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क्लोजिंग ऑक्शन सिस्टम: एमएससीआई रीबैलेंसिंग से आज पहली बड़ी अग्निपरीक्षा, क्या सेंसेक्स-निफ्टी में मचेगी हलचल?

Mon, 31 Aug 2026 02:31 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Mon, 31 Aug 2026 02:31 PM IST
सार

भारतीय शेयर बाजार के नए क्लोजिंग ऑक्शन सिस्टम (सीएएस) की आज एमएससीआई रीबैलेंसिंग के साथ पहली बड़ी परीक्षा होने जा रही है। जानिए रिलायंस, अदाणी समेत किन शेयरों में आ सकता है बड़ा उतार-चढ़ाव और विशेषज्ञों का इस पर क्या है विश्लेषण। पूरी स्टोरी पढ़ें।

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India's New Stock Closing Auction Faces First Major Test in Monday's MSCI Rebalancing Rejig
क्लोजिंग ऑक्शन सिस्टम - फोटो : amarujala.com

विस्तार

भारतीय शेयर बाजार के लिए आज (सोमवार) का दिन परीक्षा का है। हाल ही में शुरू हुए स्टॉक क्लोजिंग ऑक्शन सिस्टम (सीएएस) का सामना आज अपनी पहली बड़ी चुनौती से होगा। जानकारों के अनुसार वैश्विक सूचकांक एमएससीआई की रीबैलेंसिंग के चलते आज कारोबार के अंतिम मिनटों में बाजार में तेज उतार-चढ़ाव आ सकता है। यह रीबैलेंसिंग 1 सितंबर से प्रभावी होने जा रही है, जिसके लिए सूचकांक को ट्रैक करने वाले पैसिव फंड्स एक दिन पहले यानी सोमवार को ही अपने पोर्टफोलियो एडजस्ट कर लेंगे। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि नए क्लोजिंग ऑक्शन सत्र में सीमित वॉल्यूम होने के कारण ऐसे लेनदेन होने से चुनिंदा शेयरों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

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यह नया क्लोजिंग ऑक्शन सिस्टम (सीएएस) क्या है और यह पुराने से कितना अलग है?

3 अगस्त को पेश किया गया क्लोजिंग ऑक्शन सिस्टम (सीएएस) करीब 20 मिनट का एक विशेष ट्रेडिंग सत्र होता है। इस सत्र के दौरान खरीदारों और विक्रेताओं के ऑर्डर्स को सीधे मैच करके किसी शेयर की आधिकारिक अंतिम क्लोजिंग कीमत निर्धारित की जाती है। यह नया सिस्टम उस पुरानी व्यवस्था की जगह लाया गया है, जिसमें बंद होने की कीमतें आखिरी 30 मिनट के कारोबार के औसत मूल्य पर आधारित होती थीं। चीन, ताइवान, हांगकांग और दक्षिण कोरिया जैसे प्रमुख एशियाई बाजारों में भी इसी तरह की क्लोजिंग ऑक्शन व्यवस्था का उपयोग किया जाता है।

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एमएससीआई रीबैलेंसिंग आज नए सिस्टम को कैसे प्रभावित करेगी?

केजरीवाल रिसर्च एंड इन्वेस्टमेंट सर्विसेज के संस्थापक अरुण केजरीवाल ने इसे नए क्लोजिंग ऑक्शन सिस्टम के लिए पहला वास्तविक लिटमस टेस्ट बताया है। उनका कहना है कि आज व्यक्तिगत शेयरों की कीमतों में कुछ समय के लिए 'अराजकता' या अत्यधिक अस्थिरता की स्थिति बन सकती है। चूंकि इस नए ऑक्शन सत्र में दैनिक वॉल्यूम अभी भी सीमित है, इसलिए पैसिव फंड्स के अचानक आने वाले बड़े केंद्रित प्रवाह से व्यक्तिगत शेयरों की कीमतों पर सीधा असर पड़ सकता है।

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इस रीबैलेंसिंग से किन कंपनियों के शेयरों पर सबसे ज्यादा असर पड़ेगा?

इस आगामी एमएससीआई रीबैलेंसिंग के तहत भारतीय बाजार के पोर्टफोलियो में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे:

  • शामिल होने वाले शेयर: लॉरस लैब्स, लेंसकार्ट, अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस और ग्रो को इस सूचकांक में जोड़ा जा रहा है।
  • बाहर होने वाले शेयर: ये कंपनियां बालकृष्ण इंडस्ट्रीज, एसबीआई कार्ड्स और एस्ट्रल की जगह लेंगी।
  • वेटेज में बदलाव: इसके अतिरिक्त, सूचकांक में दिग्गज रिलायंस इंडस्ट्रीज का वेटेज घटाया जाएगा, जबकि अदाणी एंटरप्राइजेज ( का वेटेज बढ़ाया जाएगा।

क्या पिछले दिनों की बड़ी गिरावट आज फिर देखने को मिल सकती है?

इक्विरस सिक्योरिटीज के ट्रेडिंग प्रमुख तेजस शाह के मुताबिक, एमएससीआई बास्केट में प्रवेश करने वाले नए शेयर बड़े इंडेक्स घटक नहीं हैं, इसलिए बेंचमार्क सूचकांकों के स्तर पर अधिक अस्थिरता की संभावना कम है। हालांकि, संबंधित शेयरों की लिक्विडिटी और पैसिव फ्लो के आकार के आधार पर व्यक्तिगत शेयरों में भारी उतार-चढ़ाव आ सकता है।

पिछले गुरुवार को वायदा एक्सपायरी के दिन ऑक्शन के दौरान सेंसेक्स का इंडिकेटिव क्लोज एक समय 3.3% की बड़ी गिरावट दिखा रहा था, लेकिन बाद में संभलकर यह 0.7% नीचे बंद हुआ था। बीसीबी ब्रोकरेज के प्रबंध निदेशक उत्तम बागरी का मानना है कि चूंकि आज कोई वायदा एक्सपायरी नहीं है, इसलिए क्लोजिंग ऑक्शन के कारण कुछ अस्थिरता आने के बावजूद बाजार पर इसका व्यापक असर सीमित ही रहने की उम्मीद है।

बाजार और निवेशकों के लिए इस अग्निपरीक्षा के क्या मायने हैं?

यह पहला अवसर है जब नए क्लोजिंग सिस्टम पर वैश्विक पैसिव फ्लो का सीधा दबाव पड़ेगा। यदि बाजार बिना किसी तकनीकी रुकावट या बड़ी गड़बड़ी के इस सत्र को पार कर लेता है, तो नए मैकेनिज्म की विश्वसनीयता स्थापित होगी। निवेशकों के लिए सलाह है कि वे आज बाजार बंद होने के आखिरी आधे घंटे में चुनिंदा शेयरों में होने वाली हलचल पर पैनी नजर रखें।

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