छत्तीसगढ़: सेवारत शिक्षकों के लिए वर्ष में दो बार टीईटी, कंप्यूटर बेस्ड होगी परीक्षा
स्कूल शिक्षा विभाग ने कक्षा पहली से आठवीं तक के सेवारत शिक्षकों के लिए कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट के माध्यम से वर्ष में कम से कम दो बार शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) आयोजित करने के संबंध में निर्देश जारी किए हैं।
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शासन ने यह कदम सुप्रीम कोर्ट द्वारा सिविल अपील संख्या 1385/2025 और पुनर्विचार याचिकाओं में पारित निर्णयों के अनुपालन में उठाया है। निर्धारित प्रावधानों के तहत कक्षा पहली से आठवीं तक पढ़ा रहे ऐसे सेवारत शिक्षकों के लिए टीईटी उत्तीर्ण करना अनिवार्य होगा, जिनकी सेवा अवधि पांच वर्ष या उससे अधिक शेष बची है। परीक्षा में सफलता हासिल करने वाले शिक्षकों को राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद, रायपुर की तरफ से आधिकारिक प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। इस व्यवस्था से प्रदेश के उन सभी शिक्षकों को तैयारी और पात्रता हासिल करने का अवसर मिलेगा, जो अब तक परीक्षा उत्तीर्ण नहीं कर पाए हैं।
नई व्यवस्था के तहत छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल की परीक्षाओं के अलावा निजी तकनीकी सेवा प्रदाता कंपनी के माध्यम से भी परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। यह कंप्यूटर आधारित परीक्षा एक से अधिक पालियों में आयोजित की जा सकती है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि सभी पालियों के प्रश्नपत्रों का कठिनाई स्तर एक समान रखा जाएगा। इससे शिक्षकों को परीक्षा उत्तीर्ण करने के लिए पर्याप्त अवसर मिल सकेंगे।