सीजी: 2 लाख रुपये लेकर थमाया सरकारी नौकरी का फर्जी नियुक्ति पत्र, भाजपा नेता कृष्णा अवस्थी की बढ़ीं मुश्किलें
बलौदाबाजार में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर दो लाख रुपये ठगी का आरोप है। भाजपा नेता कृष्णा अवस्थी पर फर्जी नियुक्ति पत्र देने की शिकायत हुई है। निगम महाप्रबंधक ने पत्र को फर्जी बताया है। आरोपी पहले से न्यायिक हिरासत में है।
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छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर दो लाख रुपये की ठगी और फर्जी नियुक्ति पत्र देने का मामला सामने आया है। छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम में डाटा एंट्री ऑपरेटर के पद पर स्थायी नौकरी दिलाने का झांसा देकर कसडोल निवासी हेमंत साहू से दो लाख रुपये लेने का आरोप है। मामले में भाजपा नेता कृष्णा अवस्थी के खिलाफ धोखाधड़ी की शिकायत पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
दो लाख रुपये लेने का आरोप
पीड़ित हेमंत साहू के मित्र मेघनाथ बंजारे ने बलौदाबाजार के पुलिस अधीक्षक से मामले की लिखित शिकायत की है। शिकायत के मुताबिक, आरोपी ने हेमंत को निगम में स्थायी डाटा एंट्री ऑपरेटर की नौकरी दिलाने का भरोसा दिया था। इसके बदले उससे दो लाख रुपये लिए गए। इसके बाद उसे नियुक्ति पत्र भी दिया गया। कथित नियुक्ति पत्र में 6 जुलाई 2026 को कार्यभार ग्रहण करने की तारीख और 30,700 रुपये मासिक वेतन का उल्लेख किया गया था। दस्तावेज में शैक्षणिक प्रमाणपत्र, जन्मतिथि प्रमाण और फोटो जमा करने के निर्देश भी दिए गए थे।
कसडोल में नहीं मिला निगम का कार्यालय
नियुक्ति पत्र मिलने के बाद जब हेमंत नौकरी ज्वाइन करने की तैयारी करने लगा तो उसे पता चला कि कसडोल में निगम का कोई कार्यालय ही नहीं है। इसके बाद नियुक्ति पत्र की सत्यता पर संदेह हुआ। बताया गया कि यह कथित दस्तावेज रायपुर स्थित 'बीज भवन' के लेटरहेड पर तैयार किया गया था। मामला सामने आने के बाद पीड़ित पक्ष ने पुलिस से कार्रवाई की मांग की। पुलिस अब कथित वित्तीय लेनदेन, बैंक खातों और कॉल डिटेल समेत अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।
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महाप्रबंधक ने भी बताया फर्जी
निगम के महाप्रबंधक विनोद कुमार वर्मा ने नियुक्ति पत्र को पूरी तरह फर्जी और अवैध बताया है। उन्होंने कहा कि कसडोल में विभाग की कोई इकाई संचालित नहीं है और पिछले दो वर्षों से निगम की ओर से कोई भर्ती अभियान भी नहीं चलाया गया है।महाप्रबंधक के मुताबिक, किसी पुराने शासकीय आदेश को स्कैन कर उसके फॉन्ट में बदलाव किया गया और हस्ताक्षर को कॉपी-पेस्ट कर फर्जी दस्तावेज तैयार किया गया। उन्होंने इस संबंध में तेलीबांधा थाने में लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है।
पहले से न्यायिक हिरासत में है आरोपी
भाजपा नेता कृष्णा अवस्थी पहले से ही फर्जी तबादला प्रकरण में न्यायिक हिरासत में हैं। अब सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर दो लाख रुपये लेने और फर्जी नियुक्ति पत्र देने का मामला सामने आने के बाद उनकी मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।