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Roti-Rice Report: टमाटर और एलपीजी की बढ़ती कीमतें, क्या रसोई का बजट बिगाड़ रही हैं? रिपोर्ट में ये दावा
Wed, 08 Jul 2026 05:03 PM IST
कुमार विवेक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Wed, 08 Jul 2026 05:03 PM IST
सार
क्रिसिल की रिपोर्ट के अनुसार, टमाटर, एलपीजी और वनस्पति तेल की बढ़ती कीमतों के कारण घरेलू भोजन का खर्च बढ़ रहा है। जानें क्यों बढ़ रही हैं कीमतें और इसका आपके बजट पर क्या असर होगा।
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रोटी-राइस रिपोर्ट
- फोटो : amarujala.com
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विस्तार
क्रिसिल इंटेलिजेंस की 'रोटी राइस रेट' रिपोर्ट के अनुसार, टमाटर, वनस्पति तेल और रसोई गैस की ऊंची कीमतों के कारण घरेलू भोजन का खर्च निकट भविष्य में दबाव में रहेगा। आलू की कीमतों में कमी से मिली राहत को ये बढ़ती कीमतें बेअसर कर रही हैं। जून में घर पर शाकाहारी थाली बनाने की लागत में सालाना आधार पर 5 फीसदी की वृद्धि हुई। वहीं, मांसासाहारी थाली की लागत में सालाना आधार पर 6 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
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टमाटर और एलपीजी की कीमतें क्यों बढ़ रही हैं?
क्रिसिल के अनुसार, फरवरी और मार्च में अधिक तापमान के कारण गर्मी की फसल की बुवाई में देरी हुई। इससे टमाटर की कीमतों में सालाना आधार पर 31 फीसदी की वृद्धि हुई। पश्चिम एशिया में संघर्ष से आपूर्ति बाधित होने के कारण वनस्पति तेल और एलपीजी की कीमतों में भी सालाना आधार पर 10 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। प्याज की कीमतें भी बढ़ीं क्योंकि अधिक कीमत वाले रबी के भंडार बाजार में आए। हालांकि, नई रबी फसल के आने से आलू की कीमतों में 14 फीसदी की गिरावट आई, जिससे भोजन की लागत में वृद्धि कुछ हद तक कम हुई।
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मांसाहारी भोजन की लागत क्यों बढ़ी?
मांसाहारी भोजन के लिए, ब्रॉयलर की आपूर्ति कम होने के कारण ब्रॉयलर की ऊंची कीमतों ने भी घरेलू खर्चों को बढ़ाया। यह कुल लागत का लगभग 50 फीसदी था। अत्यधिक गर्मी से मुर्गी पालन की आपूर्ति प्रभावित हुई, जिससे पक्षियों की मृत्यु दर बढ़ी, वजन कम हुआ और नए चूजों को पालना कठिन हो गया। इस कारण चिकन की कीमतों में सालाना आधार पर सात फीसदी की वृद्धि का अनुमान है।
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