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कोरबा में चले लाठी और तीर: 650 से अधिक मवेशियों को लेकर क्यों हुई जंग? तीन लोग घायल
Wed, 16 Sep 2026 02:30 PM IST
कोरबा ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोरबा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोरबा
Published by: कोरबा ब्यूरो
Updated Wed, 16 Sep 2026 02:30 PM IST
सार
कटघोरा वनमंडल के साल्हिभाठा में फसल चराने को लेकर ग्रामीणों और बाहरी चरवाहों के बीच विवाद हिंसक हो गया। लाठी से हमले में दो ग्रामीण घायल हुए, जबकि जवाब में एक ग्रामीण द्वारा चलाया गया तीर एक चरवाहे को लग गया।
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फसल चराने को लेकर ग्रामीणों और बाहरी चरवाहों के बीच विवाद हिंसक हो गया
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
कोरबा के कटघोरा वनमंडल के जटगा रेंज अंतर्गत ग्राम साल्हिभाठा के तेंदूपारा में खेत में भेड़ और घोड़ा चराने की बात पर ग्रामीण और बाहरी चरवाहों के बीच खूनी संघर्ष हो गया। चरवाहों ने खेत मालिक सहित दो ग्रामीणों पर लाठी से ताबड़तोड़ हमला कर दिया, जिसमें एक ग्रामीण की कमर और दूसरे का हाथ फ्रैक्चर हो गया। वहीं, जवाब में एक घायल ग्रामीण ने अपने धनुष से तीर चला दिया, जो भाग रहे एक चरवाहे के कमर के नीचे जा घुसा। इस घटना में तीन लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घटना के बाद वन विभाग की नींद टूटी और अवैध चराई का प्रकरण दर्ज किया गया।
चरवाहे पर तीर से किया हमला
बताया जा रहा है कि सप्ताह भर पहले कवर्धा, बिलासपुर, बेमेतरा और मुंगेली जिले से आधा दर्जन चरवाहे क्षेत्र में पहुंचे थे। उनके पास 650 से अधिक भेड़, बकरी और घोड़े हैं। ये लोग दो दिन जंगल में रहने के बाद गांव के बाहर तंबू लगाकर डेरा डाले हुए हैं। बीते कुछ दिनों से इनके मवेशी ग्रामीणों की फसल को नुकसान पहुंचा रहे थे, जिसे लेकर ग्रामीणों में आक्रोश था। मंगलवार सुबह गांव के गंगादीन मरकाम (52 वर्ष) ने अपने खेत में घुसे मवेशियों पर एतराज जताया तो मामूली बहस हुई। बाद में सुबह करीब 9 बजे गंगादीन अपने साथी अर्जुन उड़के के साथ खेत की ओर जा रहा था, तभी फिर चरवाहों से सामना हो गया। विवाद बढ़ा और चरवाहों ने लाठियों से हमला कर दिया। बीच-बचाव करने आए अर्जुन पर भी हमला किया गया। इसी दौरान घायल गंगादीन ने तीर चला दिया, जो ग्राम भानपुर निवासी चरवाहा लीलाधर को जा लगा। घायल चरवाहे को कटघोरा सीएचसी में भर्ती कराया गया है, जबकि दोनों ग्रामीणों का इलाज मेडिकल कॉलेज अस्पताल कोरबा में चल रहा है।
ये भी पढ़ें- सीजी: चलती मालगाड़ी के इंजन पर पत्थर फेंकना पड़ा भारी, लोको पायलट घायल; आरपीएफ ने आरोपी को किया गिरफ्तार
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वन विभाग ने भेड़ चराने पर लगा रखा है प्रतिबंध
जंगल में भेड़ चराने पर वन विभाग ने पूरी तरह प्रतिबंध लगा रखा है, क्योंकि भेड़ पौधों को जड़ से नष्ट कर देती है। इसके बावजूद वन अमला इसे नजरअंदाज कर रहा था। घटना के बाद वन परिक्षेत्राधिकारी नरेंद्र डोंडे के निर्देश पर अवैध चराई का मामला दर्ज कर नोटिस जारी किया गया है। वहीं, मामले में लेनदेन की बात भी सामने आई है। बताया जा रहा है कि चरवाहों ने जंगल में रुकने के लिए कुछ ग्रामीणों को 1500 रुपये दिए थे और फसल नुकसान के एवज में 500 रुपये दिए थे। इसी पैसे को लेकर विवाद भड़का। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर मारपीट और हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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चरवाहे पर तीर से किया हमला
बताया जा रहा है कि सप्ताह भर पहले कवर्धा, बिलासपुर, बेमेतरा और मुंगेली जिले से आधा दर्जन चरवाहे क्षेत्र में पहुंचे थे। उनके पास 650 से अधिक भेड़, बकरी और घोड़े हैं। ये लोग दो दिन जंगल में रहने के बाद गांव के बाहर तंबू लगाकर डेरा डाले हुए हैं। बीते कुछ दिनों से इनके मवेशी ग्रामीणों की फसल को नुकसान पहुंचा रहे थे, जिसे लेकर ग्रामीणों में आक्रोश था। मंगलवार सुबह गांव के गंगादीन मरकाम (52 वर्ष) ने अपने खेत में घुसे मवेशियों पर एतराज जताया तो मामूली बहस हुई। बाद में सुबह करीब 9 बजे गंगादीन अपने साथी अर्जुन उड़के के साथ खेत की ओर जा रहा था, तभी फिर चरवाहों से सामना हो गया। विवाद बढ़ा और चरवाहों ने लाठियों से हमला कर दिया। बीच-बचाव करने आए अर्जुन पर भी हमला किया गया। इसी दौरान घायल गंगादीन ने तीर चला दिया, जो ग्राम भानपुर निवासी चरवाहा लीलाधर को जा लगा। घायल चरवाहे को कटघोरा सीएचसी में भर्ती कराया गया है, जबकि दोनों ग्रामीणों का इलाज मेडिकल कॉलेज अस्पताल कोरबा में चल रहा है।
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वन विभाग ने भेड़ चराने पर लगा रखा है प्रतिबंध
जंगल में भेड़ चराने पर वन विभाग ने पूरी तरह प्रतिबंध लगा रखा है, क्योंकि भेड़ पौधों को जड़ से नष्ट कर देती है। इसके बावजूद वन अमला इसे नजरअंदाज कर रहा था। घटना के बाद वन परिक्षेत्राधिकारी नरेंद्र डोंडे के निर्देश पर अवैध चराई का मामला दर्ज कर नोटिस जारी किया गया है। वहीं, मामले में लेनदेन की बात भी सामने आई है। बताया जा रहा है कि चरवाहों ने जंगल में रुकने के लिए कुछ ग्रामीणों को 1500 रुपये दिए थे और फसल नुकसान के एवज में 500 रुपये दिए थे। इसी पैसे को लेकर विवाद भड़का। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर मारपीट और हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।