड़े शब्दों में निर्देश दिया है कि विस्फोटक अधिनियम, 1884 के तहत आने वाले किसी भी पदार्थ की लिस्टिंग, होस्टिंग, विज्ञापन और बिक्री तुरंत बंद की जाए। यदि प्लेटफॉर्म्स ने तुरंत अनुपालन नहीं किया, तो उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 की धारा 10, 20 और 21 के तहत भारी जुर्माना, प्लेटफॉर्म पर पाबंदी और आपराधिक कार्रवाई की जाएगी।