{"_id":"6a96901c18ea3e102c0e758b","slug":"raipur-nandanvan-to-be-rejuvenated-with-rs-50-crore-attractive-botanical-garden-to-be-built-on-ppp-model-2026-09-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"रायपुर के नंदनवन को मिलेगा नया रूप: 50 करोड़ से होगा कायाकल्प, पीपीपी मॉडल पर बनेगा आकर्षक बॉटनिकल गार्डन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रायपुर के नंदनवन को मिलेगा नया रूप: 50 करोड़ से होगा कायाकल्प, पीपीपी मॉडल पर बनेगा आकर्षक बॉटनिकल गार्डन
Tue, 01 Sep 2026 02:13 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Tue, 01 Sep 2026 02:13 PM IST
सार
रायपुर के अटारी गांव स्थित नंदनवन अब जल्द ही नए और आधुनिक अंदाज में नजर आएगा। लंबे समय से शहरवासियों और पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रहे नंदनवन के कायाकल्प की तैयारी शुरू हो गई है। इसके पुनर्विकास पर करीब 50 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का प्रस्ताव है।
विज्ञापन
मुख्य सचिव ने ली समीक्षा बैठक
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
राजधानी रायपुर के अटारी गांव स्थित नंदनवन अब जल्द ही नए और आधुनिक अंदाज में नजर आएगा। लंबे समय से शहरवासियों और पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रहे नंदनवन के कायाकल्प की तैयारी शुरू हो गई है। इसके पुनर्विकास पर करीब 50 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का प्रस्ताव है। खास बात यह है कि पूरी परियोजना को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल पर विकसित किया जाएगा।
मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अधिकारियों ने मुख्य सचिव विकासशील के सामने नंदनवन पुनर्विकास की प्रस्तावित योजना का प्रस्तुतिकरण किया। बैठक में परियोजना के विभिन्न पहलुओं और नंदनवन को पर्यटकों के लिए ज्यादा आकर्षक बनाने की संभावनाओं पर चर्चा हुई।
प्रस्तावित परियोजना में नंदनवन के बॉटनिकल गार्डन को नए सिरे से विकसित करने पर विशेष जोर दिया जाएगा। पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ यहां आने वाले लोगों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। सरकार की मंशा नंदनवन को ऐसा पर्यटन स्थल बनाने की है, जहां लोगों को प्राकृतिक वातावरण के बीच मनोरंजन और बेहतर अनुभव मिल सके। इसके लिए मौजूदा सुविधाओं को मजबूत करने के साथ जरूरत के अनुसार नई जन-सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।
विज्ञापन
बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पुनर्विकास की योजना तैयार करते समय पर्यटकों की सुविधा और आकर्षण को प्राथमिकता दी जाए। नंदनवन में बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के साथ पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया है।
पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के जरिए निजी क्षेत्र की भागीदारी से परियोजना को आधुनिक स्वरूप देने और सुविधाओं के विकास की उम्मीद है। करीब 50 करोड़ रुपये के अनुमानित निवेश से नंदनवन के पूरी तरह बदलने की संभावना है। बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव अंकित आनंद, सीईओ चंदन कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अधिकारियों ने मुख्य सचिव विकासशील के सामने नंदनवन पुनर्विकास की प्रस्तावित योजना का प्रस्तुतिकरण किया। बैठक में परियोजना के विभिन्न पहलुओं और नंदनवन को पर्यटकों के लिए ज्यादा आकर्षक बनाने की संभावनाओं पर चर्चा हुई।
विज्ञापन
प्रस्तावित परियोजना में नंदनवन के बॉटनिकल गार्डन को नए सिरे से विकसित करने पर विशेष जोर दिया जाएगा। पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ यहां आने वाले लोगों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। सरकार की मंशा नंदनवन को ऐसा पर्यटन स्थल बनाने की है, जहां लोगों को प्राकृतिक वातावरण के बीच मनोरंजन और बेहतर अनुभव मिल सके। इसके लिए मौजूदा सुविधाओं को मजबूत करने के साथ जरूरत के अनुसार नई जन-सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।
विज्ञापन
बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पुनर्विकास की योजना तैयार करते समय पर्यटकों की सुविधा और आकर्षण को प्राथमिकता दी जाए। नंदनवन में बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के साथ पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया है।
पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के जरिए निजी क्षेत्र की भागीदारी से परियोजना को आधुनिक स्वरूप देने और सुविधाओं के विकास की उम्मीद है। करीब 50 करोड़ रुपये के अनुमानित निवेश से नंदनवन के पूरी तरह बदलने की संभावना है। बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव अंकित आनंद, सीईओ चंदन कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।