भारत में पटरियों पर कब से दौड़ेगी बुलेट ट्रेन?: रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने किया समय का एलान, जानिए सबकुछ
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को घोषणा की कि भारत की बुलेट ट्रेन का परीक्षण मई-जून 2027 से शुरू होगा, और 2027 के अंत तक वाणिज्यिक संचालन शुरू हो जाएगा। उन्होंने भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण और विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति पर भी प्रकाश डाला।
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केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को बुलेट ट्रेन से जुड़ी एक महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने बताया कि भारत की अपनी बुलेट ट्रेन का परीक्षण अगले साल मई या जून 2027 से शुरू हो जाएगा। परीक्षण चरण के बाद दो से चार महीने के भीतर इसका उद्घाटन भी किया जाएगा। वाणिज्यिक संचालन 2027 के अंत तक शुरू होने की उम्मीद है।
वैष्णव वडोदरा में आयोजित 'नमो फॉर विकसित भारत' कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने जानकारी दी कि बुलेट ट्रेन का पहला बॉडी फ्रेम हाल ही में पूरा हुआ है। इसे अब निचोड़ परीक्षण के लिए भेजा गया है। मंत्री ने बताया कि बुलेट ट्रेन से वडोदरा से मुंबई तक का सफर केवल डेढ़ घंटे में पूरा किया जा सकेगा। उन्होंने यह भी कहा कि सूरत-वापी खंड पर निर्माण कार्य इस साल दिसंबर 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है। यह पूरी परियोजना आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण के अनुरूप विकसित की जा रही है।
भारतीय रेलवे में क्या बड़े बदलाव हो रहे हैं?
रेल मंत्री ने भारतीय रेलवे में चल रहे व्यापक बदलावों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार अपनी परिचालन और आरक्षण प्रणालियों को आधुनिक बना रही है। साथ ही पुरानी निर्माण प्रथाओं में भी सुधार किया जा रहा है। वैष्णव ने बताया कि रेलवे हर प्रक्रिया को सुधारकर आधुनिक बना रहा है। इसमें माल ढुलाई कार्यों के आधुनिकीकरण पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। इसके तहत नए वैगन डिजाइन तैयार किए गए हैं, जिसमें नमक परिवहन के लिए एक विशेष डिजाइन भी शामिल है।
कौन सी लंबित परियोजनाएं पूरी हुई हैं?
मंत्री ने बताया कि कई लंबे समय से लंबित रेलवे परियोजनाएं सफलतापूर्वक पूरी हो चुकी हैं। इनमें चेनाब ब्रिज और मिजोरम को रेलवे नेटवर्क से जोड़ने वाली परियोजना प्रमुख हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि देशभर में 280 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास किया गया है। इसके अलावा, 36,000 किलोमीटर नई पटरियां बिछाई गई हैं। वैष्णव ने कहा कि वंदे भारत तकनीक वाली मालगाड़ियां भी तेजी से पूरी की जा रही हैं।
कोविड-19 संकट के बावजूद बुलेट ट्रेन परियोजना को कैसे मिली रफ्तार?
वैष्णव ने बताया कि कोविड-19 महामारी से जुड़ी चुनौतियों के बावजूद रेलवे विकास की गति बढ़ी है। परियोजना का पहला खंड 2020 में पूरा किया गया था। इसके बाद के खंडों पर काम में उल्लेखनीय तेजी आई। उन्होंने कहा कि भारतीय रेलवे का उभरता हुआ आधुनिक चेहरा भविष्य की कई पीढ़ियों को लाभ पहुंचाएगा। यह देश के परिवहन ढांचे के लिए एक महत्वपूर्ण प्रगति है।