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India-EU Ties: भारत-ईयू FTA अंतिम चरण में, पीयूष गोयल बोले- समझौते से व्यापार और निवेश को मिलेगी नई रफ्तार
Tue, 14 Jul 2026 03:21 AM IST
अमन तिवारी
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
Published by: अमन तिवारी
Updated Tue, 14 Jul 2026 03:21 AM IST
सार
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि भारत-यूरोपियन यूनियन मुक्त व्यापार समझौता अगले कुछ महीनों में लागू हो जाएगा। यह समझौता भारत और स्पेन के बीच व्यापार, निवेश, तकनीक और रक्षा के क्षेत्रों में आर्थिक सहयोग के नए युग की शुरुआत करेगा।
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पीयूष गोयल, केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री
- फोटो : ANI
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विस्तार
केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को स्पेन के मैड्रिड में भारत-स्पेन बिजनेस फोरम को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भारत और यूरोपियन यूनियन (EU) के बीच मुक्त व्यापार समझौता (FTA) अगले कुछ महीनों में लागू होने की उम्मीद है। यह समझौता भारत और स्पेन के बीच आर्थिक सहयोग के एक नए युग की शुरुआत करेगा। उन्होंने दोनों देशों की साझेदारी को एक ऐसी सफलता की कहानी बताया जो लिखे जाने का इंतजार कर रही है।
समझौते की समय-सीमा और कानूनी प्रक्रिया
पीयूष गोयल ने बताया कि इस साल जनवरी में भारत-ईयू एफटीए को अंतिम रूप दिया गया था। अब इसके कानूनी दस्तावेजों की जांच (लीगल स्क्रबिंग) आखिरी चरण में है, जो अगले एक या दो हफ्तों में पूरी हो जाएगी। यह समझौता भारत-यूके एफटीए के लागू होने के कुछ महीनों बाद चालू हो जाएगा। भारत-यूके एफटीए परसों से लागू होने जा रहा है। उम्मीद है कि साल 2026 की पहली तिमाही में यह समझौता पूरी तरह लागू हो जाएगा, जो यूरोपियन यूनियन में सबसे तेजी से स्वीकृत होने वाला समझौता होगा।
राजनीतिक सहमति और वैश्विक प्रभाव
वाणिज्य मंत्री ने इस समझौते के राजनीतिक महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यूरोपियन यूनियन के सभी 27 सदस्य देशों ने बिना किसी विरोध के इसका समर्थन किया है। इसी तरह भारत में भी इस समझौते को लेकर कोई असंतोष नहीं है। यह समझौता दुनिया के दो सबसे बड़े आर्थिक ब्लॉकों को एक साथ लाएगा, जो वैश्विक व्यापार और वैश्विक अर्थव्यवस्था का लगभग 30 प्रतिशत हिस्सा हैं। इससे व्यापार, निवेश, संस्कृति, शिक्षा, पर्यटन, तकनीक, अंतरिक्ष और रक्षा जैसे क्षेत्रों में बड़े अवसर पैदा होंगे।
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ये भी पढ़ें: ईरान की नाकेबंदी का एलान: US की सेना ने की पुष्टि, होर्मुज में शुल्क वसूलने को लेकर अराघची ने ट्रंप पर कसा तंज
भारत और स्पेन के मजबूत संबंध
पीयूष गोयल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान का जिक्र करते हुए कहा कि भारत और स्पेन की साझेदारी एक बहुआयामी और जीवंत प्रिज्म की तरह है। दोनों देश जीवंत लोकतंत्र हैं और प्राचीन काल से इनके सांस्कृतिक संबंध रहे हैं। दोनों देश नियमों पर आधारित वैश्विक व्यापार व्यवस्था का समर्थन करते हैं। गोयल ने कहा कि स्पेन एक ऐसा देश है जिसके साथ लंबे समय से भारत का कोई व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल नहीं गया था। लेकिन इस बार केवल आठ से दस दिन की बहुत कम तैयारी के बावजूद भारत से एक उच्च स्तरीय व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल स्पेन आया है, जो दोनों देशों के मजबूत व्यापारिक रिश्तों को दिखाता है।
उद्योग निकायों का आभार
वाणिज्य मंत्री ने इस फोरम में भाग लेने के लिए दोनों देशों के उद्योग निकायों का आभार व्यक्त किया। इनमें सीईओई (CEOE), आईसीईएक्स (ICEX), कैमारा डी कोमर्सियो, भारतीय उद्योग परिसंघ (CII), फिक्की (FICCI), एसोचैम (ASSOCHAM) और दोनों देशों के प्रमुख व्यापारिक नेता शामिल हैं।
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समझौते की समय-सीमा और कानूनी प्रक्रिया
पीयूष गोयल ने बताया कि इस साल जनवरी में भारत-ईयू एफटीए को अंतिम रूप दिया गया था। अब इसके कानूनी दस्तावेजों की जांच (लीगल स्क्रबिंग) आखिरी चरण में है, जो अगले एक या दो हफ्तों में पूरी हो जाएगी। यह समझौता भारत-यूके एफटीए के लागू होने के कुछ महीनों बाद चालू हो जाएगा। भारत-यूके एफटीए परसों से लागू होने जा रहा है। उम्मीद है कि साल 2026 की पहली तिमाही में यह समझौता पूरी तरह लागू हो जाएगा, जो यूरोपियन यूनियन में सबसे तेजी से स्वीकृत होने वाला समझौता होगा।
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राजनीतिक सहमति और वैश्विक प्रभाव
वाणिज्य मंत्री ने इस समझौते के राजनीतिक महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यूरोपियन यूनियन के सभी 27 सदस्य देशों ने बिना किसी विरोध के इसका समर्थन किया है। इसी तरह भारत में भी इस समझौते को लेकर कोई असंतोष नहीं है। यह समझौता दुनिया के दो सबसे बड़े आर्थिक ब्लॉकों को एक साथ लाएगा, जो वैश्विक व्यापार और वैश्विक अर्थव्यवस्था का लगभग 30 प्रतिशत हिस्सा हैं। इससे व्यापार, निवेश, संस्कृति, शिक्षा, पर्यटन, तकनीक, अंतरिक्ष और रक्षा जैसे क्षेत्रों में बड़े अवसर पैदा होंगे।
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भारत और स्पेन के मजबूत संबंध
पीयूष गोयल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान का जिक्र करते हुए कहा कि भारत और स्पेन की साझेदारी एक बहुआयामी और जीवंत प्रिज्म की तरह है। दोनों देश जीवंत लोकतंत्र हैं और प्राचीन काल से इनके सांस्कृतिक संबंध रहे हैं। दोनों देश नियमों पर आधारित वैश्विक व्यापार व्यवस्था का समर्थन करते हैं। गोयल ने कहा कि स्पेन एक ऐसा देश है जिसके साथ लंबे समय से भारत का कोई व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल नहीं गया था। लेकिन इस बार केवल आठ से दस दिन की बहुत कम तैयारी के बावजूद भारत से एक उच्च स्तरीय व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल स्पेन आया है, जो दोनों देशों के मजबूत व्यापारिक रिश्तों को दिखाता है।
उद्योग निकायों का आभार
वाणिज्य मंत्री ने इस फोरम में भाग लेने के लिए दोनों देशों के उद्योग निकायों का आभार व्यक्त किया। इनमें सीईओई (CEOE), आईसीईएक्स (ICEX), कैमारा डी कोमर्सियो, भारतीय उद्योग परिसंघ (CII), फिक्की (FICCI), एसोचैम (ASSOCHAM) और दोनों देशों के प्रमुख व्यापारिक नेता शामिल हैं।