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TRAI: ट्रूकॉलर जैसे एप्स के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी, ट्राई ने सरकार से मांगी मंजूरी, बताई ये वजह
Thu, 09 Jul 2026 10:37 PM IST
राहुल कुमार
पीटीआई, नई दिल्ली।
पीटीआई, नई दिल्ली।
Published by: राहुल कुमार
Updated Thu, 09 Jul 2026 10:37 PM IST
सार
भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने ट्रूकॉलर जैसे कॉल प्रबंधन एप के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय से मंजूरी मांगी है। ट्राई पहले ही स्पैम और फर्जी कॉल पर सख्ती के लिए नए नियमों का मसौदा जारी कर चुका है।
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कॉलर एप्स पर एक्शन की तैयारी में ट्राई।
- फोटो : एआई से निर्मित तस्वीर।
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विस्तार
भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय से ट्रूकॉलर जैसे कॉल प्रबंधन एप के खिलाफ कार्रवाई के लिए मंजूरी मांगी है। सूत्रों ने गुरुवार को बताया कि ट्राई ने परेशान करने वाली और धोखाधड़ी वाली कॉल पर लगाम लगाने के लिए एक मसौदा नियमन जारी किया है। इसमें कॉल प्रबंधन एप को विनियमित करने का प्रावधान भी शामिल है। ट्रूकॉलर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ऋषित झुनझुनवाला ने ट्राई के इस कदम का विरोध किया है।
एक सूत्र ने बताया कि स्पैम और धोखाधड़ी वाली कॉल के खिलाफ सख्त कदम उठाने के लिए ट्राई ने कॉल प्रबंधन एप के कामकाज को विनियमित करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय से मंजूरी मांगी है। दूरसंचार विभाग के साथ भी बातचीत हुई है। इस मंजूरी से एप और सेवा प्रदाता को अनचाही कॉल्स के मामले में अधिक जवाबदेह बनाने में मदद मिलेगी। ट्राई ने ड्राफ्ट टेलीकॉम कमर्शियल कम्युनिकेशन प्रेफरेंस (तीसरा संशोधन) रेगुलेशंस, 2026 में कॉल प्रबंधन एप के लिए प्रावधान शामिल किए हैं।
प्रस्तावित नियम के अनुसार, परेशान करने वाली कॉल और एसएमएस की पहचान करने वाले किसी भी कॉल प्रबंधन एप या वैसी ही सर्विस को असली बातचीत के लिए आने वाली कॉल को टैग, ब्लॉक, फिल्टर या किसी तरह से प्रोसेस नहीं करना चाहिए और न ही कमर्शियल बातचीत के लिए तय नंबर सीरीज से आने वाली इनकमिंग कॉल को रोकना चाहिए। मसौदा नियमन में ट्राई ने 140 (टेलीमार्केटिंग कॉल के लिए) या 1600 (बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विस और इंश्योरेंस कंपनियों द्वारा सर्विस या लेनदेन से जुड़ी कॉल के लिए) से शुरू होने वाली नंबर सीरीज से आने वाली कॉल को टैग या ब्लॉक करने का प्रस्ताव दिया है।
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ट्राई का अनुरोध बेमतलब: ट्रूकॉलर
ऋषित झुनझुनवाला ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि कागज पर खास सीरीज जारी करने का इरादा अच्छा लग सकता है, लेकिन 140 और 1600 नंबर सीरीज के जरिए स्पैम कॉल में भारी बढ़ोतरी हुई है। ट्रूकॉलर ने असल में 17 वर्षों से हर दिन करोड़ों भारतीयों की मदद की है और अब वे लोगों तक पहुंचने वाली भरोसेमंद जानकारी को सेंसर या दबाना चाहते हैं? उन्होंने कहा कि 140/1600 नंबर सीरीज से आने वाली स्पैम कॉल्स की संख्या बहुत तेजी से बढ़ गई है। हर दिन इन दोनों सीरीज से आने वाली 5.1 करोड़ से अधिक कॉल्स का कोई जवाब नहीं दिया जाता है।
