हैप्पी बर्थडे अश्विनः 40 के हुए 'फिरकी के जादूगर', बीसीसीआई ने दी जन्मदिन की बधाई; ऐसा रहा शानदार क्रिकेट सफर
40 साल के हुए रविचंद्रन अश्विन को बीसीसीआई ने जन्मदिन की खास बधाई दी। 765 अंतरराष्ट्रीय विकेट लेने वाले अश्विन का करियर रिकॉर्ड्स से भरा रहा है। टेस्ट में 537 विकेट के साथ उन्होंने भारतीय क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बनाई। आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं...
विस्तार
भारतीय क्रिकेट के दिग्गज ऑफ स्पिनर और पूर्व ऑलराउंडर रविचंद्रन अश्विन गुरुवार को 40 साल के हो गए। इस खास मौके पर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। अश्विन ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी फिरकी से कई यादगार मुकाबलों में भारत को जीत दिलाई और अपने दौर के सबसे प्रभावी स्पिनरों में जगह बनाई।
765 अंतरराष्ट्रीय विकेट, 6 टेस्ट शतक
अश्विन ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में कुल 287 मैचों में 765 विकेट हासिल किए। उनके नाम टेस्ट क्रिकेट में 537, वनडे में 156 और टी20 अंतरराष्ट्रीय में 72 विकेट हैं। इसके अलावा उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 4,394 रन बनाए, जिसमें टेस्ट क्रिकेट के छह शतक शामिल हैं। बीसीसीआई ने एक्स पर पोस्ट कर अश्विन को जन्मदिन की बधाई देते हुए उनके आंकड़ों और उपलब्धियों को याद किया। बोर्ड ने बताया कि अश्विन भारत की 2011 विश्व कप और 2013 चैंपियंस ट्रॉफी विजेता टीम का हिस्सा रहे हैं।
2️⃣8️⃣7️⃣ int'l matches 🙌
7️⃣6️⃣5️⃣ int'l wickets 🫡
4️⃣3️⃣9️⃣4️⃣ int'l runs including 6️⃣ Test hundreds 👏
Winner of ICC Men's ODI World Cup 2011 and ICC Champions Trophy 2013 🏆
Here's wishing #TeamIndia great Ravichandran Ashwin @ashwinravi99 a very happy birthday 🎂🥳 pic.twitter.com/lMfW0S6Dpyविज्ञापन विज्ञापन— BCCI (@BCCI) September 17, 2026
अश्विन ने 2010 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा था। इसके बाद उन्होंने खास तौर पर टेस्ट क्रिकेट में भारतीय टीम के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 106 टेस्ट मैचों में उनके नाम 537 विकेट हैं। उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 37 बार एक पारी में पांच या उससे ज्यादा विकेट लिए, जबकि आठ बार मैच में 10 विकेट हासिल किए।
वनडे क्रिकेट में अश्विन ने 116 मुकाबलों में 156 विकेट लिए। उनका गेंदबाजी औसत 33.20 और इकॉनमी रेट 4.93 रहा। वनडे में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 4/25 रहा। वहीं, टी20 अंतरराष्ट्रीय में उन्होंने 65 मैच खेले और 72 विकेट हासिल किए। इस फॉर्मेट में उनका औसत 23.22 और इकॉनमी रेट 6.90 रहा। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 4/8 है।
टेनिस बॉल क्रिकेट से सीखे हुनर को अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाया
चेन्नई की गलियों में टेनिस बॉल क्रिकेट खेलते हुए अश्विन ने कई तरह की गेंदों पर काम किया। इनमें उनकी खास 'सोडुक्कु बॉल' भी शामिल थी, जिसे उंगलियों की मदद से लेग ब्रेक की तरह डाला जाता है। बाद में उन्होंने इन तकनीकों को टेस्ट क्रिकेट में भी इस्तेमाल किया और अपनी गेंदबाजी में लगातार नए प्रयोग किए। अश्विन खेल की बारीकियों को समझने और गेंदबाजी में लगातार सुधार करने के लिए जाने जाते रहे। परिस्थितियों के हिसाब से गेंदबाजी में बदलाव करना और बल्लेबाजों की कमजोरियों को पहचानना उनके खेल की बड़ी ताकत रही।
अश्विन भारत की 2011 वनडे विश्व कप विजेता टीम में शामिल थे। हालांकि उस टूर्नामेंट में उन्हें ज्यादा मौके नहीं मिले और हरभजन सिंह को प्राथमिकता दी गई। इसके चार साल बाद 2015 विश्व कप में अश्विन भारतीय टीम के प्रमुख गेंदबाजों में शामिल रहे। उन्होंने आठ मुकाबलों में 13 विकेट हासिल किए और टीम के सेमीफाइनल तक पहुंचने में अहम भूमिका निभाई।
टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी अश्विन ने कई महत्वपूर्ण मौकों पर अपनी छाप छोड़ी। 2014 विश्व टी20 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उन्होंने शानदार गेंदबाजी करते हुए 4 विकेट देकर 11 रन खर्च किए। पूरे टूर्नामेंट में उन्होंने 11 विकेट हासिल किए। भारतीय टीम इस प्रतियोगिता के फाइनल तक पहुंची थी, जहां उसे श्रीलंका के हाथों हार का सामना करना पड़ा।
अश्विन ने 2024 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लिया। वह भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों की सूची में अनिल कुंबले के बाद दूसरे स्थान पर हैं। संन्यास से पहले भी अश्विन का प्रदर्शन प्रभावशाली रहा। 2024 में इंग्लैंड और बांग्लादेश के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज में उन्होंने सात मुकाबलों में 37 विकेट हासिल किए। अपने लंबे करियर में अश्विन ने टेस्ट क्रिकेट में भारत की गेंदबाजी को नई पहचान देने में अहम भूमिका निभाई।