सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   Amid the energy crisis, the US takes a major step; a new 30-day exemption on Russian oil purchases

West Asia: ऊर्जा संकट के बीच अमेरिका का बड़ा कदम; रूसी तेल खरीद पर 30 दिन की नई छूट, इन देशों को रखा गया बाहर

बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Riya Dubey Updated Fri, 20 Mar 2026 12:08 PM IST
विज्ञापन
सार

पश्चिम एशिया तनाव के बीच अमेरिका ने रूसी तेल लेन-देन को 30 दिन की छूट दी है, लेकिन उत्तर कोरिया, क्यूबा और क्रीमिया को इससे बाहर रखा है; इसका मकसद बढ़ती ऊर्जा कीमतों को काबू करना है। आइए विस्तार से जानते हैं।

Amid the energy crisis, the US takes a major step; a new 30-day exemption on Russian oil purchases
डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी राष्ट्रपति - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर दबाव के बीच अमेरिका ने रूसी मूल के कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की बिक्री के लिए 30 दिन की नई जनरल लाइसेंस जारी की है।

Trending Videos

नई छूट में क्या है खास?

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी ट्रेजरी विभाग द्वारा गुरुवार को जारी यह नई छूट 11 अप्रैल तक वैध रहेगी। इसके तहत उन रूसी तेल खेपों से जुड़े लेन-देन की अनुमति दी गई है, जो 12 मार्च तक टैंकरों में लोड हो चुकी हैं। यह नई लाइसेंस 12 मार्च को जारी पहले के आदेश की जगह लेती है। हालांकि, नई छूट में कुछ स्पष्ट प्रतिबंध भी लगाए गए हैं। इसके तहत उत्तर कोरिया, क्यूबा और क्रीमिया से जुड़े किसी भी प्रकार के लेन-देन को बाहर रखा गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन


यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के चलते तेल और गैस की कीमतों में तेज उछाल देखा जा रहा है। इसे अमेरिकी प्रशासन की ओर से ऊर्जा कीमतों को स्थिर करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

अमेरिकी ट्रेजरी सचिव ने क्या बताया?

अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने भी संकेत दिया है कि ऊर्जा संकट को देखते हुए ईरानी तेल को लेकर भी स्थिति की समीक्षा की जा रही है। उन्होंने कहा कि समुद्र में मौजूद करीब 140 मिलियन बैरल ईरानी तेल, जो लगभग 10 से 14 दिनों की आपूर्ति के बराबर है को बाजार में लाया जा सकता है। बेसेंट ने यह भी कहा कि अमेरिका के पास वैश्विक कीमतों को प्रभावित करने के कई विकल्प हैं और जरूरत पड़ने पर घरेलू भंडार का भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

पश्चिम एशिया में जंग जारी

इस बीच, पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ गया है। इस्राइल की ओर से ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड पर हमले के बाद ईरान ने कतर के एलएनजी ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई की है, जिससे वैश्विक आपूर्ति को लेकर चिंताएं गहरा गई हैं।

स्थिति पहले ही गंभीर हो चुकी थी, जब ईरानी ड्रोन हमलों के बाद कतर ने 2 मार्च को रास लाफान और मेसाईद इंडस्ट्रियल सिटी में एलएनजी उत्पादन रोक दिया था। कतर दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा एलएनजी निर्यातक है और वैश्विक आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा देता है। इन घटनाओं के असर से ब्रेंट क्रूड और प्राकृतिक गैस की कीमतों में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे आयात पर निर्भर देशों पर दबाव बढ़ने की आशंका है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed