WEF Survey: असमानता सबसे बड़ी चिंता, 36% युवा लड़ना चाहते हैं चुनाव, दक्षिण एशिया के बारे में रिपोर्ट में क्या?
WEF Survey: वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की यूथ पल्स 2026 रिपोर्ट के अनुसार, 48% युवा अमीर-गरीब के बीच बढ़ती खाई से चिंतित हैं। जानिए क्यों दक्षिण एशिया में उद्यमशीलता बनी ताकत और एआई को लेकर क्या है युवाओं की राय।
विस्तार
विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की दावोस में होने वाली वार्षिक बैठक से ठीक पहले जारी एक सर्वेक्षण ने वैश्विक अर्थव्यवस्था के सामने खड़ी नई पीढ़ी की चिंताओं और आकांक्षाओं के बारे में बात कही है। 'यूथ पल्स 2026: इनसाइट्स फ्रॉम द नेक्स्ट जेनरेशन फॉर ए चेंजिंग वर्ल्ड' रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया भर के युवाओं के लिए अमीरी और गरीबी के बीच बढ़ती असमानता सबसे बड़ी आर्थिक चिंता बनकर उभरी है। हालांकि, इस सर्वेक्षण का सबसे चौंकाने वाला पहलू युवाओं की राजनीतिक महत्वाकांक्षा है। केवल आलोचना करने के बजाय, एक बड़ा वर्ग अब सक्रिय राजनीति में कदम रखने को तैयार है।
आर्थिक असमानता के बारे में रिपोर्ट में क्या?
144 देशों के 18 से 30 वर्ष की आयु के लगभग 4,600 युवाओं पर किए गए इस सर्वेक्षण से पता चला कि 48.2 प्रतिशत युवा 'अमीर और गरीब के बीच बढ़ती खाई' को भविष्य को आकार देने वाले शीर्ष आर्थिक रुझान के रूप में देखते हैं। आर्थिक मोर्चे पर अनिश्चितता का आलम यह है कि 57 प्रतिशत से अधिक उत्तरदाताओं ने 'वित्तीय चिंताओं' को अपने तनाव या चिंता का सबसे बड़ा स्रोत बताया है। यह आंकड़ा बताता है कि व्यापक आर्थिक स्थिरता के बावजूद व्यक्तिगत स्तर पर वित्तीय सुरक्षा युवाओं के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।
दक्षिण एशिया में उद्यमशीलता की लहर?
रिपोर्ट में एक दिलचस्प क्षेत्रीय रुझान भी सामने आया है। जहां वैश्विक स्तर पर असमानता मुख्य चिंता है, वहीं दक्षिण एशिया और उप-सहारा अफ्रीका जैसे क्षेत्रों में 'उद्यमशीलता' सबसे शक्तिशाली आर्थिक शक्ति के रूप में उभरी है। यह दर्शाता है कि इन क्षेत्रों के युवा नवाचार और आत्म-निर्णय को अवसर के प्रमुख चालक के रूप में देख रहे हैं।
युवाओं के बारे में डब्ल्यूईएफ की रिपोर्ट में क्या कहा गया?
राजनीतिक उदासीनता की धारणाओं को चुनौती देते हुए, सर्वेक्षण में पाया गया कि यह पीढ़ी शासन करने के लिए तैयार है। 36 प्रतिशत युवाओं ने कहा कि वे राजनीतिक पद के लिए चुनाव लड़ने की संभावना रखते हैं। इसके अलावा, युवाओं ने सामुदायिक नेताओं को सकारात्मक बदलाव लाने में सबसे प्रभावी (60 प्रतिशत) माना है, यह स्थानीय और जवाबदेह नेतृत्व की मांग को जाहिर करता है।
युवाओं की नीतिगत प्राथमिकताओं में क्या-क्या?
नीति निर्माण के लिहाज से युवाओं की मांगें बेहद व्यावहारिक हैं। सर्वेक्षण के अनुसार, युवाओं के लिए सशक्तिकरण के सबसे महत्वपूर्ण उपाय निम्नलिखित हैं-
- युवाओं के लिए रोजगार के अवसर: 57.2 प्रतिशत
- सस्ती और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक समान पहुंच: 46.1 प्रतिशत
- किफायती आवास और वित्तीय स्वतंत्रता: 32.2 प्रतिशत
जलवायु परिवर्तन और महंगाई पर रिपोर्ट में क्या?
सर्वेक्षण में व्यक्तिगत और वैश्विक चिंताओं के बीच एक स्पष्ट अंतर देखा गया। वैश्विक स्तर पर, 56 प्रतिशत से अधिक युवाओं ने जलवायु परिवर्तन और पर्यावरणीय गिरावट को दुनिया के लिए सबसे बड़ा खतरा माना है। हालांकि, जब बात व्यक्तिगत जीवन की आती है, तो 51 प्रतिशत ने 'महंगाई और अस्थिरता' को अपनी सबसे बड़ी चिंता बताया, जबकि जलवायु परिवर्तन 41 प्रतिशत के साथ दूसरे स्थान पर रहा।
एआई और रोजगार पर रिपोर्ट में क्या टिप्पणी?
तकनीकी मोर्चे पर, दो-तिहाई उत्तरदाताओं का मानना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से प्रवेश स्तर की नौकरियों के अवसर कम होंगे। इसके बावजूद, लगभग 60 प्रतिशत युवा अपने कौशल को बढ़ाने के लिए नियमित रूप से एआई का उपयोग कर रहे हैं, जो डिजिटल अनुकूलन की उच्च दर को दर्शाता है। इस सर्वेक्षण के नतीजों पर 19-23 जनवरी को स्विट्जरलैंड के दावोस में होने वाली डब्ल्यूईएफ की वार्षिक बैठक में विस्तृत चर्चा होने की संभावना है। यह रिपोर्ट नीति निर्माताओं के लिए एक संकेत है कि अगली पीढ़ी केवल आर्थिक विकास नहीं, बल्कि समावेशी विकास और सक्रिय भागीदारी की मांग कर रही है।