उन्होंने कहा कि ट्राई का सरकार से मंजूरी मांगने का अनुरोध बिल्कुल बेमतलब है। हम ऐसे अच्छे लोग हैं जो हर दिन करोड़ों भारतीयों (जिनमें बुजुर्ग भी शामिल हैं) को भरोसेमंद बातचीत का अनुभव पाने में मदद कर रहे हैं। इसके बजाय, वे बुरे लोगों को बढ़ावा देना चाहते हैं और कम्युनिटी की जानकारी को सेंसर करके उन्हें हमें स्पैम और स्कैम करने का खुला मौका देना चाहते हैं। हमें यह मंजूर नहीं है। सजा बुरे लोगों को मिलनी चाहिए, न कि ट्रूकॉलर जैसे उन लोगों को जो समाज पर बहुत अच्छा असर डालते हैं।
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एक सूत्र ने बताया कि स्पैम और धोखाधड़ी वाली कॉल के खिलाफ सख्त कदम उठाने के लिए ट्राई ने कॉल प्रबंधन एप के कामकाज को विनियमित करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय से मंजूरी मांगी है। दूरसंचार विभाग के साथ भी बातचीत हुई है। इस मंजूरी से एप और सेवा प्रदाता को अनचाही कॉल्स के मामले में अधिक जवाबदेह बनाने में मदद मिलेगी। ट्राई ने ड्राफ्ट टेलीकॉम कमर्शियल कम्युनिकेशन प्रेफरेंस (तीसरा संशोधन) रेगुलेशंस, 2026 में कॉल प्रबंधन एप के लिए प्रावधान शामिल किए हैं।
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प्रस्तावित नियम के अनुसार, परेशान करने वाली कॉल और एसएमएस की पहचान करने वाले किसी भी कॉल प्रबंधन एप या वैसी ही सर्विस को असली बातचीत के लिए आने वाली कॉल को टैग, ब्लॉक, फिल्टर या किसी तरह से प्रोसेस नहीं करना चाहिए और न ही कमर्शियल बातचीत के लिए तय नंबर सीरीज से आने वाली इनकमिंग कॉल को रोकना चाहिए। मसौदा नियमन में ट्राई ने 140 (टेलीमार्केटिंग कॉल के लिए) या 1600 (बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विस और इंश्योरेंस कंपनियों द्वारा सर्विस या लेनदेन से जुड़ी कॉल के लिए) से शुरू होने वाली नंबर सीरीज से आने वाली कॉल को टैग या ब्लॉक करने का प्रस्ताव दिया है।
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ट्राई का अनुरोध बेमतलब: ट्रूकॉलर
ऋषित झुनझुनवाला ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि कागज पर खास सीरीज जारी करने का इरादा अच्छा लग सकता है, लेकिन 140 और 1600 नंबर सीरीज के जरिए स्पैम कॉल में भारी बढ़ोतरी हुई है। ट्रूकॉलर ने असल में 17 वर्षों से हर दिन करोड़ों भारतीयों की मदद की है और अब वे लोगों तक पहुंचने वाली भरोसेमंद जानकारी को सेंसर या दबाना चाहते हैं? उन्होंने कहा कि 140/1600 नंबर सीरीज से आने वाली स्पैम कॉल्स की संख्या बहुत तेजी से बढ़ गई है। हर दिन इन दोनों सीरीज से आने वाली 5.1 करोड़ से अधिक कॉल्स का कोई जवाब नहीं दिया जाता है।
उन्होंने कहा कि ट्राई का सरकार से मंजूरी मांगने का अनुरोध बिल्कुल बेमतलब है। हम ऐसे अच्छे लोग हैं जो हर दिन करोड़ों भारतीयों (जिनमें बुजुर्ग भी शामिल हैं) को भरोसेमंद बातचीत का अनुभव पाने में मदद कर रहे हैं। इसके बजाय, वे बुरे लोगों को बढ़ावा देना चाहते हैं और कम्युनिटी की जानकारी को सेंसर करके उन्हें हमें स्पैम और स्कैम करने का खुला मौका देना चाहते हैं। हमें यह मंजूर नहीं है। सजा बुरे लोगों को मिलनी चाहिए, न कि ट्रूकॉलर जैसे उन लोगों को जो समाज पर बहुत अच्छा असर डालते हैं।