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एक्सप्लेनर: वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से माल ढुलाई को रफ्तार, एनसीआर से बंदरगाहों तक कैसे पहुंचेगा माल?

Wed, 09 Sep 2026 06:14 AM IST
निर्मल कांत बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: निर्मल कांत Updated Wed, 09 Sep 2026 06:14 AM IST
सार

वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के चार सेक्शन शुरू होने से मालगाड़ियों की संख्या बढ़ेगी और माल ढुलाई तेज होगी। एनसीआर से बंदरगाहों तक सामान पहुंचाने में समय और खर्च दोनों कम हो सकते हैं। पांच राज्यों के कारोबार को इससे कितना बड़ा फायदा मिलेगा? पढ़िए रिपोर्ट

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बंदरगाहों तक माल पहुंचाना होगा आसान (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक/एएनआई

विस्तार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गुजरात में वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डब्ल्यूडीएफसी) के चार सेक्शन का उद्घाटन करने के बाद इस रूट पर मालगाड़ियों की संख्या बढ़ जाएगी, जिससे यूपी-हरियाणा समेत पांच राज्यों में माल ढुलाई आसान हो जाएगी। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि इससे लाजिस्टिक की दरें भी कम हो जाएंगी। 
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पांच राज्यों के प्रमुख शहरों को फायदा
पश्चिमी कॉरिडोर की कुल लंबाई 1,506 किमी है। यह महाराष्ट्र के जवाहर लाल नेहरू पोर्ट (जेएनपीटी) को उत्तर प्रदेश के न्यू दादरी से जोड़ता है। यह यूपी, हरियाणा, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र से होकर गुजरता है। न्यू दादरी से शुरू होकर यह कॉरिडोर फरीदाबाद, पृथला, रेवाड़ी, अटेली, फुलेरा, किशनगढ़, मारवाड़, पालनपुर क्षेत्र, मेहसाणा, साणंद, मकरपुरा (वडोदरा), भरूच, सूरत, वलसाड, पालघर, वैतरणा और खरबाव होते हुए जेएनपीटी तक जाता है। इस तरह पांच राज्यों के तमाम शहरों में लाजिस्टिक आसान हो जाएगा।
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यूपी, हरियाणा समेत कई राज्यों को मिलेगी राहत: डब्ल्यूडीएफसी के पूरी तरह चालू होने का सबसे बड़ा फायदा उत्तर भारत के औद्योगिक और कारोबारी क्षेत्रों को पश्चिमी तट के बंदरगाहों तक तेज माल परिवहन के रूप में मिलेगा। न्यू दादरी, फरीदाबाद, रेवाड़ी और पृथला जैसे क्षेत्रों से निकलने वाला माल गुजरात और महाराष्ट्र के औद्योगिक केंद्रों तथा जेएनपीटी जैसे बड़े बंदरगाहों तक तेजी से पहुंच सकेगा।
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वर्तमान में वेस्टर्न कॉरिडोर में 159 मालगाड़ियां चलती हैं। चार और सेक्शन शुरू होने के बाद इनकी संख्या 221 और बढ़ जाएंगी। इस तरह यह संख्या 380 पहुंच जाएगी। पूर्वी और पश्चिमी कॉरिडोर  में कुल 427 गाड़ियां प्रतिदिन चलती हैं। 

2,843 किमी का है डीएफसी का नेटवर्क
  • ईस्टर्न डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (ईडीएफसी) की लंबाई 1,337 किमी और डब्ल्यूडीएफसी की लंबाई 1,506 किमी है। दोनों को मिलाकर डीएफसी का पूरा नेटवर्क 2,843 किमी का है। मौजूदा संचालन में बड़ा हिस्सा डब्ल्यूडीएफसी में चल रहा है।
  • इसका उदेश्य मालगाड़ियों के लिए अलग ट्रैक उपलब्ध कराकर तेज और निर्बाध माल ढुलाई सुनिश्चित करना। इससे मौजूदा रेलवे नेटवर्क पर यात्री ट्रेनों का दबाव भी कम होता है।
  • कॉरिडोर को अधिक वजन और लंबी मालगाड़ियों के संचालन को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है। इससे लॉजिस्टिक्स लागत और ट्रांजिट टाइम घटाने में मदद मिलती है।
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