BCCL IPO का मजबूत आगाज: 2026 का पहला मुख्य इश्यू 77 गुना सब्सक्राइब, निवेशकों ने लगा दी बोलियों की झड़ी
BCCL IPO: भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) का आईपीओ अंतिम दिन 76.81 गुना सब्सक्राइब हुआ। 2026 के पहले बड़े आईपीओ में गैर-संस्थागत निवेशकों (NII) ने 223 गुना से अधिक बोलियां लगाईं। जानिए कोल इंडिया की इस सहायक कंपनी के ₹1,071 करोड़ के इश्यू और इसके रणनीतिक महत्व के बारे में पूरी जानकारी।
विस्तार
सार्वजनिक क्षेत्र की दिग्गज कंपनी कोल इंडिया की सहायक इकाई, भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) के आईपीओ (इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग) में निवेशकों ने अच्छी रुचि दिखाई है। मंगलवार को बोली लगाने के अंतिम दिन दोपहर 1:45 बजे तक यह इश्यू 76.81 गुना सब्सक्राइब हुआ। वर्ष 2026 के इस पहले 'मेनबोर्ड' आईपीओ के प्रति निवेशकों की यह जबरदस्त दिलचस्पी घरेलू बाजार में लिक्विडिटी और सरकारी उपक्रमों की बाजार क्षमता पर मजबूत भरोसे का संकेत है।
बीसीसीएल के शेयरों को कितनी बोलियां मिलीं?
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि बाजार में इस निर्गम को लेकर भारी होड़ रही। कुल 34,69,46,500 शेयरों के ऑफर के मुकाबले अब तक 26,64,80,45,400 शेयरों के लिए बोलियां प्राप्त हुई हैं। विशेष रूप से 'गैर-संस्थागत निवेशकों' (NII) ने इस इश्यू को हाथों-हाथ लिया, जिनका हिस्सा 223.88 गुना सब्सक्राइब हुआ।
अलग-अलग श्रेणियों में कैसा रहा आईपीओ का प्रदर्शन?
- योग्य संस्थागत खरीदार (QIB): यह कोटा 48.72 गुना सब्सक्राइब हुआ।
- खुदरा व्यक्तिगत निवेशक (RII): इस श्रेणी में 42.17 गुना बोलियां प्राप्त हुईं
- एंकर निवेशक: कंपनी पहले ही एंकर निवेशकों से 273 करोड़ रुपये जुटा चुकी है।
क्या है बीसीसीएल के आईपीओ का गणित?
बीसीसीएल का 1,071 करोड़ रुपये का यह आईपीओ पूरी तरह से 'ऑफर फॉर सेल' (OFS) पर आधारित है, इसके तहत कोल इंडिया अपने 46.57 करोड़ इक्विटी शेयरों की बिक्री कर रही है। कंपनी ने इस निर्गम के लिए 21-23 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया था। ऊपरी मूल्य बैंड पर कंपनी का कुल बाजार मूल्यांकन 10,700 करोड़ रुपये से अधिक आंका गया है। शुक्रवार को बोली खुलने के कुछ ही मिनटों के भीतर यह इश्यू पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया था, जो इसकी शुरुआती सफलता का संकेत था।
रणनीतिक विनिवेश और ऐतिहासिक संदर्भ बीसीसीएल की लिस्टिंग केंद्र सरकार की कोयला क्षेत्र में व्यापक विनिवेश रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसका उद्देश्य कोल इंडिया की सहायक कंपनियों के वास्तविक मूल्य को अनलॉक करना और बाजार अनुशासन के माध्यम से परिचालन में पारदर्शिता बढ़ाना है। 1972 में निगमित यह कंपनी झारखंड के झरिया और पश्चिम बंगाल के रानीगंज कोयला क्षेत्रों में कोकिंग कोल के खनन और आपूर्ति का प्रमुख केंद्र है। प्रबंधन का मानना है कि लिस्टिंग से कंपनी को बाजार में अपनी साख मजबूत करने और भविष्य की विकास योजनाओं में मदद मिलेगी।
बाजार के लिए आईपीओ का क्या संकेत?
बीसीसीएल की यह सफलता बाजार में 2025 के रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन के बाद आई है। वर्ष 2025 में भारतीय कंपनियों ने मजबूत घरेलू तरलता और सहायक व्यापक आर्थिक वातावरण के दम पर आईपीओ के जरिए रिकॉर्ड 1.76 लाख करोड़ रुपये जुटाए थे। यह 2024 के 1.6 लाख करोड़ रुपये और 2023 के 49,436 करोड़ रुपये के मुकाबले काफी अधिक था। बीसीसीएल के आईपीओ को मिला यह बंपर रिस्पॉन्स न केवल कोयला क्षेत्र के प्रति निवेशकों के आकर्षण को दिखाता है, बल्कि यह भी साफ करता है कि उचित मूल्यांकन और मजबूत नींव वाली सरकारी कंपनियों के लिए बाजार में अभी पर्याप्त मौके हैं।